
यशस्वी की लड़ाई (Photo: X)
कोलंबो में यशस्वी जायसवाल की श्रीलंकाई खिलाड़ी असिथा फर्नांडो के साथ लड़ाई हो गई. ये घटना टेस्ट मैच में भारतीय पारी के 17वें ओवर में घटी. दोनों खिलाड़ियों के बीच टकराव इतना बढ़ गया कि उन्हें छुड़ाने के लिए दूसरे खिलाड़ियों को बीच बचाव करना पड़ा. सवाल है कोलंबो टेस्ट के दौरान यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच ऐसा क्या हुआ? आखिर किस बात पर दोनों खिलाड़ियों के बीच मैदान झड़प हो गई. यशस्वी और असिथा दोनों कोलंबो टेस्ट में अपनी-अपनी टीमों के प्लेइंग इलेवन का हिस्सा हैं.
यशस्वी और फर्नांडो में लड़ाई क्यों हुई?
17वें ओवर की आखिरी गेंद पर असिथा फर्नाडों ने यशस्वी जायसवाल को क्लीन बोल्ड किया. उस वक्त यशस्वी 53 गेंदों पर 45 रन बनाकर खेल रहे थे. बोल्ड होने के बाद यशस्वी आराम से पवेलियन की तरफ जा रहे थे. तभी उन्हें आउट करने वाले श्रीलंकाई गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने उन्हें कुछ कह दिया, जिसे सुनकर यशस्वी तिलमिलाए हुए पीछे मुड़े और असिथा की तरफ बढ़े. दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि वो अपने हेड से हेड टकराने लगे.
दोनों खिलाड़ियों के बीच टकराव बढ़ता देखकर श्रीलंका के बाकी खिलाड़ियों ने बीच-बचाव कर उन्हें अलग किया. यशस्वी जायसवाल उसके बाद पवेलियन की तरफ लौट गए.
YASHASVI JAISWAL DISMISSED FOR 45 (53)
Looked fluent, played some gorgeous strokes, but missed out on a well-deserved fifty. Heated argument 💔🏏 pic.twitter.com/mCKiAyo8Te
— CricBharat (@DilPrabhat88) August 23, 2026
यशस्वी जायसवाल का पार्टनरशिप में योगदान
यशस्वी जायसवाल ने केएल राहुल के साथ पहले विकेट के लिए 37 रन की पार्टनरशिप की. उसके बाद पडिक्कल के साथ उन्होंने 29 रन की साझेदारी की. इन दो साझेदारियों के दम पर भारत ने कोलंबो टेस्ट के पहले दिन लंच तक 2 विकेट पर 25 ओवर में 88 रन बनाए.
यशस्वी जायसवाल के आउट होने के बाद शुभमन गिल बल्लेबाजी के लिए आए हैं. गॉल टेस्ट में तो गिल कुछ खास कमाल नहीं कर सके थे. ऐसे में कोलंबो में अपने कप्तान से टीम इंडिया को उम्मीदें रहेंगी.

साकेत शर्मा
'कौन बनेगा करोड़पति' गेम शो से शुरू हुआ सफर न्यूज नेशन, इंडिया न्यूज, इंडिया डॉट कॉम और Editorji जैसे पड़ावों से गुजरा. इसी कड़ी में पिछले 5 सालों से मैं TV9 हिंदी के साथ जुड़ा हूं. यहां भी खेल की खबरों को बताना मेरा काम है. TV, डिजिटल और प्रोडक्शन हाउस, तीनों ही दुनिया की समझ और कुल मिलाकर एक दशक से भी ज्यादा का मेरे पास अनुभव है. हर रोज कुछ नया सीखने और नई क्रिएटिव चीज करने की कोशिश करता हूं. असफलता से घबराता नहीं और सफलता पर इतराता नहीं. बस कोशिश यही करता हूं कि हमेशा अपना बेस्ट दे सकूं. आज तक यही करता आया हूं और आगे भी इरादा ऐसा ही है. फिर चाहे काम डेस्क पर बैठकर खेल की खबरों को अपने शब्दों में पिरोने का हो या फिर फील्ड में उतरकर उसे कैमरे पर उतारने का. सीधी भाषा में कहें तो मैं खेल के मैदान पर होने वाली हर हलचल को आपतक पहुंचाने वाला एक खिलाड़ी हूं.
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