Jaipur News: विदेशी फंडिंग मामले में पादरी के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, जांच के घेरे में 2.88 करोड़

Published on 22 अग॰ 2026

राजस्थान में विदेशी फंडिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने 21 अगस्त को जयपुर में दो ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत की गई। ईडी के अनुसार मामला बिना FCRA पंजीकरण के प्राप्त विदेशी चंदे के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है।



ईडी के मुताबिक जांच राजस्थान के पादरी रवि मोहन पहाड़िया से जुड़े मामले में की जा रही है। एजेंसी का आरोप है कि उन्हें अमेरिका स्थित एक दाता से 2 करोड़ रुपए से अधिक की विदेशी राशि प्राप्त हुई, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर घोषित उद्देश्य से अलग गतिविधियों में किया गया। एजेंसी के अनुसार यह रकम एससी-वाल्मीकि और एसटी समुदायों के बीच धार्मिक प्रचार और धर्मांतरण संबंधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।

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रवि मोहन पहाड़िया और उनकी पत्नी गुंजन शर्मा को कुल 2.34 करोड़ रुपए की विदेशी राशि प्राप्त हुई है। एजेंसी का आरोप है कि इन रकमों के लिए अलग-अलग जगहों पर बिजनेस एवं मैनेजमेंट कंसल्टेंसी, पब्लिक रिलेशन सर्विस और परिवार के भरण-पोषण व बचत के लिए NRI से प्राप्त राशि जैसे उद्देश्य दर्शाए गए। जांच एजेंसी के मुताबिक पहाड़िया को कुल मिलाकर करीब 2.88 करोड़ रुपए की विदेशी राशि प्राप्त हुई, जबकि संबंधित गतिविधियों के लिए FCRA अनुमति नहीं होने का आरोप है। ईडी का दावा है कि इस राशि का कथित तौर पर व्यक्तिगत खर्च, विदेश यात्राओं और संपत्ति खरीदने में भी इस्तेमाल किया गया।



ईडी ने अपनी प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोप लगाया है कि रवि मोहन पहाड़िया विदेशी नागरिकों के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर विभिन्न राज्यों के वंचित तथा आदिवासी समुदायों के बीच धार्मिक सभाओं एवं बैठकों का आयोजन किया जाता था। एजेंसी ने इन्हीं गतिविधियों और विदेशी फंड के इस्तेमाल को जांच के दायरे में लिया है।



यह तलाशी FEMA के प्रावधानों के तहत की गई है। एजेंसी विदेशी मुद्रा से जुड़े कानूनों के कथित उल्लंघनों की जांच करने के लिए अधिकृत है। फिलहाल मामले में ईडी की जांच जारी है। एजेंसी तलाशी के दौरान सामने आए दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड के आधार पर विदेशी फंड के स्रोत, उसके इस्तेमाल और कथित गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। इनमें लगाए गए आरोप जांच के निष्कर्ष और आगे की कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं।ं