Indore Metro Update: इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड काम को मिली रफ्तार, थाईलैंड से पहुंचे TBM के पुर्जे; जल्द शुरू होगी सुरंग की खुदाई - Haribhoomi

Published on 29 जुल॰ 2026

इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड कॉरिडोर के निर्माण को गति मिल गई है। थाईलैंड से पहली 1,000 टन वजनी टीबीएम मशीन के पुर्जे इंदौर पहुंच गए हैं। मशीन को एक से डेढ़ महीने में असेंबल करने के बाद करीब 20 मीटर नीचे सुरंग की खुदाई शुरू होगी।

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इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड काम को मिली रफ्तार

  • Published: 29 Jul 2026, 11:03 AM IST
  • Last Updated: 29 Jul 2026, 11:03 AM IST

इंदौर: मेट्रो परियोजना के अंडरग्राउंड चरण ने अब रफ्तार पकड़ ली है। शहर में पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) के पुर्जे थाईलैंड से पहुंच चुके हैं। करीब 1,000 टन वजनी इस मशीन को जोड़ने का काम शुरू हो गया है, जिसे पूरा होने में लगभग एक से डेढ़ माह का समय लगेगा। इसके बाद जमीन से करीब 20 मीटर नीचे मेट्रो सुरंग की खुदाई शुरू कर दी जाएगी।

चार टीबीएम मशीनें लाई जाएंगी
मेट्रो परियोजना के तहत इंदौर में कुल चार टीबीएम मशीनें लाई जाएंगी। इनकी मदद से शहर के अलग-अलग हिस्सों में अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। फिलहाल पहली मशीन को एयरपोर्ट क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है, क्योंकि सबसे पहले इसी हिस्से को एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक से जोड़ा जाना है। इस काम के पूरा होने के बाद एयरपोर्ट से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो संचालन का रास्ता साफ होगा। इस इलाके में आबादी अपेक्षाकृत कम होने के कारण निर्माण कार्य तेजी से किया जा सकेगा। वहीं एयरपोर्ट परिसर में अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन का निर्माण भी जारी है।

11 ट्रॉलों के जरिए इंदौर पहुंचे
इंदौर मेट्रो के 17.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के बाद अब परियोजना का अगला चरण भूमिगत ट्रैक का निर्माण है। इसके लिए मेट्रो रेल परियोजना से जुड़ी एजेंसी ने टीबीएम मशीनों के पुर्जे थाईलैंड सहित अन्य देशों से मंगवाए हैं। पहली मशीन के अधिकांश हिस्से 11 ट्रॉलों के जरिए इंदौर पहुंच चुके हैं और उनका असेंबली कार्य जारी है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के जनसंपर्क अधिकारी धीरज शुक्ला के अनुसार, मशीन का अधिकांश सामान पहुंच चुका है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कटर हेड अभी आना बाकी है। यही कटर हेड मिट्टी और चट्टानों को काटते हुए सुरंग बनाने का मुख्य कार्य करेगा।

टीबीएम मशीन सुरंग की खुदाई के दौरान आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी। मशीन के अगले हिस्से में लगा विशाल गोलाकार कटर हेड लगातार घूमते हुए मिट्टी और चट्टानों को काटेगा, जबकि निकलने वाला मलबा कन्वेयर बेल्ट के जरिए मशीन के पीछे तक पहुंचकर बाहर निकाला जाएगा। इससे खुदाई का काम तेज और सुरक्षित तरीके से पूरा होगा।

जिन हिस्सों में सुरंग की खुदाई पूरी हो जाएगी, वहां पहले से तैयार कंक्रीट के सेगमेंट लगाए जाएंगे। ये ब्लॉक सुरंग की दीवारों को मजबूती देंगे और मिट्टी धंसने से रोकेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक से अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण तेजी से आगे बढ़ेगा और शहर के लोगों को जल्द बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।