क्या मिलने वाली है LTCG-STT पर राहत? वित्त मंत्री ने दिए बड़े संकेत, बाजार झूमा

Published on 13 अक्टू॰ 2026

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि वह LTCG और STT पर सभी हितधारकों की राय सुनने के लिए उत्सुक हैं, क्योंकि यह एक ऐसा मुद्दा है कि जिस पर भारत के भीतर ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर भी बहुत से लोग टिप्पणी कर रहे हैं. नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में इस मुद्दे पर बोलते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि LTCG-STT पर निवेशकों के हमारी बातचीत हुई है और इन जरूरी मुद्दों पर चर्चा करना सही और स्वस्थ कदम है. उनके इस बयान का सीधा असर शेयर बाजार पर देखने को मिला, जो अचानक रॉकेट बन गया.

टैक्स घटाने या हटाने पर बात नहीं
FM निर्मला सीतारमण ने कहा कि खासतौर पर LTCG पर भारतीय और विदेशी, दोनों तरह के निवेशक काफी कमेंट कर रहे हैं. शेयर मार्केट में STT और सभी एसेट क्लास के साथ एक जैसा व्यवहार करने के सवाल पर बहस हो रही है और ऐसी बहस होना अच्छी बात भी है. हालांकि, इस दौरान वित्त मंत्री की ओर से इस टैक्स को घटाकर कम करने, हटाने या फिर दर में बदलाव से जुड़ी कोई टिप्पणी नहीं की. 

'LTCG फ्रेमवर्क पर सवालों के लिए तैयार'
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ये बयान कि सरकार लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) और शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स के ढांचे पर निवेशकों की चिंताओं और प्रतिक्रियाओं को सुनने के लिए पूरी तरह तैयार है, दरअसल  शेयर बाजार के निवेशकों और हितधारकों के लिए इस टैक्स से जुड़ा एक बड़ा संकेत माना जा रहा है. खासतौर पर ऐसे समय में जबकि बजट से पहले शेयर बाजार निवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट्स की ओर से LTCG टैक्स को हटाने या इसकी समीक्षा करने की लगातार डिमांड की जा रही है. 

सम्बंधित ख़बरें

कितना लगता है LTCG टैक्स?
बजट-2024 में मोदी सरकार द्वारा इक्विटी पर LTCG टैक्स को बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया था, जिसके बाद से शेयर बाजार के एक वर्ग में इसे लेकर चिंताएं बढ़ गईं. अब वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष मुद्दे या किसी भी अन्य आर्थिक विषय पर सरकार लोगों के सुझावों के प्रति हमेशा सकारात्मक रुख रखती है और वह हितधारकों के इनपुट्स पर विचार करने से पीछे नहीं हटेगी. 

अगर हटा LTCG टैक्स, तो क्या असर?
इस मामले से जुड़े लोगों का मानना है कि अगर सरकार लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट पर लगने वाले टैक्स के बोझ को कम करती है, तो इससे घरेलू बचत को सोने या पारंपरिक विकल्पों से निकालकर प्रोडक्टिव बिजनेस और शेयर बाजारों में निवेश करने के लिए अधिक प्रोत्साहन मिल सकेगा.

हालांकि, सरकार ने अभी तक इस टैक्स को पूरी तरह से हटाने या इसमें किसी बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन वित्त मंत्री के इन बयानों से आगामी बजट चर्चाओं के दौरान निवेशकों को टैक्स राहत मिलने की उम्मीदें जरूर बंध गई हैं.

शेयर बाजार में अचानक तूफानी तेजी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से लॉन्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को लेकर दिए गए ताजा बयान का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला, जिसकी रफ्तार एकदम से रॉकेट की तरह तेज हो गई. खबर लिखे जाने तक बीएसई का सेंसेक्स 1100 अंक से ज्यादा उछलकर 73 हजार के स्तर के पार निकल गया, जबकि एनएसई का निफ्टी इंडेक्स 350 अंक से ज्यादा तेजी लेकर 22,700 के पार कारोबार कर रहा था. 

---- समाप्त ----

Live TV