भोपाल से चल रहा था MBBS एडमिशन घोटाला, किसी को पता ही नहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस ने पकड़ा

Published on 24 सित॰ 2026

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Updesh Awasthee

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9/24/2026 11:06:00 PM

भोपाल, 24 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाला अभी भी जारी है। फर्क केवल इतना है कि अब कूटरचित दस्तावेज के आधार पर भोपाल के प्राइवेट मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी में MBBS एडमिशन करवाई जा रहे हैं। इसके लिए कैंडिडेट से 45 लाख रुपए लिए जाते थे। इसका खुलासा किसी मेडिकल कॉलेज द्वारा की गई दस्तावेजों की जांच में नहीं हुआ बल्कि छत्तीसगढ़ की SIT ने किया है। उन्होंने भोपाल से एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है। 

फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनाकर एडमिशन दिलाते थे

आरोपी की पहचान खजूरी कलां पिपलानी निवासी धीरज कुमार श्रीवास्तव (37) के रूप में हुई है, जो भोपाल में कंसल्टेंसी आड़ में फर्जीवाड़े का बड़ा नेटवर्क चला रहा था। इस मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब 13 सितंबर को रायपुर और क्लेमेनटाउन थानों में कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के जरिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने और उनके आधार पर MBBS में प्रवेश प्राप्त करने के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस इस मामले में पहले ही बिहार निवासी रूपेश पंडित और हरिद्वार निवासी अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है।

45 लाख में MBBS की सीट का सौदा हो रहा था

पूछताछ में सामने आया था कि रूपेश ने तीन अभ्यर्थियों से MBBS में दाखिला दिलाने के नाम पर 45-45 लाख रुपये का सौदा किया था। पुलिस ने रूपेश के मेरठ स्थित आवास से फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने के एवज में लिए गए 8 लाख रुपये भी बरामद किए थे। जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार धीरज श्रीवास्तव (भोपाल) के खजूरी कला रोड पिपलानी में mbsway नाम से कंसल्टेंसी चलाता था। उसका भोपाल में एक व्यापक नेटवर्क था, जिसकी मदद से वह अभ्यर्थियों के लिए फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र तैयार करवाता था।

भोपाल का धीरज, सिंडिकेट का सदस्य था

पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि धीरज, रूपेश पंडित के लगातार संपर्क में था और कमीशन के आधार पर विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीबीए और बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश करवाता था। एसआईटी ने आरोपित के पास से 5.58 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं। फिलहाल, भोपाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सहयोगियों और संपर्कों की गहरी छानबीन करने में जुटी हुई है।

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