MP Laptop Distribution: 1.21 लाख विद्यार्थियों के खातों में पहुंचे 25-25 हजार रुपए, CM बोले- सफलता सिर पर न चढ़ने दें - Haribhoomi

Published on 1 सित॰ 2026

मध्यप्रदेश में लैपटॉप योजना के तहत 1 लाख 21 हजार 804 मेधावी विद्यार्थियों के खातों में 25-25 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए और सफलता को सिर पर नहीं चढ़ाने की सलाह दी।

MP Laptop Scheme

1.21 लाख विद्यार्थियों के खातों में पहुंचे 25-25 हजार रुपए

  • Published: 01 Sep 2026, 01:47 PM IST
  • Last Updated: 01 Sep 2026, 01:47 PM IST

भोपाल: मध्यप्रदेश में मेधावी विद्यार्थियों के लिए लैपटॉप योजना के तहत 1 लाख 21 हजार 804 विद्यार्थियों के खातों में 25-25 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 विद्यार्थियों को लैपटॉप भी वितरित किए। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता और असफलता से जुड़ा मंत्र दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे अंक उपलब्धि जरूर हैं, लेकिन सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देना चाहिए। असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य तय करने और चुनौतियों से नहीं घबराने की अपील की। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ नॉलेज और स्किल पर भी ध्यान देना जरूरी है। उनका संदेश था- “आज लर्न करोगे तो कल अर्न करोगे।”

473 विद्यार्थियों से शुरू हुई थी योजना
सीएम ने बताया कि मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना की शुरुआत 473 विद्यार्थियों से हुई थी। अब इसका दायरा बढ़कर 1 लाख 21 हजार 804 विद्यार्थियों तक पहुंच गया है। योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लैपटॉप सिर्फ एक उपकरण नहीं है, बल्कि डिजिटल लर्निंग, ई-लाइब्रेरी और उच्च शिक्षा में ज्ञान बढ़ाने का माध्यम है।

लैपटॉप क्रय हेतु प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राशि का वितरण...

आज भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में प्रथम प्रयास में 75% या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 1.21 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में ₹304 करोड़ से अधिक राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया।

प्रदेश के सभी… pic.twitter.com/hIbAO6bvBv

— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 1, 2026

पत्थर और खिलाड़ी का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस पत्थर में छेनी-हथौड़ी की चोट सहने की क्षमता होती है, वही आगे चलकर सुंदर मूर्ति बनता है। इसी तरह जीवन की कठिनाइयां व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी मैदान में उतरता है, वही हारता और जीतता है। इसलिए युवाओं को चुनौतियों से बचने के बजाय उनका सामना करना चाहिए।

छात्रों ने बताए अपने लक्ष्य
12वीं में 97.2% अंक पाने वाले धीरेंद्र सिंह मुंडेला ने बताया कि उनका लक्ष्य पहले UPSC की तैयारी करना और इसके बाद राजनीति में आकर देश के विकास में योगदान देना है। वहीं 95% अंक हासिल करने वाली हिमांशी पाठक ने एंटरप्रेन्योर बनने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि पहले एयर होस्टेस के रूप में काम करने के बाद अपना बिजनेस शुरू करना चाहती हैं।

6 लाख विद्यार्थियों को मिल चुका लाभ
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि योजना शुरू होने के बाद करीब 6 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। सरकार इस योजना पर करीब 1620 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। योजना 2009-10 में शुरू हुई थी और उस समय पात्रता के लिए 85% अंक जरूरी थे। बाद में इसे घटाकर 75% किया गया। मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है और ड्रॉपआउट घटा है। साथ ही करीब 18 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है।