IAS Vijay Amruta Kulange: दिहाड़ी मजदूर का बेटा बना UPSC पास कर बना IAS, विजय अमृता कुलंगे बने कलेक्टर

Published on 19 अग॰ 2026

Aug 19, 2026 04:17 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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UPSC Success Story: दिहाड़ी मजदूर के बेटे विजय अमृता कुलंगे ने कड़े संघर्षों के बाद UPSC पास कर IAS बनने का सपना पूरा किया। उनकी यह कहानी हर छात्र के लिए प्रेरणादायक है।

IAS Vijay Amruta Kulange

IAS विजय अमृता कुलंगे

IAS Vijay Amruta Kulange Success Story: कहते हैं कि सपने उन लोगों के पूरे नहीं होते जिनके घर बड़े होते हैं, बल्कि सपने उनके सच होते हैं जो अपनी जिद्द पर अड़े होते हैं। इस बात को महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव से निकलकर IAS अधिकारी और जिला कलेक्टर बने विजय अमृता कुलंगे ने साबित कर दिखाया है।

एक समय ऐसा था जब उनके परिवार के पास बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी। पिता दिहाड़ी मजदूरी करते थे और मां दूसरों के खेतों में काम करती थीं। लेकिन विजय ने अपनी गरीबी को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि इसे अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाकर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा को पास किया।

बचपन में झेली तंगहाली और आर्थिक तंगी

विजय अमृता का जन्म महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में एक बेहद गरीब परिवार में हुआ था। उनके पिता कपड़े सिलने का छोटा-मोटा काम करते थे और उनकी मां दूसरों के खेतों में दिहाड़ी मजदूरी करती थीं। माता-पिता दिनभर पसीना बहाकर बहुत मुश्किल से पैसे कमा पाते थे। इसके बावजूद, उनके माता-पिता ने विजय की पढ़ाई-लिखाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी और उनके हर सपने का साथ दिया।

डॉक्टर बनने का सपना छूटा, प्राइमरी टीचर से की शुरुआत

विजय बचपन से ही पढ़ाई में काफी होनहार थे। 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शानदार अंक हासिल करने के बाद उनका सपना डॉक्टर बनने का था। उनका चयन MBBS के लिए हो भी गया था, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति और पढ़ाई के भारी-भरकम खर्च के कारण उन्हें अपना यह सपना छोड़ना पड़ा।

परिवार को जल्द आर्थिक सहारा देने के लिए उन्होंने डिप्लोमा इन एजुकेशन (D.Ed) का कोर्स किया और एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में बतौर शिक्षक काम करना शुरू कर दिया। नौकरी मिलने के बाद घर की स्थिति थोड़ी सुधरी, लेकिन विजय का मन कुछ बड़ा और बेहतर करने का था।

प्राइमरी टीचर से लेकर IAS अफसर बनने का सफर

टीचर की नौकरी करते हुए उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और समाजशास्त्र में एम.ए मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने राज्य सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। शुरुआती असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी कड़ी मेहनत के बल पर वह सबसे पहले सेल्स टेक्स इंस्पेक्टर बने। इसके बाद आगे की परीक्षा पास करके वह तहसीलदार के पद पर चयनित हुए।

तहसीलदार के रूप में काम करते हुए एक IAS अधिकारी ने उन्हें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। विजय ने बिना किसी महंगी कोचिंग के, नौकरी के साथ-साथ कठिन पढ़ाई जारी रखी। आखिरकार, साल 2012 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की और 176वीं ऑल इंडिया रैंक लाकर ओडिशा कैडर के 2013 बैच के आईएएस अधिकारी बन गए।

'People's Collector' के रूप में बनाई खास पहचान

ओडिशा के गंजाम जिले में कलेक्टर रहते हुए विजय अमृता ने कई बड़े काम किए। उनके प्रयासों से गंजाम जिला ओडिशा का पहला ‘बाल विवाह मुक्त’ जिला बना। उन्होंने सरकारी स्कूलों के कायाकल्प और जन कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में बड़ी भूमिका निभाई, जिससे लोग उन्हें प्यार से 'पीपल्स कलेक्टर' कहने लगे।

विजय अमृता कुलंगे का यह जीवन सफर हर उस छात्र के लिए एक बहुत बड़ा संदेश है, जो अपनी गरीबी या सीमित साधनों को अपनी असफलता का कारण मानते हैं। अगर आपके इरादे मजबूत हैं, तो कोई भी रुकावट आपको आपकी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।

लेखक के बारे में

Prachi

शॉर्ट बायो: प्राची लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 2 वर्षों से वे करियर, शिक्षा और सरकारी नौकरियों से जुड़े विषयों पर लिख रही हैं। मुश्किल खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेषता है। वे 2024 से लाइव हिन्दुस्तान की करियर टीम का हिस्सा हैं।

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प्राची ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है। उनकी शैक्षणिक नींव दिल्ली यूनिवर्सिटी से है, जहां से उन्होंने इतिहास में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इतिहास की अच्छी जानकारी होने के कारण, वे आज की खबरों को बेहतर तरीके से समझ और समझा पाती हैं। यही वजह है कि उनके लेखों में जानकारी पूरी तरह सटीक और अधिक भरोसेमंद होती है।

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