Published: Saturday, August 22, 2026, 13:45 [IST]
अब इंपोर्टर्स और MSMEs जीएसटी पोर्टल पर ही बिल ऑफ एंट्री (BoE) और IGST लिंकेज को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। पोर्टल पर यह सुविधा Services > User Services > Search BoE पाथ के तहत 'ICEGATE Search BoE and Query' के रूप में मिलेगी। यह टूल कस्टम्स के छूटे हुए डेटा को तुरंत फेच कर लेता है और क्वेरी का स्टेटस एक ही जगह दिखा देता है। इससे डेटा मिलाने (Reconciliation) की रफ्तार तेज होती है और ऑडिट की तैयारी भी आसान हो जाती है।
इसे इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने अकाउंट में लॉगिन करें और Search BoE सेक्शन खोलें। इसके बाद पोर्ट कोड (Port Code), BoE नंबर, BoE तारीख और रेफरेंस डेट दर्ज करें। अगर स्क्रीन पर डेटा नजर न आए, तो 'Query ICEGATE' पर क्लिक कर दें। लगभग 30 मिनट के भीतर हिस्ट्री अपडेट हो जाएगी। ध्यान रखें कि T‑4 दिनों वाले नियम के कारण एकदम नया रिकॉर्ड तुरंत फेच नहीं होता है। एक्सपोर्टर्स जीएसटी इनवॉइस-टू-आइसगेट (ICEGATE) ट्रैकर की मदद भी ले सकते हैं। 'Query ICEGATE' का बटन आपको रिजल्ट स्क्रीन के सबसे निचले हिस्से में मिलेगा।

GST पोर्टल का ICEGATE ‘Search BoE & Query’: स्टेप्स और फायदे
यह सेल्फ-सर्विस टूल हेल्पडेस्क के चक्कर लगाने और कस्टम्स ब्रोकर से बार-बार फॉलो-अप करने की झंझट खत्म करता है। आमतौर पर ICEGATE रेफरेंस डेट के दो दिनों के भीतर जीएसटी पोर्टल के साथ BoE डेटा शेयर कर देता है। अगर कभी GSTR‑2B में इंपोर्ट क्रेडिट न दिखे, तो खुद ही समय रहते क्वेरी डालकर काम आगे बढ़ाया जा सकता है, जिससे कैश-फ्लो अटकने से बच जाता है। एक्सपोर्टर्स को स्क्रॉल जनरेट होने के बाद ICEGATE पर IGST रिफंड का स्टेटस चेक कर लेना चाहिए। पूरी डिटेल्स लॉगिन करने के बाद ही दिखाई देती हैं। डेटा न मिलने की आम वजहों में गलत पोर्ट कोड, इनवॉइस नंबर या IEC‑GSTIN की लिंकिंग में गड़बड़ी शामिल हैं।
| पहलू (Aspect) | पहले की प्रक्रिया | जीएसटी पोर्टल पर अब |
|---|---|---|
| एक्सेस करने का तरीका | ICEGATE इन्क्वायरी के साथ अलग से जीएसटी सर्च करना पड़ता था | अब लॉगिन के अंदर ही एक जगह Search BoE के साथ Query ICEGATE उपलब्ध है |
| स्टेटस ट्रैकिंग | क्वेरी हिस्ट्री देखने की कोई एक जगह नहीं थी | हिस्ट्री पैनल में फेच किए गए रिकॉर्ड और क्वेरी का स्टेटस साफ दिखता है |
| नए रिकॉर्ड का एक्सेस | यूजर्स अक्सर बहुत जल्दी क्वेरी डाल देते थे | T‑4 वैलिडेशन नियम की वजह से अब तय समय से पहले डेटा फेच नहीं होता |
| IGST लिंकेज का व्यू | अलग से ट्रैकर और ICEGATE लॉगिन की जरूरत होती थी | अब फाइनल स्टेटस के लिए जीएसटी ट्रैकर के साथ ICEGATE लॉगिन की सुविधा है |
उदाहरण के तौर पर: मान लीजिए किसी MSME ने मशीनरी इंपोर्ट की। BoE में 5 अगस्त की रेफरेंस डेट पर ₹1,20,000 का IGST बनता है, लेकिन GSTR‑2B में यह क्रेडिट शो नहीं हो रहा। ऐसे में वे Search BoE पर जाकर 'Query ICEGATE' का बटन दबाते हैं। उसी शाम तक हिस्ट्री स्टेटस ग्रीन हो जाता है और अगले रिफ्रेश में GSTR‑2B पर क्रेडिट दिखने लगता है। अगर फिर भी ऐसा न हो, तो पोर्ट कोड, तारीखें और IEC‑GSTIN लिंकिंग दोबारा जांचें या फिर 1800‑3010‑1000 पर संपर्क करें।
MSMEs, एक्सपोर्टर्स और कस्टम्स ब्रोकर्स के लिए यह नया अपडेट काम में क्लेरिटी और कंट्रोल लेकर आया है। अपने सभी डॉक्यूमेंट्स सही रखें और T‑4 की समयसीमा पूरी होने के बाद ही क्वेरी डालें। अगर दो दिनों के बाद भी डेटा न मिले, तो जीएसटी हेल्पडेस्क पर टिकट रेज करें। इसके अलावा लॉगिन करके ICEGATE पर अपने IGST रिफंड की पुष्टि भी कर लें। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह टूल देरी को कम करता है और बिजनेस कैश-फ्लो को बनाए रखता है।
Story first published: Saturday, August 22, 2026, 13:45 [IST]
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