Kriti Sanon Raksha Bandhan: एक्ट्रेस कृति सेनन को एक राखी ऐड में पहने कपड़ों को लेकर ट्रोल किया गया था। अब रक्षाबंधन पर उन्होंने अपनी बहन के साथ एक फोटो डालकर ट्रोलर्स को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि त्योहार का मतलब कपड़ों में नहीं, बल्कि भावनाओं में होता है।
Kriti Sanon Nupur Sanon: रक्षाबंधन के मौके पर बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने अपनी बहन नूपुर सेनन के साथ एक तस्वीर शेयर की है। खास बात यह है कि कृति का यह पोस्ट ऐसे समय आया है, जब हाल ही में एक रक्षाबंधन विज्ञापन में उनके आउटफिट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ था। अब कृति के नए पोस्ट को उसी विवाद का जवाब माना जा रहा है।
बहन नूपुर के साथ शेयर की राखी की तस्वीर
कृति सेनन ने इंस्टाग्राम पर अपनी बहन नूपुर सेनन के साथ एक तस्वीर साझा की। फोटो में दोनों बहनें एक-दूसरे की राखियां दिखाती नजर आ रही हैं। तस्वीर के साथ कृति ने ऐसा कैप्शन लिखा, जिसने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच लिया।
उन्होंने लिखा, "जब तक राखी फैशन कमेटी की बैठक चल रही है, हम उन चीजों पर ध्यान दे रहे हैं जो सच में मायने रखती हैं। सभी को राखी मुबारक।"
कृति के इस अंदाज को उनके फैंस ने खूब पसंद किया। कई यूजर्स ने उनके कैप्शन की तारीफ करते हुए इसे ट्रोलर्स को दिया गया शानदार जवाब बताया।
किस विवाद के बाद आया कृति का पोस्ट?
दरअसल, कृति सेनन हाल ही में एक रक्षाबंधन विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने मॉडर्न स्टाइल का आउटफिट पहना था, जिसमें ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। उनके इस लुक को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए।
आलोचकों का कहना था कि रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार से जुड़े विज्ञापन में इस तरह के कपड़ों का इस्तेमाल उचित नहीं है। इसके बाद कृति को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
कृति ने पूछा- कपड़ों से क्यों तय होती है संस्कृति?
ट्रोलिंग के बाद कृति सेनन ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि किसी महिला के कपड़ों को उसकी संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान का पैमाना क्यों बनाया जाता है।
कृति ने कहा था कि त्योहारों का असली मतलब किसी व्यक्ति के पहनावे में नहीं, बल्कि उसकी भावनाओं और परंपराओं के प्रति सम्मान में होता है। उन्होंने रक्षाबंधन को सुरक्षा, प्यार और आपसी विश्वास का त्योहार बताते हुए कहा कि वह और उनकी बहन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं और एक-दूसरे की खुशी, अच्छी सेहत और लंबी उम्र की कामना करती हैं।
'संस्कृति दिल में होती है, नेकलाइन में नहीं'
कृति ने अपने बयान में महिलाओं के पहनावे को लेकर समाज की सोच पर भी सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि समय के साथ एथनिक फैशन काफी बदल चुका है, लेकिन आज भी महिलाओं के कपड़ों के आधार पर उनकी संस्कृति के प्रति सम्मान को आंकने की कोशिश की जाती है।
उनका संदेश साफ था कि संस्कृति और परंपरा किसी के कपड़ों से नहीं, बल्कि उसकी सोच और भावनाओं से जुड़ी होती है। कृति के इस बयान पर भी सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।

विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया विज्ञापन
कृति के विज्ञापन को लेकर हुई आलोचना के बीच ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने भी अपना रक्षाबंधन विज्ञापन वापस ले लिया। ब्रांड ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा था कि वह भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का सम्मान करता है।
ब्रांड ने यह भी स्पष्ट किया था कि विज्ञापन के पीछे किसी की धार्मिक या सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।
अब फिर चर्चा में आया कृति का अंदाज
विवाद के कुछ समय बाद रक्षाबंधन पर बहन नूपुर के साथ कृति की तस्वीर और उनका 'राखी फैशन कमेटी' वाला कैप्शन एक बार फिर चर्चा में है। कृति ने किसी व्यक्ति या ब्रांड का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया, लेकिन उनके कैप्शन को सोशल मीडिया यूजर्स पुराने विवाद से जोड़कर देख रहे हैं।
कुल मिलाकर, कृति सेनन का यह पोस्ट एक बार फिर इस बहस को सामने ले आया है कि त्योहारों की परंपरा और संस्कृति को सिर्फ पहनावे के आधार पर आंकना कितना सही है।