पानी की बर्बादी, सप्लाई और पाइपलाइन लीक... IC³ सेंटर नेटवर्क रखेगा नजर, कैसे दिल्ली जल प्रबंधन होगा और स्मार्ट?

Published on 14 अक्टू॰ 2026

पानी की बर्बादी, सप्लाई और पाइपलाइन लीक… IC³ सेंटर नेटवर्क रखेगा नजर, कैसे दिल्ली जल प्रबंधन होगा और स्मार्ट?

मंत्री प्रवेश साहिब सिंह Image Credit source: TV9

दिल्ली की पानी सप्लाई व्यवस्था को और आधुनिक पर सरकार लगातार काम कर रही है. इसे देखते हुए दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को नई दिल्ली के शिवाजी मार्ग पर स्थित JWIL Infra Limited के ऑफिस में एक ‘इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ (IC³) का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने एक खास इमरजेंसी रिस्पॉन्स गाड़ी को हरी झंडी भी दिखाई.

इस पहल का मकसद पानी सप्लाई नेटवर्क की निगरानी को बेहतर बनाना, पानी की बर्बादी कम करना और पाइपलाइन लीक या सप्लाई में रुकावट की स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है. IC³ सेंटर नेटवर्क की निगरानी, ​​रखरखाव, ग्राहकों की शिकायतों और फील्ड ऑपरेशन्स से जुड़ी जानकारी को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इकट्ठा करेगा. वहीं, खास उपकरणों से लैस इमरजेंसी गाड़ी, बड़ी पाइपलाइन लीकेज को ठीक करने के लिए जरूरी सामान और टीम को मौके पर भेजने में लगने वाले समय को कम करने में मदद करेगी.

इस अवसर पर मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, हमारे लिए जल प्रबंधन का मतलब केवल पानी की आपूर्ति करना नहीं है. पानी की बर्बादी रोकना, समस्याओं का जल्द पता लगाना और पाइपलाइन में लीकेज या किसी अन्य बाधा के कारण लोगों को परेशानी न हो, यह भी उतना ही जरूरी है. तकनीक का वास्तविक लाभ तभी है, जब उसका असर दिल्ली के लोगों के रोजमर्रा के जीवन में दिखाई दे.

IC³ सेंटर नेटवर्क किस तरह करेगा काम

IC³ प्लेटफॉर्म के माध्यम से SCADA सिस्टम, जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (GIS), स्मार्ट मीटर, उपभोक्ता शिकायतों, रखरखाव व्यवस्था और GPS से जुड़े फील्ड वाहनों का डेटा एकीकृत किया जाएगा. इससे अधिकारियों को जल आपूर्ति नेटवर्क की स्थिति पर नजर रखने, संवेदनशील स्थानों की पहचान करने, मरम्मत टीमों की लोकेशन ट्रैक करने और शिकायतों पर हुई कार्रवाई की स्थिति की समीक्षा करने में मदद मिलेगी.

AI और डिजिटल ट्विन तकनीक का इस्तेमाल

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल ट्विन तकनीक के इस्तेमाल से पाइपलाइन फटने की संभावनाओं का पूर्वानुमान लगाने, कम दबाव वाले क्षेत्रों की पहचान करने और पानी की मांग के पैटर्न को समझने में भी सहायता मिलेगी. इससे व्यवस्था को समस्या उत्पन्न होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित समस्याओं की पहले से पहचान करने की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकेगा.

पानी की बर्बादी रोकना सरकार का मकसद

तकनीक के साथ जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, हमारा लक्ष्य स्पष्ट है, पानी की बर्बादी कम हो, मरम्मत का काम तेजी से हो और जवाबदेही बढ़े. जब कोई शिकायत आती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और की गई कार्रवाई को ट्रैक किया जा सके. हम ऐसी व्यवस्था चाहते हैं, जिससे अधिकारी मौके पर बेहतर निर्णय ले सकें और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलें.

लोकेशन ट्रैक कर पहुंचेगा इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन

JWIL वर्तमान में दिल्ली जल बोर्ड की चंद्रावल जल आपूर्ति परियोजना के पैकेज 2, 3 और 4 पर काम कर रही है. इन पैकेजों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में दिल्ली की लगभग 10 प्रतिशत आबादी और भौगोलिक क्षेत्र शामिल हैं. इनमें कई महत्वपूर्ण VIP क्षेत्र भी आते हैं. इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन को बड़ी पाइपलाइनों की मरम्मत के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. इसमें हाई-कैपेसिटी सबमर्सिबल डी-वॉटरिंग पंप, 60 kVA का जनरेटर सेट और मरम्मत के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं.

इसकी मदद से घटनास्थल पर बिजली उपलब्ध न होने की स्थिति में भी जरूरी काम किया जा सकेगा. IC³ सेंटर से GPS के माध्यम से वाहन की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी और जरूरत के अनुसार इसे संबंधित स्थान पर भेजने में समन्वय स्थापित होगा.

इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन का काम

इस वाहन से मरम्मत कार्य में होने वाली देरी कम करने, जल आपूर्ति बाधित रहने की अवधि घटाने तथा पानी की बर्बादी और सड़कों को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है. यह चंद्रावल परियोजना के तीनों पैकेजों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता करेगा.

आपात स्थिति में होगी समय की बचत

प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, पानी की किसी बड़ी पाइपलाइन में लीकेज होने पर कुछ मिनट भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं. आपात स्थिति आने के बाद उपकरणों की व्यवस्था करने के बजाय, जरूरी उपकरणों का पहले से तैयार रहना समय बचा सकता है और जल आपूर्ति को जल्द बहाल करने में मदद कर सकता है. दिल्ली को ऐसी ही व्यावहारिक और परिणाम देने वाली व्यवस्थाओं की जरूरत है.

जीतेन्द्र भाटी

जीतेन्द्र भाटी

करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पॉलिटिक्स, क्राइम, सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग. BAG Films की नर्सरी से IBN7, आज़ाद न्यूज़, प्रज्ञा TV, 4 रियल न्यूज, Focus News और न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया होते हुए देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में खबरों के बीच सफर जारी.

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