एक समय पुलिस की जिम्मेदारी संभालने वाले राजन सिंह ने अपनी नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू कर दिया. IIT कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले राजन सिंह ने करीब 8 साल तक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की सेवा में रहे. इस दौरान उन्होंने तिरुवनंतपुरम के पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी भी संभाली.
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IPS की नौकरी छोड़ शुरू कर दिया ये काम.
एक तरफ सरकारी नौकरी की प्रतिष्ठा और दूसरी तरफ अपना कारोबार खड़ा करने का सपना. राजन सिंह ने दोनों में से बिजनेस की राह चुनी. IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) ज्वाइन की और करीब 8 साल तक पुलिस अधिकारी के रूप में काम करने के बाद उन्होंने अपने करियर की दिशा बदलने का फैसला किया. साल 2005 में उन्होंने IPS का पद छोड़ दिया और अमेरिका की Wharton School से MBA करने चले गए. MBA पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूयॉर्क में McKinsey & Company में कंसल्टेंट के तौर पर काम कर अनुभव हासिल किया. इसके बाद वह एक प्राइवेट इक्विटी फर्म न्यू सिल्क रूट से भी जुड़े.
पहली कंपनी ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाई
बिजनेस और निवेश की दुनिया में काम करने के दौरान राजन सिंह को खुद का बिजनेस शुरू करने का फैसला किया. साल 2012 में उन्होंने CourseBrew नाम से ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म शुरू किया. यहां ऑनलाइन कोर्स और ट्यूशन से जुड़ी सेवाएं दी जाती थीं. हालांकि, यह कंपनी लंबे समय तक नहीं चल सकी और बाद में बंद हो गई. इतने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा से बिजनेस शुरू करने पर विचार किया. तब उन्होंने ConceptOwl की शुरुआत की. यह एजुकेशन सेक्टर से जुड़ा स्टार्टअप था, जिसका मकसद छोटे शहरों के छात्रों को बेहतर पढ़ाई और तैयारी का विकल्प देना था.
छोटे शहरों के छात्रों पर था फोकस
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ConceptOwl का फोकस खासतौर पर देश के टियर-2 और टियर- III शहरों के छात्रों पर था. ये कंपनी ऑनलाइन पढ़ाई के साथ क्लासरूम प्रोग्राम भी चलाती थी. इसका मकसद उन छात्रों तक शिक्षा पहुंचाना था, जिन्हें बेहतर कोचिंग के लिए बड़े शहरों जैसे कोटा और हैदराबाद का रुख करना पड़ता था. कंपनी ने टेस्ट और प्रैक्टिस के लिए Bansal Classes के साथ भी साझेदारी की. एक समय ऐसा भी आया जब शिक्षकों को बनाए रखने में परेशानी हुई, तो राजन सिंह ने खुद फिजिक्स पढ़ाना शुरू कर दिया.
कोरोना काल में शुरू हुआ नया प्रयोग
कोविड-19 महामारी के दौरान राजन सिंह और उनकी टीम ने आदतों, दिनचर्या और प्रोडक्टिविटी से जुड़े कुछ प्रयोग भी शुरू किए. इसी से आगे चलकर HabitStrong का विचार सामने आया. उन्होंने सुबह जल्दी उठने की आदत पर एक यूट्यूब प्रोग्राम भी शुरू किया. करीब 100 दिनों तक चले इस प्रयोग के बाद उन्हें प्रतिभागियों से उनकी दिनचर्या में बदलाव की प्रतिक्रिया मिली. आगे चलकर इसी विचार को एक व्यवस्थित प्रोग्राम का रूप दिया गया. HabitStrong को 2020 में लॉन्च किया गया और इसका फोकस बेहतर दिनचर्या बनाने, एकाग्रता बढ़ाने और डिजिटल चीजों से होने वाली परेशानी कम करने जैसे विषयों पर रहा.
इंजीनियरिंग से पुलिस, फिर बिजनेस तक का सफर
राजन सिंह का करियर एक ही क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा. IIT से इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने पुलिस सेवा चुनी. करीब 8 साल IPS में रहने के बाद MBA किया और फिर कंसल्टिंग और प्राइवेट इक्विटी में काम किया. इसके बाद उन्होंने उद्यमिता की राह चुनी. इस तरह उनका करियर इंजीनियरिंग, पुलिस सेवा, बिजनेस स्कूल, कंसल्टिंग, प्राइवेट इक्विटी और स्टार्टअप जैसे अलग-अलग पड़ावों से होकर गुजरा.
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