Giridih News : पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर गिरिडीह में श्रद्धांजलि एवं भाषण प्रतियोगिता, युवाओं ने साझा किए राष्ट्र निर्माण के विचार

Published on 25 सित॰ 2026

Giridih News : नई सोच युवा क्लब, झलकडीहा के तत्वावधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम; एकात्म मानववाद, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर युवाओं ने रखे विचार

Giridih News : गिरिडीह के बैंगाबाद में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मेरा युवा भारत, गिरिडीह के मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम में युवाओं ने भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर राष्ट्र निर्माण, सामाजिक चेतना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर अपने विचार साझा किए।

Giridih News : पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर बैंगाबाद क्षेत्र के झलकडीहा में युवाओं को समर्पित एक विशेष श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत मेरा युवा भारत, गिरिडीह के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम नई सोच युवा क्लब, झलकडीहा के तत्वावधान में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनके जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति योगदान को याद किया। कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी प्रमुख रही और उन्हें सामाजिक एवं राष्ट्रीय विषयों पर अपने विचार रखने का अवसर दिया गया।

Giridih News : पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर गिरिडीह में श्रद्धांजलि एवं भाषण प्रतियोगिता, युवाओं ने साझा किए राष्ट्र निर्माण के विचार 1

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आनंद कुमार, शाखा प्रबंधक, दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र, सोनबाद, गिरिडीह रहे। उन्होंने युवाओं के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और उनके सामाजिक चिंतन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

इस दौरान युवाओं को उनके विचारों, आदर्शों और समाज के प्रति दृष्टिकोण के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि किसी भी समाज के विकास में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। युवाओं में सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए ऐसे कार्यक्रम उपयोगी साबित हो सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों के संदर्भ में समझने पर भी जोर दिया गया। युवाओं से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया गया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के साथ युवाओं के बीच भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और विचारों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

प्रतियोगिता में एकात्म मानववाद, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक चेतना और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषय प्रमुख रहे। प्रतिभागियों ने अपने-अपने तरीके से पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को समझने और उन्हें समाज के वर्तमान संदर्भ से जोड़ने का प्रयास किया।

युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया। भाषण के माध्यम से प्रतिभागियों ने महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने, सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।

आयोजकों के अनुसार, इस तरह की प्रतियोगिताओं का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि युवाओं को अध्ययन, चिंतन और अभिव्यक्ति का मंच उपलब्ध कराना भी है। इससे युवाओं में सार्वजनिक रूप से अपने विचार रखने और सामाजिक विषयों पर संवाद करने की क्षमता विकसित होती है

कार्यक्रम के दौरान युवाओं में सामाजिक एवं राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा किसी भी देश की महत्वपूर्ण शक्ति होते हैं। यदि युवा सामाजिक सरोकारों से जुड़कर अपनी जिम्मेदारियों को समझें, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि महापुरुषों की जयंती केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनके जीवन और विचारों को समझना तथा उनसे प्रेरणा लेकर वर्तमान समाज में सकारात्मक कार्य करना भी ऐसे आयोजनों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

नई सोच युवा क्लब की ओर से युवाओं को विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। क्लब का कहना है कि युवाओं को अपनी ऊर्जा का उपयोग समाजहित से जुड़े कार्यों में करना चाहिए।

नई सोच युवा क्लब, झलकडीहा के अध्यक्ष सुशांत कुमार मंडल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महापुरुषों की जयंती के अवसर पर इस तरह के आयोजन युवाओं को उनके जीवन और विचारों से परिचित कराने में मदद करते हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए ऐसे कार्यक्रम प्रेरणा का माध्यम बन सकते हैं। युवा समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और इसके लिए उन्हें सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।

उन्होंने युवाओं से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने तथा सकारात्मक सोच के साथ सामाजिक कार्यों में योगदान देने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल अपने व्यक्तिगत विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ समाज के व्यापक हित के बारे में भी विचार करना चाहिए।

इस कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि युवाओं को अपनी बात रखने का अवसर मिला। भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों ने न केवल पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और विचारों पर चर्चा की, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे व्यापक विषयों पर भी अपने विचार साझा किए।

आयोजकों के अनुसार, युवाओं के बीच संवाद और विचार-विमर्श को बढ़ावा देने से उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक समझ विकसित हो सकती है। इसी उद्देश्य से भविष्य में भी युवाओं को केंद्र में रखकर विभिन्न जागरूकता एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देना, उन्हें महापुरुषों के जीवन एवं विचारों से परिचित कराना तथा देश और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धांजलि, विचार-विमर्श और भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा एवं विचार व्यक्त करने का अवसर मिला। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने और समाज के विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाने में मदद करेंगे।