By Oneindia Staff
Published: Monday, October 26, 2026, 18:51 [IST]
दिल्ली में पशु कल्याण कार्यकर्ता जगृति मिश्रा के एनिमल शेल्टर पर तोड़फोड़ का मामला अब नगर निगम के अधिकारी पर कार्रवाई तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सख्त रुख के एक दिन बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने जूनियर इंजीनियर विकास कुमार गुप्ता को सस्पेंड कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने जगृति मिश्रा से मुलाकात के दौरान मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया था। साथ ही उनके शेल्टर के लिए आर्थिक मदद देने का ऐलान भी किया था।
MCD ने क्यों किया जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड?
MCD के आदेश में कहा गया है कि आउटर नॉर्थ जोन में बिल्डिंग विभाग के जूनियर इंजीनियर विकास कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। उनका BMID नंबर 40033050 है। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
निलंबन के दौरान विकास कुमार गुप्ता को नियमों के मुताबिक गुजारा भत्ता मिलेगा। वह बिना अनुमति अपना स्टेशन नहीं छोड़ सकेंगे। इस अवधि में उनका मुख्यालय आउटर नॉर्थ जोन के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर का कार्यालय तय किया गया है। यानी फिलहाल उन्हें सामान्य ड्यूटी से हटाकर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया के दायरे में रखा गया है।
रेखा गुप्ता ने जगृति मिश्रा को क्या भरोसा दिया?
इससे पहले रविवार (25 अक्तूबर) को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जगृति मिश्रा से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि सरकार पशु कल्याण कार्यकर्ता को हर संभव मदद देगी। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर बताया कि जूनियर इंजीनियर के आचरण की जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
रेखा गुप्ता ने जिला मजिस्ट्रेट को भी जगृति मिश्रा की मदद करने और उनके लिए एनिमल शेल्टर स्थापित कराने में सहयोग देने को कहा। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिया गया। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार नागरिकों को परेशान करने या अधिकारों के गलत इस्तेमाल को बर्दाश्त नहीं करेगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
रिश्वत के आरोप से कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
यह विवाद रिश्वतखोरी के आरोपों से शुरू हुआ था। इसके बाद जगृति मिश्रा के एनिमल शेल्टर पर बुलडोजर कार्रवाई हुई। अब इस मामले में विभागीय जांच, पुलिस कार्रवाई और शेल्टर के लिए मदद जैसे कदम सामने आए हैं।
रिश्वत के आरोपों और तोड़फोड़ की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम जांच नतीजा सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपों को फिलहाल साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।
AAP ने भी मामले से बनाई दूरी
इस मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने भी जगृति मिश्रा से मुलाकात की। AAP ने अपने X बयान में कहा कि पार्टी का कथित रिश्वतखोरी या शेल्टर पर तोड़फोड़ से कोई संबंध नहीं है।
पार्टी के मुताबिक, मुलाकात के दौरान जगृति मिश्रा ने अपने बयान पर अफसोस जताया और इस मामले को लेकर बनी गलतफहमी दूर हो गई। फिलहाल जूनियर इंजीनियर का निलंबन शुरुआती प्रशासनिक कदम है। मामले की असली तस्वीर विभागीय जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही साफ होगी।