Updated On: Jul 30, 2026 | 08:27 PM IST
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सार
NEET Re Exam Result: बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने NEET री-एग्जाम रिजल्ट के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज कीं। ओएमआर शीट जांच में रिजल्ट सही मिला, याचिकाकर्ताओं पर ₹5,000 जुर्माना।

बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ (सोर्स: सोशल मीडिया)
विस्तार
NEET Re Exam Result Bombay High Court Dismisses Petitions: नीट पुनर्परीक्षा के परिणाम को चुनौती देने वाले विद्यार्थियों को मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को न्यायालय ने चारों याचिकाएं खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा घोषित परिणाम पूरी तरह सही और उत्तरपुस्तिकाओं के अनुरूप है। अदालत ने यह भी माना कि याचिकाओं में लगाए गए आरोप तथ्यों से मेल नहीं खाते। इसके साथ ही प्रत्येक याचिकाकर्ता पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। सुनवाई के दौरान दो विद्यार्थियों ने अपनी याचिका वापस ले ली।
पेपर लीक प्रकरण के बाद देशभर में आयोजित नीट पुनर्परीक्षा का परिणाम घोषित होने के पश्चात चार विद्यार्थियों ने दावा किया था कि उनकी उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही ढंग से नहीं किया गया तथा घोषित अंक वास्तविक प्रदर्शन से मेल नहीं खाते। इस आधार पर ऋचा प्रफुल्ल देशपांडे, सोहम नितीन गावते, अथर्व नरेंद्र जगताप और राहुल अरुण नाग ने मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ में याचिकाएं दायर की थीं।
अदालत ने मंगवाई मूल उत्तरपुस्तिकाएं
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एन. बी. सूर्यवंशी और न्यायमूर्ति आबासाहेब शिंदे की खंडपीठ के समक्ष हुई। प्रारंभिक सुनवाई में अदालत ने एनटीए को नोटिस जारी कर संबंधित विद्यार्थियों की मूल उत्तरपुस्तिकाएं प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि वास्तविक अभिलेखों की जांच के बाद ही मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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विद्यार्थियों, अभिभावकों और वकीलों के सामने हुई जांच
गुरुवार को सुनवाई के दौरान एनटीए ने सभी मूल उत्तरपुस्तिकाएं न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कीं। खंडपीठ ने स्वयं उत्तरपुस्तिकाओं का परीक्षण किया। इतना ही नहीं, संबंधित विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा अधिवक्ताओं को भी मूल उत्तरपुस्तिकाएं देखने और उनकी जांच करने का अवसर दिया गया। विस्तृत जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि उत्तरपुस्तिकाओं में दर्ज उत्तरों के आधार पर ही अंक दिए गए हैं तथा एनटीए द्वारा घोषित परिणाम में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है।
न्यायालय ने याचिकाओं को बताया निराधार
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सभी दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद खंडपीठ ने कहा कि एनटीए द्वारा घोषित परिणाम सही है और याचिकाओं में लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हो सके। अदालत ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। सुनवाई के दौरान दो याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस लेने का निर्णय भी लिया।
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गलत जानकारी के आधार पर याचिका दायर करने पर जुर्माना
खंडपीठ ने टिप्पणी की कि अपूर्ण और गलत तथ्यों के आधार पर न्यायालय का समय व्यर्थ नहीं किया जा सकता। इसी कारण प्रत्येक याचिकाकर्ता पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया गया।
एनटीए और केंद्र सरकार की ओर से उप सॉलिसिटर जनरल अजय तल्हार तथा अधिवक्ता रोहित सर्वज्ञ ने पक्ष रखा। न्यायालय के इस फैसले के बाद नीट पुनर्परीक्षा के परिणाम को लेकर चल रहा विवाद समाप्त हो गया है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
