'उन्हें कौन सीरियस लेता है' कंगना रनौत पर अभिजीत दीपके का पलटवार, GenZ को बताया था 'गटर जनरेशन'

Published on 29 जुल॰ 2026

Jul 29, 2026 05:27 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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कंगना ने विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर अभद्र भाषा और अश्लील आचरण को किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं माना जा सकता।

CJP Abhijeet Dipke Kangana Ranaut

कंगना रनौत पर अभिजीत दीपके का पलटवार

आंदोलनकारी युवाओं और Gen-Z पीढ़ी को 'गटर जनरेशन' बताने और लड़कियों पर अश्लीलता का आरोप लगाकर चौतरफा घिरीं बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक नया सेल्फी वीडियो जारी कर अपने बयानों को सही ठहराया है। कंगना ने विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर अभद्र भाषा और अश्लील आचरण को किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं माना जा सकता।

वहीं दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कंगना की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए उनके बयानों को बेतुका करार दिया है।

CJP का कंगना पर का तीखा हमला

कंगना की टिप्पणियों पर जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके से न्यूज एजेंसी ANI ने सवाल किया, तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘अरे, उन्हें गंभीरता से लेता ही कौन है?’

दूसरी ओर, मशहूर गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान इस्तेमाल की गई कथित अभद्र भाषा पर हंगामा मचाने वालों की दोहरी मानसिकता पर सवाल उठाए। ददलानी ने कहा कि जो लोग युवाओं की भाषा पर बवाल काट रहे हैं, वे सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर ढाए गए पुलिसिया अत्याचार और पेलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह खामोश हैं।

कंगना ने क्या सफाई दी?

मीडिया पर खुद को घेरने का आरोप लगाते हुए कंगना रनौत ने वीडियो में कहा कि वे समाज में गंदे आचरण को 'नॉर्मलाइज' नहीं होने देंगी।

उन्होंने कहा, ‘हम अपने समाज में इस तरह के बर्ताव को स्वीकार नहीं कर सकते। हम नहीं चाहते कि हमारे बच्चे यह सब देखें या बुजुर्गों के सामने हमें शर्मिंदा होना पड़े। अगर आपको समाज में रहना है तो संविधान और सीमाओं का पालन करना होगा। आपकी आजादी वहां खत्म होती है जहां मेरी नाक शुरू होती है।’

'पीएम मोदी को कुछ लोग भगवान मानते हैं'

प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगे नारों पर आपत्ति जताते हुए कंगना ने कहा, 'बच्चे प्रधानमंत्री को अपना 'एग्जाम बडी' मानते हैं। कुछ उन्हें अपना नेता, दोस्त या भगवान मानते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर भद्दी-भद्दी गालियां देना कोई 'कूल' बनना नहीं है, यह बेसिक सिविक सेंस की कमी है।'

महिला एंकरों और विचारकों पर तंज कसते हुए कंगना ने कहा, 'यह तथाकथित 'फेमिनाजी' युवाओं को जानवरों जैसा बर्ताव करना सिखा रही हैं। इनके बहकावे में आकर अपनी जिंदगी बर्बाद न करें, वरना अंत में जेल ही जाना पड़ेगा।'

कैसे शुरू हुआ था 'जनरेशन गटर' विवाद?

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब कंगना ने उन महिलाओं पर हमला बोला था, जो उनके मुताबिक ‘बिना कोई मेहनत किए इंडिपेंडेंट वुमेन बनने की नकल करना चाहती हैं।’

कंगना ने ऐसी महिलाओं को ‘भ्रष्ट’, ‘नशे में धुत’ और ‘मल्टीपल बॉडी काउंट रखने वाली’ बताते हुए उन्हें 'जनरेशन गटर' कह दिया था। इस बयान के बाद CJP प्रवक्ता सौरभ दास समेत कई छात्र संगठनों और राजनेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।