NEET UG 2026: राउंड 2 सीट अपग्रेड और वेरिफिकेशन का आज आखिरी मौका, ऐसे चेक करें अपना स्टेटस

Published on 19 सित॰ 2026

NEET UG 2026 के राउंड 2 में सीट अपग्रेड का विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन शनिवार, 19 सितंबर 2026 तक मेडिकल संस्थान पूरा कर रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया मेडिकल काउंसिल कमेटी (MCC) के 'फ्रीज एंड फ्लोट' (Freeze and Float) सिस्टम के तहत संचालित हो रही है। MCC आज जॉइन कर चुके उम्मीदवारों का डेटा शेयर करेगा, जिसके बाद एडमिशन कन्फर्मेशन या किसी गड़बड़ी (discrepancy) का स्टेटस कैंडिडेट डैशबोर्ड पर दिखाई देने लगेगा। इसी के आधार पर तय होगा कि 22 सितंबर से शुरू हो रहे राउंड 3 से पहले उम्मीदवार की सीट सुरक्षित रहती है या नहीं।

'फ्लोट' विकल्प चुनने का मतलब है कि उम्मीदवार ने राउंड 2 की अलॉटेड सीट तो स्वीकार कर ली है, लेकिन वह राउंड 3 में बेहतर सीट के लिए अपग्रेडेशन चाहता है। ऐसे उम्मीदवारों को ऑनलाइन सहमति जमा करनी होती है, मांगे गए डॉक्यूमेंट्स स्कैन करके अपलोड करने होते हैं और पोर्टल पर संस्थान के वेरिफिकेशन का इंतजार करना होता है। MCC ने साफ किया है कि इस स्टेज पर उम्मीदवारों को फिजिकली रिपोर्ट करने की जरूरत नहीं है। उनके पोर्टल पर स्टेटस 'Confirmed' (कन्फर्म) या 'Query' (क्वेरी) के रूप में दिखेगा।

NEET UG 2026: राउंड 2 वेरिफिकेशन स्टेटस चेक करें

NEET UG 2026 राउंड 2 FLOAT वेरिफिकेशन: ऐसे करें स्टेटस चेक और सुधार

अपना स्टेटस चेक करने के लिए MCC पोर्टल पर लॉगिन करें और राउंड 2 अलॉटमेंट पेज खोलें। यहां इंस्टीट्यूट वेरिफिकेशन या रिपोर्टिंग सेक्शन में जाकर देखें कि वहां हरा कन्फर्मेशन दिख रहा है या लाल रंग में कोई क्वेरी है। अगर रिमार्क में किसी जानकारी के न मिलने या डॉक्यूमेंट्स साफ न होने की बात कही गई है, तो तय समय सीमा के भीतर फिर से साफ स्कैन कॉपी अपलोड कर दें। इसके बाद नोडल अधिकारी के अप्रूवल का इंतजार करें। जब तक आपको लिखित में न बुलाया जाए, तब तक कॉलेज न जाएं।

NEET UG 2026 राउंड 3 की तारीखें और सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्ती के नियम

राउंड 3 के लिए रजिस्ट्रेशन 22 से 27 सितंबर तक चलेंगे, जबकि चॉइस फिलिंग 28 सितंबर दोपहर 12 बजे तक की जा सकेगी। सीट अलॉटमेंट 30 सितंबर को जारी होगा और उम्मीदवारों को 1 से 9 अक्टूबर के बीच रिपोर्टिंग करनी होगी। ध्यान दें कि राउंड 3 में फिजिकली उपस्थित होकर रिपोर्ट करना अनिवार्य है। सीट मिलने के बाद जॉइन न करने पर आपकी सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि जब्त कर ली जाएगी और काउंसलिंग से बाहर कर दिया जाएगा। MCC के नियमों के तहत, राउंड 2 के बाद से काउंसलिंग छोड़ने पर डिपॉजिट जब्ती का नियम लागू होता है, जिसमें डॉक्यूमेंटेशन की गड़बड़ी के कारण एडमिशन कैंसिल होना भी शामिल है।

उम्मीदवार अपने पास सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की साफ डिजिटल कॉपी तैयार रखें। इनमें NEET स्कोरकार्ड, एडमिट कार्ड, सरकारी फोटो आईडी, हाल की तस्वीरें, 10वीं और 12वीं की मार्कशीट/सर्टिफिकेट, कैटेगरी या EWS सर्टिफिकेट (यदि लागू हो), PwBD सर्टिफिकेट और संस्थान से जुड़े फॉर्म शामिल हैं। आमतौर पर, ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के लिए रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट 10,000 रुपये और डीम्ड यूनिवर्सिटीज के लिए 2,00,000 रुपये है। तय फाइल साइज सीमा के भीतर ही साफ PDF अपलोड करें और अपडेट्स के लिए आज अपने डैशबोर्ड को लगातार चेक करते रहें।

अगर आज का डेटा शेयर होने के बाद भी आपका डैशबोर्ड 'Pending' दिखा रहा है, तो पोर्टल चेक करते रहें। जैसे ही इंस्टीट्यूट का कोई रिमार्क दिखे, बिना देर किए जवाब दें। जिन छात्रों ने राउंड 2 के बाद सीट अपग्रेड कराने का विकल्प नहीं चुना था, उन्हें राउंड 3 के लिए फिर से रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके अलावा, राउंड 2 की सीट जॉइन करने के बाद इस्तीफा देने वाले उम्मीदवारों को दोबारा सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होगा। MCC के FAQs और आधिकारिक नियमों में यह स्पष्ट रूप से बताया गया है।