Gold-Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है. मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव 399 रुपये गिरकर करीब 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. वहीं, चांदी की कीमत 923 रुपये घटकर लगभग 2.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई.
इससे पहले 12 अक्टूबर को भी सोने और चांदी के दाम में गिरावट आई थी. दो दिनों में सोना करीब 1750 रुपए और चांदी लगभग 1700 रुपए सस्ती हो चुकी है. हालांकि, कीमतों में इस गिरावट के बावजूद आने वाले दिनों में सोने-चांदी के भाव बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है.
एक्सपर्ट के मुताबिक, भारत और चीन में फेस्टिव सीजन के चलते कीमती धातुओं की मांग बढ़ सकती है. इसके अलावा दुनिया के कई केंद्रीय बैंक भी सोने की खरीदारी कर रहे हैं. इन परिस्थितियों को देखते हुए दिवाली तक सोने की कीमत 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 2.40 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है. हालांकि, ये संभावित स्तर हैं, कीमतों की गारंटी नहीं.
दो दिन में क्यों सस्ता हुआ सोना और चांदी?
सोने और चांदी की कीमतों में रोजाना बदलाव कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों के कारण होता है. इनमें वैश्विक बाजार में कीमतों की चाल, डॉलर की मजबूती या कमजोरी, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, निवेशकों की खरीदारी और मुनाफावसूली जैसे कारक शामिल हैं.
जब कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तो कई निवेशक मुनाफा कमाने के लिए सोना और चांदी बेचने लगते हैं. इससे बाजार में कुछ समय के लिए गिरावट आ सकती है. दूसरी ओर, वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर सकते हैं.
हालांकि, 12 और 12 अक्टूबर को आई गिरावट की सटीक वजह जानने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर और बॉन्ड यील्ड की चाल का विश्लेषण जरूरी है. केवल दो दिनों की गिरावट के आधार पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि सोने-चांदी में तेजी का दौर खत्म हो गया है.
दिवाली तक सोना और चांदी कहां तक पहुंचने का अनुमान
फेसिट्व सीजन में भारत में सोने की मांग बढ़ जाती है. धनतेरस, दिवाली और शादी-ब्याह के मौसम में बड़ी संख्या में लोग सोने के आभूषण, सिक्के और दूसरी वस्तुएं खरीदते हैं. चीन में भी त्योहारों और निवेश की मांग का कीमती धातुओं के बाजार पर असर पड़ सकता है.
जानकारों की मानें तो मांग बढ़ने और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी के चलते दिवाली तक सोने का भाव 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 2.40 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है.
हालांकि, त्योहारों में मांग बढ़ना ही कीमतों में तेजी की एकमात्र वजह नहीं है. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आती है या निवेशक मुनाफावसूली करते हैं, तो घरेलू बाजार में तेजी सीमित भी रह सकती है. इसलिए खरीदारी करने वालों को संभावित तेजी के साथ गिरावट के जोखिम पर भी ध्यान देना चाहिए.
दुनिया के केंद्रीय बैंक क्यों खरीद रहे हैं सोना?
सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक केंद्रीय बैंकों की खरीदारी है. कई देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने और आर्थिक अनिश्चितता के जोखिम को कम करने के लिए सोना रखते हैं.
सोना किसी एक देश की मुद्रा पर सीधे निर्भर नहीं होता. यही वजह है कि कुछ केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व में सोने का हिस्सा बढ़ाना पसंद करते हैं. जब केंद्रीय बैंकों और निवेशकों की ओर से मांग मजबूत रहती है, तो इससे सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है.
हालांकि, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी के बावजूद सोने का भाव हमेशा ऊपर नहीं जाता. डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीदें और निवेशकों की बिकवाली भी कीमतों को प्रभावित करती हैं.
इस साल सोना ₹15 हजार महंगा, चांदी ₹10 हजार सस्ती
2026 में अब तक सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. दिए गए IBJA आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को सोने का भाव 1,33,195 रुपये प्रति 10 ग्राम था. 13 अक्टूबर 2026 को यह करीब 1.48 लाख रुपये पर पहुंच गया. इस तरह सोने की कीमत में लगभग 15 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है.
