'Nana Patekar मरे नहीं', बेटे मल्हार का शॉकिंग बयान, रात में ही क्यों हुआ एक्टर का अंतिम संस्कार?

Published on 9 अक्टू॰ 2026

Time Published: Friday, October 9, 2026, 10:33 [IST]

Nana Patekar Funeral: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। नाना पाटेकर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुणे स्थित उनके फार्महाउस पर एक्टर को अंतिम विदाई देने के लिए फिल्मी स्टार्स, राजनेताओं और फैंस की भीड़ उमड़ी थी। इस दौरान नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि परिवार ने उसी दिन रात में अंतिम संस्कार करने का फैसला क्यों लिया। साथ ही उन्होंने पिता की विरासत और उनके अधूरे सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने की बात भी कही।

राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर
जानकारी के अनुसार हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गत 8 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) रात पुणे के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान अभिनेता को गन सैल्यूट देकर अंतिम विदाई दी गई।

Nana Patekar

सेलेब्स, राजनेता से लेकर आम लोगों ने दी श्रद्धांजलि

-नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर उनके फार्महाउस पर लाया गया था, जहां परिवार के सदस्यों, करीबियों और फैंस ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपने पसंदीदा कलाकार की आखिरी झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। फिल्म जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने भी अंतिम संस्कार में शामिल होकर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।

-इस मौके पर एक्टर जैकी श्रॉफ, निर्देशक अनिल शर्मा और अनीस बज्मी के अलावा निर्माता फिरोज नाडियाडवाला भी मौजूद रहे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई नेताओं ने भी एक्टर को श्रद्धांजलि दी।

रात में क्यों किया गया नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार?

-नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार रात में किए जाने को लेकर कई लोगों के मन में सवाल उठे हैं। आमतौर पर हिंदू परंपराओं में सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार से बचने की मान्यता है। ऐसे में परिवार के इस फैसले की वजह जानने की उत्सुकता बढ़ गई।

-अंतिम संस्कार के बाद नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने इस बारे में जानकारी दी। न्यूज एजेंसी एएनआई के वीडियो के मुताबिक बेटे मल्हार ने बताया कि परिवार उस समय गोवा में था और एक्टर के पार्थिव शरीर को पुणे स्थित उनके फार्महाउस तक लाना था। इस पूरी प्रक्रिया में उम्मीद से अधिक समय लग गया।

-मल्हार के मुताबिक परिवार चाहता था कि अंतिम संस्कार जल्द से जल्द संपन्न हो जाए। नाना पाटेकर का निधन गुरुवार सुबह ही हो गया था और तब तक काफी समय बीत चुका था, इसलिए परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। इस तरह परिवार ने परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए गुरुवार रात ही अपने प्रिय सदस्य को अंतिम विदाई दी।

'नाना साहब जैसे लोग कभी हमें छोड़कर नहीं जाते'

-पिता के निधन के बाद मल्हार पाटेकर ने उनकी शख्सियत और विरासत को याद करते हुए भावुक बातें कहीं। उन्होंने कहा कि नाना साहब जैसे लोग अपनी उपलब्धियों और विचारों के जरिए हमेशा जीवित रहते हैं। मल्हार ने कहा- नाना साहब जैसे इंसान हमें कभी छोड़कर नहीं जाते, वो मरे नहीं हैं, जिंदा हैं।

-मल्हार पाटेकर ने अपने पिता के नजरिए का जिक्र करते हुए बताया कि वह लोगों को एकजुट होकर सही दिशा में आगे बढ़ते देखना चाहते थे। उनके विचार केवल फिल्मों या अभिनय तक सीमित नहीं थे बल्कि समाज और देश के भविष्य को लेकर भी उनकी एक स्पष्ट सोच थी।

-मल्हार ने कहा कि परिवार अब नाना पाटेकर के इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए अपने भविष्य की दिशा तय करेगा। उनके मुताबिक पिता ने अपने पीछे केवल फिल्मों की विरासत नहीं छोड़ी बल्कि कई ऐसे सामाजिक कार्य भी छोड़े हैं, जिन्हें पूरा करना परिवार अपनी जिम्मेदारी मानता है।

'पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जारी रहेंगे सामाजिक कार्य'

-नाना पाटेकर एक्टिंग के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी एक्टिव रहे। उनके बेटे मल्हार ने बताया कि परिवार और उनसे जुड़े संगठन पहले से ही पानी के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इसके अलावा कश्मीर में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी पहलों पर भी काम शुरू किया गया था।

-मल्हार के मुताबिक नाना पाटेकर ने अपने जीवन के अंतिम समय में भी इन कामों को लेकर योजनाएं बनाई थीं और संबंधित लोगों को जिम्मेदारियां सौंपी थीं। अब परिवार का प्रयास रहेगा कि उनके द्वारा शुरू किए गए कार्य रुकें नहीं और तय लक्ष्य तक पहुंचें।

-मल्हार ने मराठवाड़ा में चल रहे सामाजिक कार्यों का जिक्र करते हुए बताया कि इस सिलसिले में उनकी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से भी बातचीत हुई। मल्हार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि 'नाम फाउंडेशन' के जरिए चल रहे काम को संगठन के सीईओ गणेश थोराट की देखरेख में आगे बढ़ाया जा रहा है।

-मल्हार ने ये भी बताया कि नाना पाटेकर इन कार्यों को पहले से अधिक तेजी से आगे बढ़ाना चाहते थे। ऐसे में परिवार की कोशिश होगी कि उनकी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर भी पूरी हों।

कार्डियक अरेस्ट के बाद हुआ नाना पाटेकर का निधन

-75 साल के नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) तड़के गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए मनिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की।

-अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक नाना पाटेकर को मृत घोषित करने से पहले करीब 45 मिनट तक सीपीआर (CPR) दिया गया था। उनकी मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराने का आदेश भी दिया गया।

-नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत और फैंस के बीच शोक की लहर दौड़ गई। कई कलाकारों और सार्वजनिक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को याद किया।

नाना पाटेकर ने दमदार अभिनय से बनाई अलग पहचान

-नाना पाटेकर उन कलाकारों में शामिल रहे, जिन्होंने अपने अभिनय से हिंदी और मराठी सिनेमा में अलग पहचान बनाई। गंभीर किरदारों से लेकर पर्दे पर अपने प्रभावशाली डायलॉग तक, उन्होंने कई ऐसी भूमिकाएं निभाईं, जिन्हें दर्शक आज भी याद करते हैं।

-'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'अब तक छप्पन' और 'नटसम्राट' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया। उनकी संवाद अदायगी, किरदारों में उतर जाने की क्षमता और अलग अंदाज ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री के सबसे विशिष्ट अभिनेताओं में जगह दिलाई।

-नाना पाटेकर के जाने से सिनेमा ने एक अनुभवी कलाकार खो दिया है। हालांकि उनकी फिल्मों, अभिनय और सामाजिक कार्यों के जरिए उनकी यादें लंबे समय तक लोगों के बीच बनी रहेंगी। अब उनके बेटे मल्हार पाटेकर और परिवार के सामने उनकी सामाजिक विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है ताकि नाना साहब के देखे गए सपनों को पूरा किया जा सके।