JPSC में गड़बड़ी; 60 दिन में होती 9 परीक्षाएं: इन परीक्षाओं से राज्य को मिलते 500 अधिकारी, सभी परीक्षाएं की गई स्थगित - Ranchi News

Published on 9 अग॰ 2026

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ी के खुलासे ने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है। मामला सामने आने के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला और आखिरकार जेपीएससी चेयरमैन एल ख्यांगते को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने 21 जुलाई को इस्तीफा दे द

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इसके तुरंत बाद आयोग ने 14वीं सिविल सेवा मुख्य परीक्षा समेत कुल 9 भर्ती परीक्षाओं को स्थगित करने का फैसला ले लिया। यह सभी परीक्षाएं अगले 60 दिनों के भीतर आयोजित होनी थीं, जिनसे राज्य को करीब 500 नए अधिकारी मिलने वाले थे। अचानक लिए गए इस फैसले से अभ्यर्थियों के बीच भारी नाराजगी और असमंजस की स्थिति बन गई है।

छात्र आंदोलन की तस्वीरें देखें….

रांची में छात्रों के आंदोलन का रविवार को 16वां दिन है। 6 छात्र भूख हड़ताल पर हैं।

रांची में छात्रों के आंदोलन का रविवार को 16वां दिन है। 6 छात्र भूख हड़ताल पर हैं।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने शनिवार को छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत की।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने शनिवार को छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत की।

जुलाई में जारी हुआ था कैलेंडर, सितंबर तक होनी थीं परीक्षाएं

गौरतलब है कि जेपीएससी ने 9 जुलाई को ही इन परीक्षाओं का विस्तृत कैलेंडर जारी किया था। जिसके अनुसार सितंबर तक सभी परीक्षाएं पूरी होनी थीं। इन भर्तियों के जरिए प्रशासनिक सेवा, न्यायिक सेवा, अभियोजन, उद्योग, श्रम और तकनीकी विभागों में पद भरे जाने थे।

वहीं 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित थी, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में थीं। आयोग ने परीक्षाएं स्थगित करने के पीछे ‘अपरिहार्य कारण’ बताया है। आयोग के इस फैसले ने पूरे भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य फिलहाल अधर में लटक गया है।

जानिए, आयोग के अध्यक्ष ने क्यों दिया इस्तीफा

14वीं सिविल सेवा परीक्षा के पीटी का परिणाम जारी होने के साथ ही विवाद शुरू हो गया। पीटी परिणाम में ही सवाल उठाए जाने लगे। इसी बीच JPSC कार्यालय में सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त छापेमारी हो गई। छापेमारी के बाद जांच की आंच आयोग के चेयरमैन एल ख्यांगते तक पहुंची।

जिसके बाद 21 जुलाई को उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया। बुधवार, 22 जुलाई को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया। इसके साथ ही आयोग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नौ परीक्षाओं को स्थगित करने की अधिसूचना जारी कर दी।

बिना अध्यक्ष के चल रहा आयोग, हाईकोर्ट में मामला

तत्कालीन आयोग के अध्यक्ष एल ख्यांगते के इस्तीफे के बाद से जेपीएससी में कोई भी अध्यक्ष नहीं है। इसे लेकर झारखंड हाईकोर्ट भी टिप्पणी कर चुका है। एक मामले में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अध्यक्ष का पद रिक्त नहीं रखा जा सकता। अदालत ने राज्य सरकार से यह बताने को कहा कि आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति कब तक की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी।

ये परीक्षाएं ले चुका आयोग, पर CBI जांच के दायरे में

  • प्रथम संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा
  • द्वितीय संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा
  • सहायक एवं कनीय अभियंता नियुक्ति परीक्षा
  • विश्वविद्यालय डिप्टी रजिस्ट्रार नियुक्ति परीक्षा
  • व्याख्याता नियुक्ति परीक्षा
  • झारखंड पात्रता परीक्षा
  • प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति परीक्षा
  • प्रथम सीमित सिविल सेवा परीक्षा
  • सहकारिता सेवा परीक्षा
  • चिकित्सक नियुक्ति परीक्षा
  • बाजार पर्यवेक्षक नियुक्ति परीक्षा

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‘बातचीत का कोई रास्ता नहीं दिख रहा। विधानसभा का सत्र चल रहा है। हम इंतजार कर रहे हैं कि सरकार बातचीत के लिए बुलाए। हम किसी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जुड़ना चाहते, लेकिन सभी का नैतिक समर्थन चाहिए।’

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल कर रहे छात्र रूपेश इतना कहते-कहते रुक जाते हैं। इशारे में कहते हैं, ‘गला सूख रहा है, अब और बोल नहीं सकता।’

रूपेश पिछले छह दिन से अनशन पर हैं। वह जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ आंदोलन में शामिल हैं। इस आंदोलन में हजारों छात्र शामिल हैं। भारी बारिश के बीच इनका जोश कम नहीं हो रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें....