इंडिया गठबंधन ने सेव डेमोक्रेसी मार्च का किया ऐलान

Published on 30 सित॰ 2026

INDIA Alliance Meeting: INDIA गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर तक सेव डेमोक्रेसी मार्च का ऐलान कर दिया है. बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और इसकी जानकारी दी. खरगे ने कहा, विपक्षी दल 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देशभर में जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालेंगे. इस दौरान जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा.

खरगे ने कहा कि इस अभियान के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि विपक्ष किन मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहा है. उन्होंने बताया कि 6 अक्टूबर को विपक्ष के सभी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे. उन्होंने कहा कि इस मार्च में लोकसभा और राज्यसभा के सभी विपक्षी सांसदों के साथ लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले अन्य सांसदों को भी शामिल होने का आह्वान किया जाएगा.

राष्ट्रपति से मुलाकात का भी कार्यक्रम

खरगे ने कहा कि विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे. इस दौरान राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा. इसमें विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़ी चिंताओं को रखा जाएगा.

अक्टूबर-नवंबर में 5 बड़ी रैली का ऐलान

खरगे ने बताया, अक्टूबर-नवंबर में 5 बड़ी रैलियां भी आयोजित की जाएंगी. इन रैलियों की तारीख और स्थान जल्द तय किए जाएंगे. खरगे के मुताबिक, 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित करने का फैसला किया गया है.

इंडिया गठबंधन का प्लान

  • 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च
  • 6 अक्टूबर को विपक्षी पार्टियों के सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे.
  • विपक्षी पार्टियों के नेता अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में भारत के राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे.
  • INDIA गठबंधन पांच बड़ी रैलियां आयोजित करेगा
  • 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली होगी, जिसमें हम 'वोट की चोरी' से जुड़े मुद्दे उठाएंगे.
  • INDIA गठबंधन की मांग है कि - सुप्रीम कोर्ट में SIR से जुड़े सभी मामलों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए.

मतदाता सूची और SIR को लेकर खरगे के आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देशभर में नागरिक और राजनीतिक दल निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने EVM और मतदाता सूची को लेकर आयोग से जवाब मांगा, लेकिन उसकी शिकायतों पर गौर नहीं किया गया.

खरगे ने दावा किया कि विपक्ष की ओर से आंकड़े और सबूत सामने रखे जाने के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का सहारा लिया गया. उन्होंने दावा किया कि 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. खरगे ने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक को अपारदर्शी या पर्याप्त निगरानी के बिना चलाए गए किसी अभ्यास के जरिए चुनावी प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाना चाहिए.

खरगे का दावा, मोहरों की तरह काम कर रहे चुनाव आयोग के अधिकारी

खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि आयोग के अंदर दो-तीन लोग केवल ‘मोहरों’ की तरह काम कर रहे हैं और उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उन पर प्रभाव है.

राहुल गांधी ने CEC को लेकर पीएम मोदी पर लगाया आरोप

INDIA गठबंधन की बैठक के बाद राहुल गांधी ने भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में 2023 के उस कानून का जिक्र किया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों को उनके आधिकारिक कार्यों के संबंध में कानूनी संरक्षण दिया गया है.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी इस कानूनी व्यवस्था का इस्तेमाल ‘वोट चोरी’ के लिए करते हैं. यह उनका राजनीतिक आरोप है.

क्या कहता है 2023 का कानून?

मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की धारा 16 में निर्वाचन आयुक्तों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान किए गए कार्य, बात या अभिव्यक्ति को लेकर अदालत में दीवानी या आपराधिक कार्यवाही से संरक्षण का प्रावधान है.