राजस्थान के इसबगोल पर GST का पेच, गुजरात में 0% तो यहां 5% टैक्स; फुटेज में जाने किसानों और कारोबारियों ने उठाई समान दर की मांग

Published on 5 सित॰ 2026

राजस्थान के इसबगोल पर GST का पेच, गुजरात में 0% तो यहां 5% टैक्स; फुटेज में जाने किसानों और कारोबारियों ने उठाई समान दर की मांग

राजस्थान में इसबगोल की खरीद और प्रोसेसिंग से जुड़े किसान और उद्यमी GST की अलग-अलग दरों को लेकर परेशान हैं। गुजरात में प्राकृतिक, कच्चे और बिना प्रसंस्करण वाले इसबगोल बीज पर 0% GST लागू है, जबकि राजस्थान की मंडियों और गोदामों में रखे इसबगोल बीज पर 5% GST लगाया जा रहा है। एसोसिएशन का दावा है कि दोनों राज्यों में टैक्स की इस असमानता से राजस्थान की मंडियों में इसबगोल की खरीद और नीलामी प्रभावित हो रही है।

राजस्थान के इसबगोल कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि राज्य में प्राकृतिक और कच्चे इसबगोल बीज पर 5% GST लगने के कारण कारोबारियों के सामने प्रतिस्पर्धा की स्थिति मुश्किल हो रही है। दूसरी ओर, गुजरात में इसी तरह के प्राकृतिक और बिना प्रसंस्करण वाले इसबगोल बीज पर 0% GST का फैसला लागू है।इस अंतर का असर उन किसानों और व्यापारियों पर पड़ रहा है, जो इसबगोल की खरीद, भंडारण और प्रोसेसिंग से जुड़े हैं। राजस्थान में मंडियों और गोदामों में रखे बीज पर टैक्स लगने से खरीद प्रक्रिया और नीलामी प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

GST काउंसिल की बैठक में मुद्दा उठाने की मांग

राजस्थान इसबगोल प्रोसेसर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया है कि 12 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली 57वीं GST काउंसिल की बैठक में राजस्थान के इसबगोल कारोबार से जुड़े इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाए।एसोसिएशन का कहना है कि देश के अलग-अलग राज्यों में एक ही कृषि उत्पाद पर अलग-अलग GST दर होने से कारोबारियों के बीच असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति बन रही है। इसका सीधा असर किसानों से लेकर प्रोसेसिंग उद्योग तक दिखाई दे रहा है।

पूरे देश में 0% GST लागू करने की मांग

राजस्थान इसबगोल प्रोसेसर्स एसोसिएशन ने प्राकृतिक, कच्चे और बिना प्रसंस्करण वाले इसबगोल बीज पर पूरे देश में एक समान 0% GST लागू करने की मांग की है। एसोसिएशन के मुताबिक, इससे किसानों और कारोबारियों को राहत मिलेगी और इसबगोल के कारोबार में टैक्स संबंधी असमानता खत्म होगी।एसोसिएशन का तर्क है कि जब गुजरात में प्राकृतिक और कच्चे इसबगोल बीज को 0% GST के दायरे में रखा गया है, तो राजस्थान में भी इसी तरह की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे मंडियों में खरीद और नीलामी की प्रक्रिया सुचारु हो सकती है।

देश के उत्पादन में राजस्थान की बड़ी हिस्सेदारी

राजस्थान इसबगोल उत्पादन के लिहाज से देश का प्रमुख राज्य है। यहां देश के कुल इसबगोल उत्पादन का 75% से ज्यादा हिस्सा होने का दावा किया जाता है। ऐसे में GST से जुड़ा कोई भी फैसला किसानों, व्यापारियों, प्रोसेसिंग यूनिट्स और पूरे उद्योग को सीधे प्रभावित करता है।अब इसबगोल से जुड़े किसान और उद्यमी 12 सितंबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक पर नजर बनाए हुए हैं। उनकी उम्मीद है कि बैठक में राजस्थान और गुजरात के बीच GST की दरों में मौजूद अंतर पर चर्चा होगी और प्राकृतिक व कच्चे इसबगोल बीज के लिए पूरे देश में समान 0% GST की व्यवस्था लागू करने की दिशा में फैसला लिया जाएगा।

Share this story