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खाड़ी युद्ध: ट्रंप ने शुरू की ईरान की 'नौसैनिक नाकेबंदी', जवाब में ईरान ने मार गिराया अमेरिकी MQ-1 ड्रोन!
Iran Shoot Down US Drone MQ 1: मिडिल ईस्ट (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और वैश्विक सुरक्षा को हिला देने वाली खबर आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब एक पूर्ण पैमाने के युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कड़े कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान की 'नौसैनिक नाकेबंदी' (Naval Blockade) लागू करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
ट्रंप के इस बड़े कदम के ठीक बाद, ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज के आसमान में उड़ान भर रहे एक अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन (US MQ-1 Drone) को मार गिराया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा ऐलान: 'ईरान के लिए रास्ते पूरी तरह बंद'
व्हाइट हाउस में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका, ईरान की आक्रामक सैन्य क्षमता को पूरी तरह खत्म करने जा रहा है।
केवल ईरान के लिए नाकेबंदी
ट्रंप ने कहा, 'हम होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकेबंदी (Blockade) वापस लगा रहे हैं। यह नाकेबंदी किसी अन्य देश के लिए नहीं, सिर्फ ईरान के लिए है। इसका सीधा मतलब है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार या धंधा कर रहा है, उसका जहाज यहां से नहीं गुजर सकेगा। बाकी पूरी दुनिया के कमर्शियल जहाज आ-जा सकते हैं।'
ट्रंप ने दावा किया कि पिछले 4 महीनों में अमेरिकी हमलों ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को लगभग खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की ड्रोन बनाने की क्षमता को 92% और मिसाइल उत्पादन क्षमता को 89% तक नष्ट कर दिया है।
ईरान का पलटवार: अमेरिकी घातक ड्रोन को मार गिराने का दावा
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग' (IRIB) के अनुसार, अमेरिकी नाकेबंदी के कुछ ही घंटों के भीतर IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक जलमार्ग के ऊपर अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी है कि ड्रोन को गिराने के लिए किस मिसाइल डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। इस दावे पर अभी तक अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) या व्हाइट हाउस की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ईरान के भीतर लगातार तीसरे दिन अमेरिकी बमबारी
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने लगातार तीसरी रात ईरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया 'मेहर न्यूज एजेंसी' के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुजेस्तान के ओमीदियेह इलाके में अमेरिकी मिसाइलें गिरी हैं, जिसमें कम से कम 4 लोग घायल हुए हैं।
वहीं, ईरान के दक्षिणी और रणनीतिक शहर बुशहर में स्थानीय समयानुसार तड़के 3:10 बजे भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरा इलाका दहल उठा।
चरमराई ईरान की अर्थव्यवस्था; समझौते की डील टूटी
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि दो दिन पहले अमेरिका और तेहरान के बीच एक समझौता (Deal) होने वाला था, लेकिन ईरान ने आखिरी वक्त पर और बातचीत की मांग करके उसे तोड़ दिया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई के कारण पिछले 4 महीनों में ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। चार महीने पहले वहां महंगाई दर (Inflation) 5% थी, जो अब बढ़कर 350% के पार पहुंच चुकी है।
होर्मुज में गहराता संकट
यह पूरा घटनाक्रम तब और जटिल हो गया है जब यूएई (UAE) के दो तेल टैंकरों पर ईरानी मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी। अब ट्रंप द्वारा ईरान की आर्थिक और सैन्य घेराबंदी (Blockade) के ऐलान और ईरान द्वारा अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने के बाद खाड़ी क्षेत्र में किसी भी वक्त एक बड़े वैश्विक युद्ध की चिंगारी भड़क सकती है।
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नितिन अरोड़ा author
नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें
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