IRCTC ने 7 सितंबर 2026 को एक दिन में 20,06,353 रेल टिकट बुक कर नया रिकॉर्ड बनाया। त्योहारी सीजन में बढ़े दबाव के बावजूद NGeT सिस्टम फेल नहीं हुआ। नए सर्वर, एंटी-बॉट तकनीक और नए यूजर इंटरफेस ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम को मजबूती दी।
IRCTC का नया रिकॉर्ड: एक दिन में 20 लाख से ज्यादा टिकट बुक
- Published: 11 Sep 2026, 12:42 PM IST
- Last Updated: 11 Sep 2026, 12:42 PM IST
नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में रेल टिकटों की बढ़ती मांग के बीच IRCTC के ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 7 सितंबर 2026 को IRCTC के NGeT (Next Generation e-Ticketing) सिस्टम पर एक ही दिन में 20,06,353 टिकट बुक किए गए।
यह अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-डे बुकिंग आंकड़ा है। इसके अगले दिन 8 सितंबर को भी 19,50,699 टिकट बुक हुए।
पिछले साल त्योहारी सीजन में 19 अगस्त को एक दिन में 18,40,203 टिकट बुक हुए थे। इस लिहाज से इस बार का आंकड़ा काफी अधिक रहा। रिकॉर्ड बुकिंग के दौरान बड़ी संख्या में यात्री एक साथ ऑनलाइन आए, लेकिन IRCTC के मुताबिक NGeT सिस्टम में कोई फेलियर या आउटेज नहीं हुआ।
शुरुआती 15 मिनट में सबसे ज्यादा दबाव
रेल टिकटों की बुकिंग शुरू होने के बाद शुरुआती कुछ मिनटों में सिस्टम पर सबसे ज्यादा दबाव रहता है। सुबह 8 से 9 बजे के बीच दिन की कुल बुकिंग का करीब 8.43 से 14.14 प्रतिशत हिस्सा बुक होता है। इनमें भी सुबह 8 से 8:15 बजे के बीच सबसे ज्यादा यात्री टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं।
इसके बावजूद NGeT सिस्टम ने शुरुआती ARP बुकिंग वाले दिनों में 1.33 करोड़ से 1.74 करोड़ तक लॉगिन और 17 से 20 लाख तक टिकट बुकिंग को संभाला है।
नए सर्वर से दोगुनी हुई क्षमता
IRCTC ने NGeT सिस्टम की क्षमता बढ़ाने के लिए पुराने सर्वरों को नए सर्वरों से बदला है। इससे सिस्टम की क्षमता करीब दोगुनी हो गई है। इसके साथ ही सॉफ्टवेयर में सुधार और सिस्टम आर्किटेक्चर को बेहतर किया गया है।
IRCTC ने 15 जुलाई 2026 से नए यूजर इंटरफेस का बीटा वर्जन भी शुरू किया है। इसमें यात्रियों को अलग-अलग क्लास की उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर देखने की सुविधा मिलती है। इससे स्लीपर, एसी थ्री टियर और एसी टू टियर जैसे विकल्पों की तुलना करना आसान हुआ है।
एंटी-बॉट तकनीक से 65% तक संदिग्ध ट्रैफिक रोका
IRCTC ने वेबसाइट पर फर्जी या स्वचालित बॉट ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए एंटी-बॉट तकनीक और CDN (Content Delivery Network) का इस्तेमाल बढ़ाया है। इसके जरिए हाल के महीनों में करीब 55 से 65 प्रतिशत तक संदिग्ध बॉट ट्रैफिक को रोका गया है।
CDN की वजह से वेबसाइट की सामान्य सामग्री का लोड मुख्य NGeT सिस्टम पर कम हुआ है। इससे वास्तविक यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग का अनुभव बेहतर हुआ है। IRCTC की नेटवर्क सिक्योरिटी टीम फर्जी वेबसाइटों और IRCTC के नाम से चल रहे नकली मोबाइल ऐप पर भी कार्रवाई कर रही है।
एजेंटों की शुरुआती बुकिंग पर भी रोक
आरक्षित टिकटों की शुरुआती बुकिंग में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकृत टिकट एजेंटों को सुबह 8 से 8:10 बजे तक पहले 10 मिनट में ARP टिकट बुक करने की अनुमति नहीं है। इसमें YTSK, RTSA और IRCTC एजेंट शामिल हैं।
इसके अलावा 12 अक्टूबर 2025 से शुरुआती ARP विंडो में टिकट बुक करने के लिए आधार-प्रमाणित यूजर होना जरूरी किया गया है।
3.04 करोड़ यूजर आईडी निष्क्रिय
टिकट बुकिंग में गड़बड़ी और दुरुपयोग रोकने के लिए IRCTC ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। अब तक 3.04 करोड़ यूजर आईडी निष्क्रिय की जा चुकी हैं, जबकि 6.33 करोड़ आईडी को दोबारा सत्यापन के लिए रखा गया है।
इसके अलावा 16,041 संदिग्ध ई-मेल डोमेन ब्लॉक किए गए हैं और साइबर क्राइम पोर्टल पर 592 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इन शिकायतों में करीब 4.21 लाख संदिग्ध PNR शामिल हैं।
IRCTC के मुताबिक रिकॉर्ड स्तर की टिकट बुकिंग और करोड़ों लॉगिन के दबाव के बावजूद NGeT प्लेटफॉर्म लगातार चालू रहा। रेलवे टिकट बुकिंग को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए तकनीकी और सुरक्षा सुधार आगे भी जारी रहेंगे।