Aug 21, 2026 02:00 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
अंकुर लाठर हरियाणा के हिसार जिले के छोटे से गांव राजगढ़ से आती हैं। उन्होंने सीमित संसाधन में जी तोड़ मेहनत करके सफलता हासिल की है।

आईएएस अंकुर लाठर सक्सेस स्टोरी
कहते हैं कि शिक्षा और मेहनत कभी बेकार नहीं बेकार नहीं जाती है, बल्कि वो आपको कभी ना कभी फायदा जरूर पहुंचाता है। इसलिए पूरी मेहनत करने वालों की हार नहीं होती है। कुछ ऐसी ही कहानी आईएएस अफसर अंकुर लाठर की, जो इस वक्त फर्रुखाबाद के जिला कलेक्टर पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। जब वो एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थीं, तब उन्हें कभी नहीं लगा था कि एक दिन वो आईएएस अधिकरी बनेंगी। क्योंकि एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद लोग डॉक्टर ही बनते हैं। लेकिन अंकुर लाठर के साथ ऐसा नहीं था।
उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी के करने के बाद आईएएस का रास्ता चुना। हालांकि उनके लिए ये सब इतना आसान नहीं था। कई बार असफलाओं का सामना हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। फिलहाल, उनकी सक्सेस स्टोरी जानने से पहले आपको बता दूं कि इस वक्त वो अपने एक प्यारे से वीडियो को लेकर खूब चर्चा में हैं। बता दें कि अक्सर वो अपनअपने उत्कृष्ट व साहसिक निर्णयों के चलते अक्सर चर्चा में रहती हैं। लेकिन इस बार वजह दूसरी है।
बच्चों से खेला क्रिकेट, वीडियो वायरल
दरअसल, फर्रुखाबाद के राजकीय मूक-बधिर विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचीं IAS डीएम अंकुर लाठर ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ-साथ बच्चों के साथ क्वालिटीटाइम बिताया।उन्होंने कक्षाओं में बैठकर बच्चों से उनकी पढ़ाई और दिनचर्या के विषय में जानकारी ली। साथ ही डीएम लाठर बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने सीधे मैदान में उतर गईं। हाथ में बल्ला थामे अधिकारी को अपने बीच खेलते देख बच्चों का उत्साह चरम पर था। खेल के दौरान भी वे इशारों ही इशारों में एक-दूसरे का हौसला बढ़ाती नज़र आईं। इसी का वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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कौन हैं अंकुर लाठर
अंकुर लाठर हरियाणा के हिसार जिले के छोटे से गांव राजगढ़ से आती हैं। उन्होंने सीमित संसाधन में जी तोड़ मेहनत करके सफलता हासिल की है। हालांकि, परिवार वालों का पूरा सपोर्ट रहा। अंकुर लाठर के पिता करण सिंह लाठर जानवरों के डॉक्टर हैं। अपने पिता से ही उन्हें डॉक्टर बनने की प्रेरणा मिली।
अंकुर लाथर हमेशा से पढ़ने में अच्छी थीं उन्होंने 10वीं में 94% और 12वीं में 91% अंक हासिल किए। शुरुआती पढ़ाई गांव में करने के बाद वे हिसार के एक सीबीएसई स्कूल में पढ़ने चली गईं। इसके बाद उन्होंने MBBS कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रैक किया और AIIMS पहुंच गईं।
पहले प्रयास में फेल, फिर हुईं सफल
अंकुर लाठर के पास एक सेट फ्यूचर और करियर था। लेकिन उन्हें देश सेवा करने का जुनून सवार था। ऐसे में उन्होंने साल 2013 में UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की। MBBS से पढ़ाई करने के कारण उन्होंने मेडिकल साइंस को अपना ऑप्शनल विषय चुना। पहली कोशिश में असफलता मिली। लेकिन लगातार मेहनत के दम पर अंकुर लाठर ने आखिरकार सफलता हासिल कर ही ली। उन्होंने दूसरे प्रयास में UPSC CSE 2016 में ऑल इंडिया रैंक 77 हासिल कर लिया। इसलिए कहते हैं कि कोशिश और मेहनत करने वालों की हार नहीं होती है।
पति भी आईएएस
बता दें कि अंकूर लाठर ने आईएएस अधिकारी अतुल वत्स से विवाह किया। विवाह के बाद उन्होंने अपना इंटर-कैडर ट्रांसफर करवाकर तमिलनाडु से उत्तर प्रदेश कैडर चुन लिया। उनके पति, आईएएस अतुल वत्स वर्तमान में हाथरस के जिलाधिकारी हैं।
