HSBC एसेट मैनेजमेंट की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच, AI की क्रांति और गिरते तेल के दाम इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं, जिससे उभरते बाजारों को भी फायदा होगा।
एचएसबीसी एसेट मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, जटिल मैक्रो माहौल और अस्थिर महंगाई के बावजूद, AI-संचालित प्रदर्शन और मुनाफे में होती बढ़ोतरी से इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे टेक्नोलॉजी से जुड़े क्षेत्रों के साथ-साथ उभरते बाजारों को भी फायदा हो सकता है।
फंड हाउस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका-ईरान के बीच हुए सहमति ज्ञापन (Memorandum of Understanding) ने भू-राजनीतिक तनाव को कम करने में मदद की है, जिससे तेल की कीमतें फरवरी के अंत के स्तर से भी नीचे आ गई हैं। रिपोर्टिंग के समय, ब्रेंट क्रूड लगभग 84.75 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि कच्चा तेल लगभग 81.02 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर था। इसके अलावा, गैर-तेल वस्तुओं में भी आपूर्ति बाधाओं में कमी आई है। रिपोर्ट में कहा गया, "इससे वैश्विक विकास और महंगाई के लिए बड़े जोखिम कम होने चाहिए।"
फेडरल रिजर्व का रुख और तेल की कीमतें
फंड हाउस के मुताबिक, फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वार्श ने भले ही आक्रामक रुख अपनाया है, लेकिन तेल की कीमतों में तेज गिरावट 2027 में फेड को मामूली ढील देने की गुंजाइश पैदा कर सकती है।
AI बूम से अर्थव्यवस्था को सहारा
इस बीच, रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि AI में निवेश का बूम अन्य जगहों पर कमजोर होती स्थितियों की भरपाई कर रहा है। उम्मीद है कि मजबूत कॉर्पोरेट मुनाफे से गैर-तकनीकी पूंजीगत खर्च को समर्थन मिलेगा और ऊर्जा की कम कीमतें खपत को बढ़ावा देंगी, जिससे विकास का दायरा और बढ़ेगा। इसमें कहा गया है कि यूरोपीय विकास अभी भी धीमा है, जबकि एशिया का AI-आधारित औद्योगिक अपसाइकल ऊर्जा की कमी का सामना कर रहा है।
एचएसबीसी एसेट मैनेजमेंट के अनुसार, AI बाजार की आय और प्रदर्शन को लगातार बढ़ा रहा है, लेकिन इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे तकनीक से जुड़े क्षेत्र अगले लीडर के रूप में उभर सकते हैं। इस बढ़ते ट्रेंड से उभरते बाजारों को फायदा हो सकता है, जिसे तेल की घटती कीमतों से और समर्थन मिलेगा। रिपोर्ट में कहा गया, "वैश्विक अर्थव्यवस्था जटिल सप्लाई शॉक्स और बढ़ती महंगाई का सामना कर रही है, लेकिन मजबूत कॉर्पोरेट मुनाफे के कारण बाजार इन चिंताओं को नजरअंदाज कर पा रहे हैं। भ्रमित करने वाले मैक्रो परिदृश्य का मतलब है कि बीच-बीच में अस्थिरता देखने को मिल सकती है।"
निवेशकों के लिए सलाह
फंड हाउस निवेशकों को सलाह देता है कि वे पॉजिटिव स्टॉक-बॉन्ड कोरिलेशन के बीच डाइवर्सिफायर्स में और विविधता लाएं। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि, "बॉन्ड बाजारों में ऊंची यील्ड का मतलब है कि फिक्स्ड इनकम और डिफेंसिव इक्विटी क्षेत्रों में 'विविध आय' के अवसर बेहतर हुए हैं।"
एशियाई बाजारों पर ध्यान देते हुए, रिपोर्ट ने बताया कि AI और ऊर्जा संकट के अलग-अलग प्रभाव के कारण नीतिगत समर्थन की गति और पैमाने में अंतर आ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है, "AI बूम से मिले मजबूत मुनाफे और स्थिर वास्तविक दरों के समर्थन से 2026 में वैश्विक सूचकांक आगे बढ़े हैं, और 'ब्रॉडेनिंग आउट 2.0' से AI का असर इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में फैलने की उम्मीद है।"
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