Sun, 09 Aug 2026 05:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sun, 09 Aug 2026 05:43 AM IST
सार
आज नागासाकी में परमाणु हमले के 80 वर्ष पूरे हो गए है। ये हमला इतना दर्दनाक था कि जापान में जो लोग इस हमले में बच गए थे वो आज भी इस दर्द को भूल नहीं पाए हैं।
विज्ञापन
जापान के नागासाकी पर परमाणु हमले के 81 साल। - फोटो : अमर उजाला
विस्तार
6 अगस्त और 9 अगस्त 1945, यह वह दो तारीखें हैं, जब पूरी दुनिया को परमाणु बमों के जोखिम और इनके इस्तेमाल से होने वाले सर्वनाश का पहली और आखिरी बार पता चला था। जहां पहली तारीख हिरोशिमा में अमेरिकी परमाणु हमले की है तो वहीं दूसरी तारीख अमेरिका के ही नागासाकी पर हमले की है। दोनों ही घटनाओं में 1.5 लाख से 2.5 लाख लोगों की जान चली गई थी। आज इन घटनाओं को 81 साल पूरे हो चुके हैं। आइये जानते हैं दुनिया के दो पहले और आखिरी परमाणु हमलों के बारे में।
विज्ञापन
जापान में रोज की तरह एक सामान्य सुबह हुई थी। हर कोई अपने रोजमर्रा के काम को निपटा रहा था। कई लोग दफ्तर जा रहे थे। बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे। तभी जापानी समय के अनुसार 8:15 पर हिरोशिमा शहर के बीच में एक तेज धमाका हुआ, आंखों को अंधा कर देने वाली तेज रोशनी चमकी, आसमान की तरफ एक बड़ा धुएं का गुबार उठा और सब कुछ तबाह हो गया। इस सुबह ने हिरोशिमा के लोगों की जिंदगी में तबाही मचा दी। एक झटके में हजारों लोग मारे गए। यह हिरोशिमा पर परमाणु हमला था जो अमेरिका की तरफ से कराया गया था।
विज्ञापन
इसके बाद 9 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के एक और शहर नागासाकी पर दूसरा परमाणु हमला किया। इन दोनों हमले में लाखों निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस हमला इतना भयानक था कि धमाके की आवाज से लोग बहरे हो गए। इसकी तेज रोशनी ने लोगों की अंधा कर दिया। धमाके से उत्पन्न होने वाली गर्मी से लोगों का चमड़ी पिघल गई थी।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.