इसके उलट, चांदी का भाव 31 दिसंबर 2025 के 2,30,420 रुपये प्रति किलो से घटकर करीब 2.20 लाख रुपये रह गया है. यानी साल के अंत के स्तर की तुलना में चांदी लगभग 10 हजार रुपये सस्ती है.
इस दौरान 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था. इसके बाद दोनों धातुओं में बड़ी गिरावट भी देखने को मिली.
ये आंकड़े बताते हैं कि सोने और चांदी की कीमतों में तेजी और गिरावट का पैटर्न अलग-अलग हो सकता है. इसलिए केवल सोने की चाल देखकर चांदी में निवेश का फैसला करना सही नहीं है.
सोना खरीदते समय इन दो बातों का रखें ध्यान
पहली बात: हॉलमार्क जरूर जांचें.
सोने के आभूषण खरीदते समय BIS हॉलमार्क और उसकी शुद्धता की जानकारी जरूर जांचें. हॉलमार्क वाले आभूषणों पर कैरेट या शुद्धता से जुड़ी जानकारी होती है. जहां लागू हो, HUID नंबर की भी जांच करें. इससे खरीदार को सोने की शुद्धता की पुष्टि करने में मदद मिलती है.
दूसरी बात: खरीदारी से पहले कीमत की तुलना करें
सोना खरीदने से पहले उस दिन का भाव IBJA जैसे विश्वसनीय स्रोतों से जांचें. ध्यान रखें कि IBJA का भाव और ज्वेलर की दुकान पर मिलने वाला अंतिम मूल्य अलग हो सकता है. आभूषणों की कीमत में मेकिंग चार्ज, लागू GST और अन्य शुल्क भी जुड़ सकते हैं.
इसके अलावा 24, 22 और 18 कैरेट सोने की शुद्धता अलग होती है, इसलिए इनकी कीमतों की तुलना करते समय कैरेट का ध्यान रखना जरूरी है.
असली चांदी की पहचान कैसे करें?
चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता की पुष्टि करना भी जरूरी है. इसके लिए कुछ सामान्य तरीके मददगार हो सकते हैं, लेकिन घरेलू परीक्षण अपने आप में निर्णायक नहीं हैं.
मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी आमतौर पर चुंबक से आकर्षित नहीं होती. हालांकि, केवल इस परीक्षण से चांदी की असलियत साबित नहीं होती.
आइस टेस्ट: चांदी ऊष्मा की अच्छी सुचालक होती है, इसलिए उस पर रखी बर्फ तेजी से पिघल सकती है. लेकिन यह भी अंतिम प्रमाण नहीं है.
स्मेल टेस्ट: शुद्ध चांदी में आमतौर पर तेज धातु जैसी गंध नहीं होती. फिर भी गंध के आधार पर शुद्धता तय नहीं की जा सकती.
कपड़ा टेस्ट: चांदी पर काला निशान या परत आना उसके ऑक्सीकरण का संकेत हो सकता है. लेकिन सफेद कपड़े से रगड़ने पर निशान आना या न आना शुद्धता का पक्का प्रमाण नहीं है.
चांदी की खरीदारी में BIS हॉलमार्क, उपलब्ध शुद्धता संबंधी प्रमाण और विश्वसनीय विक्रेता को प्राथमिकता दें.
क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
सोने और चांदी की कीमतों में आई हालिया गिरावट कुछ खरीदारों को खरीदारी का मौका लग सकती है. दूसरी ओर, दिवाली तक कीमतें बढ़ने का अनुमान भी बाजार में चर्चा का विषय है. लेकिन केवल तेजी की उम्मीद में एकमुश्त बड़ी खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है.
अगर खरीदारी आभूषणों के लिए करनी है, तो अपनी जरूरत और बजट को प्राथमिकता दें. निवेश के उद्देश्य से खरीद रहे हैं, तो कीमतों में संभावित गिरावट, निवेश की अवधि और जोखिम सहने की क्षमता पर विचार करें.
कुल मिलाकर, दो दिनों की गिरावट के बावजूद सोने-चांदी में आगे तेजी की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, दिवाली तक 1.55 लाख रुपये का सोना और 2.40 लाख रुपये की चांदी केवल अनुमानित लक्ष्य हैं. वास्तविक कीमतें घरेलू मांग, अंतरराष्ट्रीय बाजार और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती हैं.
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