Nag Panchami Vrat Katha: नाग ने निभाया भाई का फर्ज, जानें क्यों शुरू हुई नाग पंचमी मनाने की परंपरा?

Published on 17 अग॰ 2026

Kab Hai Nag Panchami 2026: हिंदू धर्म में नाग को भी देवता मानकर पूजा की जाती है। नाग जाति के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए ही हर साल नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार नाग पंचमी अगस्त 2026 में है।

नाग पंचमी की कथा

मिट्टी खोदते समय बड़ी बहू की नजर एक सांप पर पड़ी। अचानक सांप सामने आने से सभी बहुएं घबरा गईं। डर के कारण बड़ी बहू ने सांप पर कुदाली चला दी, जिससे वह घायल हो गया। बाकी महिलाएं वहां से चली गईं, लेकिन छोटी बहू का मन उस सांप को देखकर दुखी हो गया।
उसने घायल नाग को उठाकर सुरक्षित जगह पर रख दिया और उसके ठीक होने की कामना करते हुए घर लौट आई। अगले दिन जब वह उसी स्थान पर पहुंची तो सांप पूरी तरह स्वस्थ हो चुका था। छोटी बहू की दया और सेवा से नाग बहुत प्रभावित हुआ।
नाग ने उसके इस उपकार को कभी न भूलने का निश्चय किया और उसे अपनी बहन मान लिया। कुछ समय बाद वह मनुष्य का रूप धारण करके छोटी बहू के घर पहुंचा। उसने परिवार वालों से कहा कि वह छोटी बहू का भाई है और उसे कुछ दिनों के लिए अपने घर ले जाना चाहता है। परिवार ने उसे अपना भाई समझकर छोटी बहू को उसके साथ भेज दिया।
नाग अपनी बहन को घर ले गया और वहां उसकी खूब सेवा की। उसने बहन को किसी चीज की कमी नहीं होने दी। जब छोटी बहू के वापस जाने का समय आया तो नाग ने उसे कई मूल्यवान वस्तुएं और एक सुंदर मणियों का हार उपहार में दिया।
उस हार की चर्चा दूर-दूर तक फैल गई। जब राज्य की रानी को उसके बारे में पता चला तो उसने वह हार छोटी बहू से मंगवा लिया। नागदेवता को जब यह बात पता चली तो वे रानी के पास पहुंचे और पूरी सच्चाई बताई। रानी को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने हार छोटी बहू को वापस कर दिया।
घर लौटने के बाद छोटी बहू ने अपने परिवार को पूरी घटना बताई। परिवार ने नागदेवता के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और उनकी विधि-विधान से पूजा की। मान्यता है कि इसी घटना की स्मृति में नाग पंचमी पर नागदेवता की पूजा और उनकी कथा सुनने की परंपरा चली आ रही है।

Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।