Hardik Pandya Birthday: माहिका शर्मा ने हार्दिक के शुरुआती दिनों से लेकर टीम इंडिया तक पहुंचने की कहानी बताई है. माहिका ने बताया कि कैसे एक बल्लेबाज के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले हार्दिक की जिंदगी में गेंदबाजी ने नया मोड़ ला दिया.
माहिका ने अपने पोस्ट में हार्दिक पांड्या की सफलता के साथ उनके संघर्ष को भी याद किया. उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था, जब लगातार अच्छा खेलने के बावजूद हार्दिक को टीम में जगह बनाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. लेकिन उनकी मेहनत और एक मौके ने पूरी कहानी बदल दी.
माहिका शर्मा का पोस्ट
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19 साल की उम्र तक सिर्फ बल्लेबाजी करते थे हार्दिक
माहिका ने बताया कि 19 साल की उम्र तक हार्दिक बड़ौदा की टीम में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते थे. वह काफी फुर्तीले और ऊर्जावान थे. क्रिकेट ही उनके लिए खुद को साबित करने का सबसे बड़ा जरिया था. बल्लेबाज के रूप में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी हार्दिक को टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष करना पड़ा.
उन्होंने अपने नोट में चयन के दौरान राजनीति और सामाजिक मेलजोल से जुड़ी मुश्किलों का भी जिक्र किया. हालांकि, हार्दिक को खुद भी अंदाजा नहीं था कि उनकी मेहनत करने की आदत आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बन जाएगी.
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पहली बार गेंदबाजी की और झटक लिए 5 विकेट
हार्दिक पांड्या की जिंदगी में सबसे बड़ा बदलाव तब आया, जब एक सीनियर कोच ने उन्हें गेंदबाजी करते हुए देखा. हार्दिक बल्लेबाज के रूप में अपनी पहचान बना रहे थे और कोच भी उन्हें इसी रूप में जानते थे. ऐसे में उन्हें गेंदबाजी करते देख कोच हैरान रह गए.
माहिका ने बताया कि इसके कुछ दिन बाद हार्दिक ने पहली बार किसी मैच में गेंदबाजी की और पांच विकेट हासिल किए. उस समय उनके पास गेंदबाजी के लिए जूते तक नहीं थे. इसके करीब दो साल बाद उनकी पसंदीदा आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस ने उन्हें तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में चुना. इसके छह महीने बाद ही हार्दिक ने भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया.

'हार्दिक की कहानी का 3 प्रतिशत ही बता पाई'
माहिका ने अपने नोट के आखिर में लिखा कि हार्दिक ने अपनी जिंदगी में जो सफर तय किया है, उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है. उन्होंने कहा कि उनका यह नोट हार्दिक की पूरी कहानी का महज 3 प्रतिशत हिस्सा ही बता पाया है.
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