GST में बड़ा बदलाव! अफसरों की गिरफ्तारी की ताकत होगी खत्म, ₹5 करोड़ से नीचे राहत

Published on 4 अक्टू॰ 2026

GST व्यवस्था में सरकार बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. GST काउंसिल की 7 अक्टूबर को होने वाली बैठक में टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म करने और गंभीर टैक्स अपराधों के लिए ₹5 करोड़ की सीमा तय करने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है. यह बदलाव कारोबारियों और कंपनियों के लिए काफी अहम माना जा रहा है.

GST अफसर सीधे नहीं कर सकेंगे गिरफ्तारी

मौजूदा व्यवस्था में गंभीर GST अपराधों के मामलों में टैक्स अधिकारी गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकते हैं. इसमें फर्जी इनवॉइस, गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और टैक्स चोरी जैसे मामले शामिल हैं.

प्रस्तावित बदलाव के तहत GST अधिकारियों से गिरफ्तारी की यह शक्ति वापस ली जा सकती है. गिरफ्तारी के लिए अदालत की मंजूरी जरूरी करने का विकल्प विचाराधीन है. इसका उद्देश्य टैक्स अधिकारियों की कार्रवाई में मनमानी की शिकायतों को कम करना और कारोबारियों का भरोसा बढ़ाना है.

₹5 करोड़ से ऊपर के मामलों पर फोकस

सरकार GST के आपराधिक मामलों में भी बदलाव पर विचार कर रही है. प्रस्ताव के मुताबिक आपराधिक कार्रवाई को गंभीर मामलों तक सीमित किया जा सकता है और इसके लिए ₹5 करोड़ या उससे ज्यादा की टैक्स चोरी की सीमा तय हो सकती है.

इसका मतलब यह होगा कि छोटे टैक्स विवादों को सीधे आपराधिक मामला बनाने के बजाय सिविल पेनल्टी और टैक्स रिकवरी जैसे रास्तों से निपटाया जा सकता है. इससे कारोबारियों को छोटी गलतियों या GST की व्याख्या से जुड़े विवादों में आपराधिक कार्रवाई के डर से राहत मिल सकती है.

कारोबारियों की लंबे समय से शिकायत

GST लागू होने के बाद से कारोबार जगत की तरफ से टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी शक्तियों को लेकर चिंता जताई जाती रही है. कारोबारियों का कहना है कि कई मामलों में टैक्स विवाद और जानबूझकर की गई टैक्स चोरी के बीच अंतर किया जाना जरूरी है.

आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच केंद्रीय GST अधिकारियों ने 72,393 उल्लंघन के मामले दर्ज किए और 887 गिरफ्तारियां कीं. हालांकि ये आंकड़े राज्य स्तर की प्रवर्तन एजेंसियों की गिरफ्तारियों को शामिल नहीं करते.

GST 2.0 में डिक्रिमिनलाइजेशन पर जोर

प्रस्तावित बदलाव को Next-Generation GST यानी GST 2.0 सुधारों का हिस्सा माना जा रहा है. सरकार का फोकस टैक्स व्यवस्था को आसान बनाने और कारोबारियों पर अनावश्यक कानूनी दबाव कम करने पर है.

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि गंभीर धोखाधड़ी या जानबूझकर टैक्स चोरी करने वालों पर कार्रवाई खत्म हो जाएगी. ऐसे मामलों में कानून के तहत आपराधिक कार्रवाई जारी रह सकती है. प्रस्ताव पर अंतिम फैसला GST काउंसिल की चर्चा और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद होगा.

कन्हैया पचौरी

कन्हैया पचौरी

कन्हैया पचौरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट, टीवी और ऑनलाइन मीडिया में 10 वर्षों का अनुभव है. उन्होंने प्रिंट पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया और पिछले कुछ वर्षों से उन्होंने टेक और ऑटो सेक्शन को कवर कर रहे हैं. वह टेक्नोलॉजी पर बारीकी से रिसर्च करते है और लेटेस्ट ट्रेंड्स और डेवलपमेंट्स पर नजर रखते हैं. वर्तमान में, कन्हैया टीवी9 के साथ जुड़े हुए हैं, यहां ये टेक और ऑटो सेक्शन कवर कर रहे हैं. उन्होंने इंडस्ट्री में लेटेस्ट डेवलपमेंट के गहन कवरेज करने को लेकर अपना नाम बनाया है. यूजर्स को किसी भी न्यूज की पूरी और सही जानकारी देने में तत्पर हैं. जब वह टेक्नोलॉजी पर काम नहीं कर रहे होते हैं तो अपने शौक पूरे करने में उन्हें अच्छा लगता है. उन्हें म्यूजिक सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. उनका मानना है कि काम में व्यस्त दिन के बाद म्यूजिक और किताबें आराम करने का एक शानदार तरीका है.

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