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सार
Indore Smart City Road Condition: इंदौर स्मार्ट सिटी में घटिया निर्माण की खुली पोल, जूते से रगड़ने पर उखड़ने लगी ₹1 करोड़ की सड़कें। रतलाम कोठी और स्कीम नंबर-54 की सड़कों की जांच शुरू।

इंदौर स्मार्ट सिटी में सड़क का घटिया निर्माण (सोर्स- नवभारत लाइव)
विस्तार
Indore Smart City Poor Road Construction: इंदौर में स्मार्ट सिटी के तहत बनाई गई सड़कों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लाखों रुपये की लागत से तैयार की गई सड़कें कुछ ही महीनों में उखड़ने लगी हैं। सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब नवभारत की ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान रिपोर्टर ने सड़क को केवल जूते से हल्का सा घिसा और सड़क की ऊपरी परत के साथ सीमेंट भी निकलने लगा।
इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल रतलाम कोठी की 70 लाख रुपये और स्कीम नंबर-54 की 30 लाख रुपये की लागत से बनी सड़कें जांच के दायरे में आ गई हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई हकीकत, स्थानीय लोगों ने भी लगाए आरोप
नवभारत की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आए दृश्य बताते हैं कि सड़क की सतह बेहद कमजोर नजर आ रही है। रिपोर्टिंग के दौरान सिर्फ जूते से रगड़ने पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए थे, लेकिन शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि जल्दबाजी में काम पूरा कर सड़क का निर्माण कर दिया गया, जिसका नतीजा अब सामने आ रहा है।
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ठेकेदारों ने भी अधिकारियों को बताया था समस्या, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
मामले में निर्माण करने वाले ठेकेदारों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान ही उन्हें गुणवत्ता संबंधी दिक्कत महसूस हुई थी। उनका दावा है कि सड़क से असामान्य आवाज आने और निर्माण संबंधी समस्याओं की जानकारी अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन शिकायतों पर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में सवाल सिर्फ निर्माण एजेंसी पर ही नहीं, बल्कि उन अधिकारियों पर भी उठ रहे हैं, जिनकी निगरानी में यह पूरा काम हुआ।
निगम ने भेजे सैंपल, अब कार्रवाई के इंतजार में जनता
लगातार शिकायतों के बाद नगर निगम ने सड़क के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। निगम के जनकार्य प्रभारी का कहना है कि प्रारंभिक स्तर पर गुणवत्ता में कमी सामने आई है और दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। वहीं, भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों पर संबंधित पार्षद ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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अब शहर की जनता यह जानना चाहती है कि क्या इस मामले में केवल जांच तक कार्रवाई सीमित रहेगी या फिर घटिया निर्माण और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर भी ठोस कार्रवाई होगी।
