Thu, 30 Jul 2026 10:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 30 Jul 2026 10:42 AM IST
सार
Kanpur News: जाजमऊ की रैदास विहार नई बस्ती से मात्र 200 मीटर दूर स्थित हाशमी रोड बस्ती भी मंगलवार की भारी बारिश के बाद गंभीर जलभराव की चपेट में आ गई है। करीब 40 साल पुरानी इस केडीए की जमीन पर बसी बस्ती में तीन से चार फीट पानी भरने के कारण मकान जर्जर हो गए हैं।
जिन हालात में मंगलवार रात जाजमऊ की रैदास विहार नई बस्ती में हादसा हुआ, वैसे ही हालात यहां से मात्र 200 मीटर दूर हाशमी रोड बस्ती के हैं। इस बस्ती पर भी घरों के ढहने का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि मंगलवार की बारिश में यहां भी जलभराव हुआ। बस्ती की गलियों से लेकर घर तक तालाब बन गए। लोगों की गृहस्थी पानी में उतराने लगी।
यहां के मकान भी जर्जर हैं। भीषण जलभराव देख डरे-सहमे लोग आनन-फानन मकानों से अपनी गृहस्थी निकालने में जुटे रहे और खुले स्थान पर रात बिताई। जाजमऊ में रैदास विहार नई बस्ती में बारिश के बाद नाले के बैकफ्लो मारने से हुए जलभराव के दौरान 10 मकान ढह गए थे। हाशमी रोड नई बस्ती भी बारिश में भीषण जलभराव से जूझती है।
हाशमी रोड बस्ती में जलभराव - फोटो : amar ujala
घनी बस्ती की तंग गलियां जलमग्न
यह बस्ती भी करीब 40 साल से केडीए की जमीन पर आबाद है। यहां 100 के आसपास कच्चे और पक्के मकान हैं। यह बस्ती भी सड़क से नीचे बसी है। मंगलवार को दो से तीन घंटे की बारिश में यहां भी तेज बहाव के साथ पानी भरा। इस घनी बस्ती की तंग गलियां जलमग्न हो गई और लोग बचने के लिए बाहर भागे।
हाशमी रोड बस्ती में जलभराव - फोटो : amar ujala
तीन से चार फीट तक भरा था पानी
बुधवार को भी इस बस्ती के घरों के अंदर व बाहर तक तीन से चार फीट तक पानी भरा था। इन हालात में कई परिवारों ने तो अपने घर छोड़ दिए और खुले में बैठे मदद का इंतजार कर रहे हैं। घरों में रखा राशन, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आदि पानी में भीगकर खराब हो गए हैं। सूरज, मुन्ना लाल, फातिमा, रहमान अली, शमजाद, कामरान आदि अपने घर छोड़कर बाहर ऊंचाई पर बैठे मदद का इंतजार कर रहे हैं।
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हाशमी रोड बस्ती में जलभराव - फोटो : amar ujala
किसी ने नहीं ली हमारी सुध
बस्ती के निवासी जाकिर और उस्मान समेत कई लोगों का आरोप है कि अधिकारी व जनप्रतिनिधि रैदास विहार तो गए लेकिन उनकी बस्ती में झांकने तक नहीं आए। संकरी गलियों में ढलान पर बसी इस बस्ती में भी हादसा हो सकता है। जलभराव की जानकारी पर कैंट विधानसभा के बसपा नेता ताबिश खान पहुंचे और यहां के निवासियों से बातचीत कर हाल जाना।
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हाशमी रोड बस्ती के जर्जर मकान - फोटो : amar ujala
घुटने तक भरे पानी में खोजते रहे सामान
इस बस्ती की गलियों में इतना पानी भरा है कि बच्चे नहाते नजर आए। घुटनों तक भरे पानी में लोग अपने घरों के अंदर जाकर एक-एक सामान खोजते नजर आए। सबसे अहम समस्या यह है कि बस्ती के लोगों के पास खाने-पीने का सामान भी नहीं है। ये लोग खुले में रात बिताने को मजबूर हैं लेकिन कोई भी अधिकारी झांकने तक नहीं आया।