Published: Monday, August 3, 2026, 16:49 [IST]
Datia Assembly By-election 2026: दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नया संदेश दिया है। मतगणना के शुरुआती राउंड में जहां भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी बढ़त बनाए हुए थे, वहीं बाद के राउंड में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राजघराने से ताल्लुक रखने वाले घनश्याम सिंह (Ghanshyam Singh) ने वापसी करते हुए बढ़त हासिल कर ली। छठे राउंड की गिनती के बाद घनश्याम सिंह 1,786 वोटों से आगे चल रहे थे। इस उपचुनाव को भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर घनश्याम सिंह कौन हैं, जिन पर कांग्रेस ने दांव लगाया और जिन्होंने शुरुआती रुझानों में ही भाजपा की रणनीति को चुनौती दे दी। पार्टी के मंसूबे पर पानी फेर दिया। आइए जानते हैं उनका राजनीतिक सफर से लेकर पूरी कुंडली...
Who Is Ghanshyam Singh: कौन हैं घनश्याम सिंह?
घनश्याम सिंह मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। 72 वर्षीय घनश्याम सिंह दतिया के पूर्व राजघराने से संबंध रखते हैं और बुंदेलखंड क्षेत्र की राजनीति में उनका लंबा प्रभाव रहा है। कांग्रेस ने 2026 के दतिया विधानसभा उपचुनाव (Datia Assembly By-election 2026) में उन्हें उम्मीदवार बनाकर अनुभव और स्थानीय जनाधार पर भरोसा जताया।
दतिया सीट पर उनका मुकाबला भाजपा के आशुतोष तिवारी (Ashutosh Tiwari) से है। मतगणना के शुरुआती चरणों में भाजपा आगे रही, लेकिन बाद के राउंड में घनश्याम सिंह ने बढ़त बनाकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया।
Ghanshyam Singh Political History: तीन दशक से ज्यादा का राजनीतिक अनुभव
घनश्याम सिंह का राजनीतिक सफर तीन दशक से भी अधिक पुराना है। उन्होंने कई बार विधानसभा चुनाव जीते हैं और कांग्रेस के भरोसेमंद नेताओं में शामिल रहे हैं।
राजनीतिक सफर एक नजर में
- 1993: पहली बार दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बने।
- 2003: दूसरी बार दतिया से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे।
- 2018: सेवड़ा विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल कर तीसरी बार विधायक बने।
- 2023: सेवड़ा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा उम्मीदवार प्रदीप अग्रवाल से हार गए।
- 2026: कांग्रेस ने दतिया विधानसभा उपचुनाव में फिर उन पर भरोसा जताया।
Ghanshyam Singh Datia Royal Family Connection: दतिया के पूर्व राजघराने से संबंध
घनश्याम सिंह को दतिया के पूर्व राजघराने का सदस्य माना जाता है। स्थानीय स्तर पर उनकी सामाजिक पहचान और व्यक्तिगत जनसंपर्क काफी मजबूत माना जाता है। यही वजह है कि कांग्रेस ने इस प्रतिष्ठित उपचुनाव में उन्हें मैदान में उतारा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया में राजघराने की विरासत आज भी एक वर्ग के मतदाताओं पर प्रभाव रखती है। इसके साथ ही घनश्याम सिंह का लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय रहना भी उनके पक्ष में माना जा रहा है।
भाजपा की अंदरूनी नाराजगी का मिला फायदा?
उपचुनाव से पहले भाजपा में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) को टिकट नहीं मिलने को लेकर नाराजगी सामने आई थी। मिश्रा समर्थकों ने खुलकर विरोध भी किया था। हालांकि, बाद में नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी के फैसले का सम्मान करते हुए भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी (Datia BJP Candidate Ashutosh Tiwari) के समर्थन की अपील की।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा की इस अंदरूनी खींचतान का कुछ असर चुनाव पर पड़ा। वहीं समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार मैदान में नहीं होने से विपक्षी वोटों का बड़ा हिस्सा कांग्रेस की ओर जाता हुआ भी माना गया।
Ghanshyam Singh On Narottam Mishra: नरोत्तम मिश्रा पर क्या बोले थे घनश्याम सिंह?
टिकट मिलने के बाद घनश्याम सिंह ने भाजपा में हुए विरोध को लेकर कहा था कि दतिया में जो घटनाएं देखने को मिलीं, वैसी पहले कभी नहीं हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की अपने नेता के प्रति निष्ठा उनकी नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है।
साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान नरोत्तम मिश्रा के प्रति स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली थी और उसका असर अब भी दिखाई दे सकता है।
कितनी संपत्ति के मालिक हैं?
चुनावी हलफनामे के अनुसार, घनश्याम सिंह करोड़पति उम्मीदवार हैं। आइए जानते हैं विस्तार से...
घोषित संपत्ति
- कुल घोषित संपत्ति: करीब ₹15 करोड़
- चल संपत्ति: करीब ₹69.76 लाख
- विरासत में मिली संपत्ति (घोषित मूल्य): करीब ₹19.38 करोड़
- कुल देनदारियां: करीब ₹26.26 लाख
- बैंक एवं वित्तीय संस्थानों का ऋण: ₹5.63 लाख
पत्नी की संपत्ति
- चल संपत्ति: करीब ₹14 लाख
- अचल संपत्ति (बाजार मूल्य): करीब ₹14 लाख
- कोई बैंक ऋण घोषित नहीं।
आय कितनी है?
- घनश्याम सिंह (वित्त वर्ष 2025-26): ₹10.86 लाख
- पत्नी की घोषित आय: शून्य
घनश्याम सिंह के खिलाफ कितने आपराधिक मामले हैं?
- चुनावी हलफनामे के अनुसार, घनश्याम सिंह के खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- कुल लंबित मामले तीन हैं, लेकिन किसी भी मामले में दोषसिद्धि नहीं हुई है। इनमें दो मामलों में अभी तक चार्जशीट अदालत में दाखिल नहीं हुई है, जबकि एक एनसीआर (NCR) प्रकरण भी शामिल है।
Datia Upchunav 2026 Reason: दतिया उपचुनाव क्यों हुआ?
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए कराना पड़ा क्योंकि अप्रैल 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने तत्कालीन विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन संवैधानिक प्रावधानों के तहत सीट रिक्त होने के कारण चुनाव आयोग ने उपचुनाव कराया।