लखनऊ के काकोरी स्थित शीतला मंदिर में जीर्णोद्धार के भूमिपूजन के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया. मलिहाबाद से बीजेपी विधायक जय देवी कौशल ने पासी समाज से होने के कारण मंदिर प्रशासन पर अपमान और भेदभाव करने का आरोप लगाया है, जबकि मंदिर प्रबंधक ने आरोपों को खारिज किया है. वहीं, अब लाखन आर्मी के चीफ सूरज पासी आज 11.30 बजे शीतला देवी मंदिर पूजा करने जाएंगे. उनका कहना है कि देखता हूं कि मुझे शीतला देवी मंदिर में पूजा करने से कौन रोकता है. इसको लेकर मामला काफी गरमा गया है.
जानें पूरा मामला
दरअसल, लखनऊ के काकोरी कस्बे में स्थित शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम के दौरान मलिहाबाद से बीजेपी विधायक जय देवी कौशल के साथ कथित तौर पर अपमान और भेदभाव की घटना हुई. आरोप है कि बुधवार को आयोजित भूमिपूजन और शिलान्यास समारोह के दौरान विधायक को अनुष्ठान में बैठने नहीं दिया गया और लगातार खड़ा रखा गया. जय देवी के प्रयासों से पर्यटन विभाग ने मंदिर के लिए 76 लाख रुपये मंजूर किए थे. पासी समाज से होने के कारण उन्हें अगरबत्ती जलाने और नारियल फोड़ने से रोका गया. इस घटना के विरोध में विधायक, उनके बेटे और आजाद समाज पार्टी ने मोर्चा खोला, जिसके बाद पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को संभाला.
भाजपा में ‘पीडीए’ स्थान तो पा सकता है लेकिन ‘सम्मान’ नहीं।
यदि संपूर्ण पीडीए समाज के लोग अपने-अपने व्यक्तिगत स्वार्थ और लाभ का त्याग करके एकजुट हो जाएं तो पीडीए सरकार सदैव के लिए आ जाए। फिर किसी भी समाज का कोई भी व्यक्ति ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ नहीं होगा क्योंकि ‘पीडीए’ का मूल… pic.twitter.com/l2ybkYIB4Q
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— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 20, 2026
पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की पत्नी विधायक जय देवी ने बताया कि उनके प्रयासों से जीर्णोद्धार की राशि स्वीकृत हुई थी, फिर भी उन्हें पूजा नहीं करने दी गई. वह इसकी शिकायत आलाकमान से करेंगी. विधायक के बेटे विकास किशोर ने सोशल मीडिया पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया. वहीं, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने भी इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताया है. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर रिएक्ट किया है.
हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
मामले ने तूल पकड़ा तो आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय भारती कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया. स्थिति बिगड़ते देख काकोरी इंस्पेक्टर सतीश राठौर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया. कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष रोहित साहू, मंडल अध्यक्ष विपिन राजपूत समेत कई लोग मौजूद थे.
मंदिर प्रबंधक ने खारिज किए सभी दावे
दूसरी तरफ, मंदिर प्रबंधक रमाकांत गुप्ता ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि मंदिर के कपाट सभी जातियों और वर्गों के लिए खुले हैं और किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं हुआ है. पुजारी शैलेंद्र बाजपेयी विधि-विधान करा रहे थे, जबकि प्रबंधक मंत्रों का उच्चारण कर रहे थे.
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