JSSC CGL : स्टे के बावजूद चयनित अभ्यर्थियों का अटका अगस्त का वेतन, पढ़ें अब तक की पूरी टाइमलाइन

Published on 9 सित॰ 2026

Ranchi News: जेएसएससी-सीजीएल के चयनित अभ्यर्थियों को झारखंड हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद भी अगस्त का वेतन नहीं मिल सका है. अदालत ने 21 अगस्त 2026 के आदेश में अभ्यर्थियों को काम जारी रखने का निर्देश दिया था. Live News Lagatar : 9 सितंबर की बड़ी खबरें, एक जगह पढ़ें

कोर्ट का स्टे ऑर्डर मिलने के 19 दिन बाद भी कार्मिक विभाग ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया है. ऐसे में कर्मियों के सामने असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है. ट्रेजरी नियमों के तहत बिना आधिकारिक आदेश के बिल पास नहीं हो सकते हैं. कार्मिक विभाग से स्पष्ट आदेश जारी होने के बाद ही यह गतिरोध दूर होगा. बता दें कि परीक्षा में धांधली के संकेत के बाद राज्य सरकार ने 18 अगस्त को अधिसूचना जारी कर जेएसएससी सीजीएल के विज्ञापन को रद्द कर दिया था. जिसके बाद कर्मियों का वेतन रोक दिया गया.

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 जेएसएससी-सीजीएल मामले में शुरू से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ 

  •  21 जून 2023 : कुल 2015 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया.
  • 28 जनवरी 2024 : परीक्षा आयोजित की गई, लेकिन इसी दिन प्रश्नपत्र लीक होने का विवाद सामने आ गया.
  • 04 फरवरी 2024 : पेपर लीक के आरोपों और छात्रों के विरोध के कारण परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया.
  • सितंबर 2024 : प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए दोबारा परीक्षा (पुनर्परीक्षा) आयोजित की गई.
  • दिसंबर 2024 : पुनर्परीक्षा के आधिकारिक परिणाम घोषित कर दिए गए.
  • जनवरी 2025 : परिणाम आते ही असफल छात्रों ने धांधली का आरोप लगाया और मामला झारखंड हाईकोर्ट पहुंच गया. अदालत ने अंतिम चयन सूची जारी करने और नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी.
  • 03 दिसंबर 2025 : एक साल की सुनवाई के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने 10 संदिग्धों का परिणाम रोककर, बाकी बचे निर्दोष अभ्यर्थियों की मेरिट सूची जारी करने का सीधा आदेश दिया.
  • 08 दिसंबर 2025 : हाईकोर्ट के आदेश पर 1,932 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन परिणाम जारी किया गया और उन्हें नियुक्ति दे दी गई.
  • 05 जनवरी 2026 : हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इस याचिका को खारिज कर दिया. पीठ ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट का फैसला बिल्कुल सही और निष्पक्ष है और इसमें हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है.
  • जुलाई 2026 : सुप्रीम कोर्ट की मुहर के बावजूद, असफल छात्रों ने परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन और अनशन शुरू कर दिया.
  • 22 जुलाई 2026 : सीआईडी ने मुख्य संदिग्ध और पूर्व TDPL कर्मी अभय तिवारी को गिरफ्तार किया, जिसने पास कराने का रेट चार्ट बनाया था.
  • 18 अगस्त 2026 : सीआईडी जांच में खुलासा होने के बाद, राज्य सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल सहित TDPL की 22 परीक्षाएं और उनके परिणाम रद्द कर दिए. सरकार के इस एक फैसले से 8 दिसंबर 2025 को नियुक्त हुए सभी 1,932 अभ्यर्थियों की नौकरी एक झटके में चली गई.
  • 18 अगस्त 2026 : सीआईडी ने जांच आगे बढ़ाते हुए अभय तिवारी की पत्नी सुषमा और उसके भाई अक्षय को गिरफ्तार किया. जेएसएससी सचिव सुधीर गुप्ता से भी लंबी पूछताछ की गई.
  • 19 अगस्त 2026 : अचानक परीक्षा रद्द होने और नौकरी जाने के विरोध में सफल अभ्यर्थियों ने झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) के बाहर लगातार तीन दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया. इन अभ्यर्थियों का साफ कहना था कि उनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुई थी और कइयों ने इस पद के लिए अपनी पुरानी केंद्रीय व सरकारी नौकरियां छोड़ दी थीं. सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने पर सफल अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
  • 21 अगस्त 2026 : नौकरी गंवाने वाले अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) का हवाला दिया और राज्य सरकार द्वारा परीक्षा रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी.
  • 24 अगस्त 2026 : मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां अदालत ने राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया.
  • 27 अगस्त 2026 : सीआईडी ने दिल्ली के बुराड़ी इलाके में छापेमारी कर परीक्षा के संचालन से जुड़े दो अहम आरोपियों, सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को गिरफ्तार कर लिया.
  • 28 अगस्त 2026 : गलत तरीके से एएसओ (ASO) बन चुके 4 सफल अभ्यर्थियों (दीपक, उमेश, विजय और आनंद) को गिरफ्तार किया.
  • 30 अगस्त 2026 : गिरिडीह जिले के बेंगाबाद निवासी समीर कुमार की गिरफ्तारी की गई.
  • 07 सितंबर 2026 : सीआईडी ने बिहार के पटना से आरोपी राजन कुमार और कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया. राजन पर आरोप है कि वह अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पश्चिम बंगाल के नियामतपुर स्थित एक होटल में ले गया था, जहां उन्हें प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे.
  • 08 सितंबर 2026 (वर्तमान स्थिति) : हाईकोर्ट ने नियुक्त अभ्यर्थियों (आकाश गौरव और अन्य 99 याचिकाकर्ता) की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार के फैसले पर अपनी रोक बरकरार रखी है और राज्य सरकार को 15 सितंबर 2026 तक स्पष्ट जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.

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