JPSC-JSSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ बुलंद हुई आवाज, छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च

Published on 31 जुल॰ 2026

Ranchi : झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के विरोध में शुक्रवार को अनिश्चितकालीन धरने के सातवें दिन हजारों अभ्यर्थियों ने रांची में कैंडल मार्च निकाला. भारी बारिश के बावजूद राज्य के सभी 24 जिलों से बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे, जहां से अल्बर्ट एक्का चौक तक कैंडल मार्च निकालकर सरकार और आयोग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.

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प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है. उनका कहना है कि 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है. वहीं, कई वर्षों बाद आयोजित एलडीसी और आशुलिपिक (स्टेनोग्राफर) भर्ती परीक्षा रद्द होने से भी अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है.

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छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च


मार्च के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया. अभ्यर्थियों ने 14वीं जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा आयोजित करने की मांग की. साथ ही पूरे मामले की जांच सीबीआई और ईडी से कराने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें वर्तमान सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं है और स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए. छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं का नया कैलेंडर जारी करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की.

 प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थियों ने अपनी व्यक्तिगत परेशानियां भी साझा कीं. उनका कहना था कि लंबे समय से नौकरी नहीं मिलने के कारण उनका पारिवारिक और मानसिक जीवन प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा कि उनका समय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगना चाहिए, लेकिन वे अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं.


छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और वे किसी भी राजनीतिक दल को अपने आंदोलन का मंच नहीं बनने देंगे. उन्होंने सरकार से जल्द उनकी मांगों पर निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि युवाओं की आवाज नहीं सुनी गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.


कैंडल मार्च के समापन पर अभ्यर्थियों ने कहा कि झारखंड गठन के 26 वर्ष बाद भी राज्य के युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. उन्होंने निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा.


कैंडल मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा. मार्च की शुरुआत से लेकर समापन तक पुलिसकर्मी जुलूस के आगे और पीछे तैनात रहे, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.

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