अगर आप अभी तक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल नहीं कर पाए हैं और इस बात को लेकर उलझन में हैं कि आपकी आखिरी तारीख 31 जुलाई है या 31 अगस्त, तो पहले यह जानना जरूरी है कि आप किस कैटेगरी के टैक्सपेयर हैं. दरअसल, ITR भरने की डेडलाइन सभी के लिए एक जैसी नहीं होती. यह इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी आय का स्रोत क्या है और आपके खातों का टैक्स ऑडिट होना जरूरी है या नहीं.
किन लोगों को 31 जुलाई तक ITR भरना है?
अगर आप:
- सैलरी पाने वाले कर्मचारी हैं,
- पेंशनर हैं,
- या आपकी आय सिर्फ हाउस प्रॉपर्टी या कैपिटल गेन से होती है,
तो आपके लिए ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. ऐसे टैक्सपेयर्स आमतौर पर ITR-1 या ITR-2 फॉर्म भरते हैं. टैक्स विभाग की सलाह है कि आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय समय रहते रिटर्न दाखिल कर दें, ताकि पोर्टल पर भीड़ की परेशानी से बचा जा सके.
किन लोगों को 31 अगस्त तक का समय मिला है?
अगर आपकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से होती है और आपके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, तो आपके पास 31 अगस्त तक का समय है.
इसमें शामिल हैं:
- छोटे कारोबारी,
- सेल्फ-एम्प्लॉयड प्रोफेशनल,
- कंसल्टेंट,
- फ्रीलांसर,
- ITR-3 या ITR-4 भरने वाले नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर,
- नॉन-ऑडिट फर्म के पार्टनर.
उन्हें अतिरिक्त समय इसलिए दिया गया है ताकि वे अपने वित्तीय रिकॉर्ड व्यवस्थित कर सकें और आय से जुड़े आंकड़ों का सही मिलान कर सकें.
अपनी ITR की आखिरी तारीख कैसे पता करें?
सबसे पहले यह देखें कि आपकी आय का स्रोत क्या है.
| आपकी आय का प्रकार | ITR भरने की आखिरी तारीख |
| सैलरी, पेंशन, हाउस प्रॉपर्टी या कैपिटल गेन | 31 जुलाई |
| बिजनेस या प्रोफेशन की आय (टैक्स ऑडिट नहीं) | 31 अगस्त |
| जिन मामलों में टैक्स ऑडिट जरूरी है | 31 अक्टूबर |
| ट्रांसफर प्राइसिंग दस्तावेज वाले मामले | 30 नवंबर |
यानी अगर आपकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से नहीं है, तो आपको 31 जुलाई की समय सीमा का पालन करना होगा. वहीं, बिजनेस या प्रोफेशन से आय होने पर और टैक्स ऑडिट लागू नहीं होने पर 31 अगस्त तक रिटर्न दाखिल किया जा सकता है.
डेडलाइन चूकने पर क्या नुकसान हो सकता है?
अगर आप अपनी तय समय सीमा के भीतर ITR दाखिल नहीं करते हैं, तो इसके वित्तीय असर भी हो सकते हैं। देरी होने पर:
- बकाया टैक्स पर ब्याज देना पड़ सकता है.
- लेट फाइलिंग फीस लग सकती है.
- कुछ तरह के नुकसान (Losses) को भविष्य की आय के खिलाफ समायोजित करने का मौका भी छूट सकता है.
इसलिए सबसे पहले यह तय करें कि आप किस कैटेगरी के टैक्सपेयर हैं और उसी के हिसाब से अपनी आखिरी तारीख के भीतर ITR दाखिल करें.
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