मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने छात्रों को डिजिटल माध्यम से बेहतर पढ़ाई की सुविधा देने के लिए e-GyanSetu YouTube चैनल की शुरुआत की है। इस चैनल पर स्नातक स्तर के विभिन्न विषयों के ई-कंटेंट वीडियो उपलब्ध कराए जाएंगे। वीडियो शासकीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के प्राध्यापकों व सहायक प्राध्यापकों द्वारा तैयार किए गए हैं।
डिजिटल माध्यम से बेहतर पढ़ाई की सुविधा देने के लिए e-GyanSetu YouTube चैनल की शुरुआत
- Published: 09 Sep 2026, 09:49 AM IST
- Last Updated: 09 Sep 2026, 09:49 AM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश के कॉलेज छात्रों के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने डिजिटल पढ़ाई की दिशा में नई पहल शुरू की है। अब स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों की पढ़ाई के लिए e-GyanSetu YouTube चैनल पर ई-कंटेंट वीडियो उपलब्ध कराए जाएंगे। इन वीडियो को प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के प्राध्यापकों व सहायक प्राध्यापकों से तैयार कराया गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार 9 सितंबर को शाम 5 बजे ई-वीडियो कंटेंट के प्रकाशन की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण Google Meet और e-GyanSetu YouTube चैनल के माध्यम से किया जाएगा।
2,305 वीडियो शूट, 954 का एडिटिंग काम पूरा
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रदेश में ई-कंटेंट तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। अब तक 2,305 वीडियो शूट किए जा चुके हैं, जबकि इनमें से 954 वीडियो का एडिटिंग कार्य पूरा हो चुका है। जिन वीडियो का विषयवस्तु और गुणवत्ता परीक्षण पूरा हो जाएगा, उन्हें चरणबद्ध तरीके से YouTube चैनल पर अपलोड किया जाएगा।
— Higher Education Department, MP (@highereduminmp) September 8, 2026
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि छात्र अपनी सुविधा के अनुसार मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट या दूसरे डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई कर सकेंगे। वे किसी कठिन टॉपिक को बार-बार देख और समझ सकेंगे। इससे छात्रों को अपनी गति के अनुसार पढ़ने और परीक्षा की तैयारी करने में भी मदद मिलेगी।
कला, विज्ञान और वाणिज्य के विषय शामिल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 की भावना के अनुरूप प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों में स्थापित 10 डिजिटल स्टूडियो के माध्यम से ई-कंटेंट तैयार किया जा रहा है। इनमें स्नातक स्तर के विभिन्न पाठ्यक्रमों और विषयों को शामिल किया गया है। कला, विज्ञान और वाणिज्य सहित कई विषयों के वीडियो लेक्चर तैयार किए जा रहे हैं।
वीडियो को छात्रों के लिए ज्यादा आसान और रोचक बनाने के लिए ग्राफिक्स और डिजिटल विजुअल्स का भी इस्तेमाल किया गया है। कंटेंट तैयार करने की जिम्मेदारी सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को दी गई है।
वैलिडेशन के बाद ही YouTube पर होगा प्रकाशन
ई-कंटेंट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वीडियो को वैलिडेशन बोर्ड के सामने रखा जाता है। बोर्ड विषयवस्तु, पाठ्यक्रम के अनुरूप सामग्री और शैक्षणिक गुणवत्ता की जांच करता है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही संबंधित वीडियो छात्रों के लिए जारी किए जाएंगे।
खास बात यह है कि विद्यार्थियों की भाषाई सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। बघेली, बुंदेली, मराठी और संस्कृत जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में भी वीडियो तैयार किए गए हैं। इससे अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को अपनी भाषा में पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी।