
IIT प्रोफेसर पर नस्लीय टिप्पणी करने वाले अमेरिकी को जनता ने सिखाया करारा सबक!Image Credit source: Instagram/@montanastateuniversity
हाल ही में एक अमेरिकी शख्स ने भारत के प्रतिष्ठित संस्थान IIT (Indian Institutes of Technology) और एक भारतीय प्रोफेसर का मजाक उड़ाने की कोशिश की, लेकिन उसका दांव उसी पर उल्टा पड़ गया. सोशल मीडिया पर लोगों ने एक साथ आकर उसे ऐसा जवाब दिया कि उसकी बोलती बंद हो गई. चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब @Oilfield_Rando नाम के एक X यूजर ने अमेरिका की मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले भारतीय प्रोफेसरों की एक लिस्ट शेयर की. इस लिस्ट में डॉ. शिवली बनर्जी का भी नाम था, जो वहां एग्रीकल्चरल प्रोसेस इंजीनियरिंग की असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. डॉ. बनर्जी ने IIT बॉम्बे से PhD की है.
उस अमेरिकी यूजर का मकसद ये दिखाना था कि अमेरिकी यूनिवर्सिटी में भारतीय टीचरों की संख्या बहुत ज्यादा है. उसने नस्लीय टिप्पणी करते हुए डॉ. बनर्जी की काबिलियत पर भी सवाल उठाए, जो लोगों को बिल्कुल पसंद नहीं आया.
Montana State University Professor Shivali Banerjee is a graduate of the Indian Institute of Technology in Bombay. https://t.co/ECB6Fk6xE1
— Oilfield Rando (@Oilfield_Rando) October 3, 2026
इंटरनेट पर मिला करारा जवाब
जैसे ही यह सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुई, लोगों ने उस अमेरिकी शख्स को आंकड़ों के साथ जवाब देना शुरू कर दिया. लोगों ने बताया कि IIT दुनिया के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है. डेटा साइंटिस्ट अरमांड डोमालेव्स्की ने लिखा, IIT में एडमिशन पाना दुनिया के सबसे मुश्किल कामों में से एक है. मोंटाना यूनिवर्सिटी ने उन्हें प्रोफेसर बनाकर बहुत बड़ी जीत हासिल की है.
एक और यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, एशिया की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से पढ़ा कोई प्रोफेसर अगर अमेरिका में पढ़ा रहा है, तो ये तो अमेरिका के लिए गर्व की बात है. कई लोगों ने आंकड़े शेयर किए कि IIT में एडमिशन की दर सिर्फ 0.5% से 1% है, जो हार्वर्ड और MIT जैसे संस्थानों से भी ज्यादा कठिन है.
अमेरिकी शख्स की सफाई और हुई ट्रोलिंग
जब मामला बढ़ गया और लोगों ने उसे घेरना शुरू किया, तो अपनी गलती मानने के बजाय उसने भारत के खिलाफ भद्दी टिप्पणी कर दी. उसने लिखा, ये पागलपन है कि जो देश खुद को सबसे होशियार लोगों का देश बताता है, वो खुद एक नरक जैसा देश है. इसके बाद लोगों ने उसकी इस घटिया और नस्लवादी सोच की जमकर आलोचना की और उसे फिर से करारा जवाब दिया. यह भी पढ़ें:Viral Video: बिरयानी से लेकर UPI तक, भारत ने जीता जिम्बाब्वे के छात्र का दिल, बोला- डिग्री लेने आया था, यादें लेकर जाऊंगा

अभिषेक राय
अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है. शुरुआत में वे भोपाल के 'पीपुल्स समाचार' अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के 'जानो दुनिया' (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई. अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं. अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे. अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.
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