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- Edited by: नितिन अरोड़ा
- Updated Jul 27, 2026, 03:15 PM IST
NTA Reforms High Powered Panel: परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए गठित 6-सदस्यीय टास्क फोर्स में नंदन नीलेकणि, एस. सोमनाथ और पूर्व आईबी प्रमुख तपन डेका शामिल। जानें सभी सदस्यों का प्रोफाइल।
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इसरो के पूर्व प्रमुख से पूर्व IB चीफ तक, नंदन नीलेकणि की अगुवाई वाली 6-सदस्यीय हाई-पावर्ड 'परीक्षा सुधार टास्क फोर्स' से मिलिए
Nandan Nilekani Exam Reform Task Force: देश में बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक हादसों को हमेशा के लिए रोकने और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख बहाल करने के लिए केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद गठित उच्च-स्तरीय 'एग्जाम रिफॉर्म टास्क फोर्स' का जिम्मा इंफोसिस के सह-संस्थापक और भारत की डिजिटल पहचान क्रांति के सूत्रधार नंदन नीलेकणि को सौंपा गया है।
तकनीक, सुरक्षा, अंतरिक्ष विज्ञान, शिक्षा और प्रशासन के विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों को मिलाकर बनाई गई यह 6-सदस्यीय कमेटी सार्वजनिक परीक्षाओं को पारदर्शी, सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए दूरगामी सिफारिशें सौंपेगी।
नंदन नीलेकणि (अध्यक्ष)- टेक विशेषज्ञ व रणनीतिकार
आईआईटी बॉम्बे से बी.टेक नंदन नीलेकणि इंफोसिस के सह-संस्थापक हैं। वे भारत के ऐतिहासिक बायोमेट्रिक पहचान कार्यक्रम 'आधार' के प्रमुख वास्तुकार रहे हैं। परीक्षा प्रणाली के हर चरण- प्रश्नपत्रों की डिजिटल सुरक्षा, परीक्षार्थियों के वेरिफिकेशन और परिणाम प्रोसेसिंग में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की रणनीति बनाएंगे।

नंदन नीलेकणि करेंगे नेतृत्व।
डॉ. एस. सोमनाथ- अंतरिक्ष विज्ञानी व सिस्टम्स एक्सपर्ट
आईआईएससी (IISc) बेंगलुरु और आईआईटी मद्रास से पढ़े डॉ. सोमनाथ 2022 से 2025 तक इसरो (ISRO) के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव रह चुके हैं। बड़े पैमाने पर जटिल तकनीकी प्रणालियों और रॉकेट टेक्नोलॉजी को संचालित करने का अपना 40 वर्षों का अनुभव परीक्षा ढांचे में लागू करेंगे।
तपन कुमार डेका- सुरक्षा व इंटेलिजेंस विशेषज्ञ
हिमाचल प्रदेश कैडर के 1988 बैच के आईपीएस (IPS) अधिकारी तपन डेका जून 2022 से जून 2026 तक देश की खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक रहे हैं। काउंटर-टेररिज्म और 26/11 जांच का अनुभव रखने वाले डेका परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था, पेपर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करेंगे।
प्रो. वी. कामाकोटी- कंप्यूटर वैज्ञानिक व साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ
आईआईटी मद्रास के निदेशक और प्रसिद्ध कंप्यूटर वैज्ञानिक प्रो. कामाकोटी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य हैं और माइक्रोप्रोसेसर व एआई (AI) क्षेत्र के शीर्ष विशेषज्ञ हैं। परीक्षाओं के ऑनलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर, कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) की सुरक्षा और एआई-संचालित निगरानी पर अपने तकनीकी सुझाव देंगे।
अनीता करवाल- शिक्षा नीति व प्रशासनिक अनुभव
गुजरात कैडर की 1988 बैच की पूर्व आईएएस (IAS) अधिकारी अनीता करवाल सीबीएसई (CBSE) की अध्यक्ष और स्कूली शिक्षा सचिव रह चुकी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्कूल व बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े प्रशासनिक व नीतिगत सुधारों का मार्गदर्शन करेंगी।
अमृत लाल मीणा- रसद व प्रशासनिक महारथी
बिहार कैडर के 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमृत लाल मीणा बिहार के मुख्य सचिव और केंद्र में कोयला सचिव रह चुके हैं। देशभर में प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, लॉजिस्टिक्स और परीक्षा केंद्रों के जमीनी प्रबंधन को सुव्यवस्थित करेंगे।
पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के लिए तकनीक पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को दिए संदेश में स्पष्ट किया है कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली के आंतरिक ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है। यह मल्टी-डिसिप्लिनरी टास्क फोर्स एनटीए (NTA) के पुनर्गठन और आधुनिकतम एनक्रिप्टेड टेक्नोलॉजी के उपयोग को लेकर सरकार को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेगी।
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नितिन अरोड़ाauthor
नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।
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