September 25, 2026

SFI Raises HPU Security Concerns : शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में 19 सितंबर को SFI और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद छात्र संगठन SFI ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। SFI ने घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई, मुख्य सुरक्षा अधिकारी जी.डी. शर्मा को हटाने और हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई की मांग की है। घटना के बाद पुलिस ने छात्रों को हिरासत में लिया था।
19 सितंबर 2026 को विश्वविद्यालय परिसर के गेट पर एबीवीपी (ABVP) के गुंडों द्वारा घातक हथियारों के साथ एक सोची-समझी साजिश के तहत हिंसा को अंजाम दिया गया। सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से पूरी दुनिया ने देखा कि एबीवीपी के नेता और कार्यकर्ता कुल्हाड़ी और अन्य धारदार हथियारों के साथ परिसर में खुलेआम घूम रहे थे। इसके बावजूद, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर जीडी शर्मा और विश्वविद्यालय का सुरक्षा तंत्र पूरी तरह से मूकदर्शक बना रहा और एबीवीपी के इन आपराधिक तत्वों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
प्रमुख बिंदु और मांगें : मुख्य सुरक्षा अधिकारी जी.डी. शर्मा का पक्षपातपूर्ण रवैया: 19 सितंबर को हथियार (कुल्हाड़ी) के साथ पकड़े गए एबीवीपी के नेताओं पर जी.डी. शर्मा द्वारा कोई त्वरित या अनुशासनात्मक कार्रवाई न करना उनकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लगातार एबीवीपी के आपराधिक तत्वों को राजनीतिक संरक्षण दे रहे हैं और परिसर में आम छात्रों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
SFI मांग करती है कि पद का दुरुपयोग करने और अपराधियों को बचाने के आरोप में जी.डी. शर्मा को तुरंत प्रभाव से पद से हटाया जाए। SFI कार्यकर्ताओं की गैर-कानूनी हिरासत का विरोध: घटना वाले दिन और उसके बाद पुलिस प्रशासन ने असली हमलावरों को पकड़ने के बजाय अपनी नाकामी छिपाने के लिए SFI के निर्दोष कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया और उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया। अपनी सुरक्षा और आम छात्रों के अधिकारों की आवाज उठाने वाले छात्र कार्यकर्ताओं पर दमनकारी कार्रवाई की जा रही है, जिसे SFI किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर एफआईआर SFI मांग करती है कि 19 सितंबर की पूरी घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। कुल्हाड़ी व अन्य जानलेवा हथियारों के साथ पकड़े गए एबीवीपी नेताओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए तथा विश्वविद्यालय से निष्कासित किया जाए। हिरासत में लिए गए छात्रों की बिना शर्त रिहाई SFI के जिन कार्यकर्ताओं को फर्जी और दमनकारी धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया है, उन्हें तुरंत और बिना शर्त रिहा किया जाए।
यदि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस प्रशासन तुरंत CSO जी.डी. शर्मा के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता, एबीवीपी के हथियारबंद गुंडों को गिरफ्तार नहीं करता और SFI कार्यकर्ताओं की गैर-कानूनी हिरासत बंद नहीं करता, तो SFI विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करेगी जिसके लिए HPU प्रशासन और शिमला पुलिस पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगी।”