Gen-Z की भाषा ट्रेंड में, जानें Clocked It, Delulu और FOMO का मतलब

Published on 30 जुल॰ 2026

Gen-Z की भाषा ट्रेंड में, जानें Clocked It, Delulu और FOMO का मतलब

Gen-Z की भाषाImage Credit source: AI Generated

संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सांसदों ने अपने भाषण में Clocked It, Delulu, FOMO, M.I.A. और वास्ते गुना हुइया जैसे Gen-Z स्लैंग्स का इस्तेमाल किया. सोशल मीडिया पर अक्सर सुनाई देने वाले ये शब्द जब संसद में गूंजे, तो इनकी चर्चा हर तरफ होने लगी. पहली बार इतने बड़े स्तर पर Gen-Z की भाषा संसद की कार्यवाही में सुनाई दी. Gen-Z यानी आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया और रोजमर्रा की बातचीत में ऐसे स्लैंग्स का खूब इस्तेमाल करती है. ये शब्द छोटे होते हैं, लेकिन इनके अलग-अलग मतलब होते हैं.

संसद में भी इनका इस्तेमाल युवाओं, पेपर लीक आंदोलन और राजनीति से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए किया गया. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि इन शब्दों का मतलब क्या है और सांसदों ने इन्हें किस संदर्भ में कहा. आइए जानते हैं संसद में चर्चा में आए इन Gen-Z स्लैंग्स के बारे में.

पेपर लीक बिल की चर्चा में किन-किन Gen-Z शब्दों का इस्तेमाल हुआ?

मंगलवार को संसद में पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कई सांसदों ने Gen-Z की भाषा का इस्तेमाल किया. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अपने भाषण में FOMO और M.I.A. जैसे शब्द बोले. वहीं, बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने सरकार का पक्ष रखते हुए Clocked It कहा.

तेजस्वी सूर्या और श्रीकांत शिंदे ने Delulu और FOMO का इस्तेमाल किया, जबकि कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने वास्ते गुना हुइया का जिक्र किया. एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने भी अपने भाषण में Delulu शब्द का इस्तेमाल किया. सत्ता और विपक्ष, दोनों के सांसदों की जुबान पर Gen-Z के ये शब्द सुनाई दिए, जिसके बाद इनकी खूब चर्चा होने लगी.

Clocked It, Delulu, FOMO और M.I.A. का क्या मतलब है?

संसद में इस्तेमाल हुए Gen-Z के इन शब्दों का मतलब अलग-अलग है.

Clocked It का मतलब है किसी बात या स्थिति को सही तरीके से समझ लेना.

Delulu शब्द Delusion से बना है. इसका मतलब होता है किसी गलतफहमी या भ्रम में रहना.

FOMO का पूरा नाम Fear Of Missing Out है, यानी किसी मौके या घटना से छूट जाने का डर.

M.I.A. का मतलब Missing In Action होता है. इसका इस्तेमाल किसी ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है, जो लंबे समय तक दिखाई न दे या किसी काम में शामिल न हो.

आजकल सोशल मीडिया पर ये शब्द काफी आम हो चुके हैं. युवा बातचीत, मीम्स और रील्स में इनका खूब इस्तेमाल करते हैं. अब यही शब्द संसद की बहस का भी हिस्सा बन गए.

वास्ते गुना हुइया क्या है, जिसकी संसद में भी हुई चर्चा?

संसद में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने अपने भाषण के दौरान वास्ते गुना हुइया का जिक्र किया. यह सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला एक मीम और ट्रेंडिंग फ्रेज है. इसका कोई तय या आधिकारिक मतलब नहीं है, लेकिन लोग इसे मजाक या हल्के-फुल्के अंदाज में इस्तेमाल करते हैं.

बताया जाता है कि इसकी शुरुआत कई साल पहले वायरल हुए एक वीडियो और इंटरनेट मीम से हुई थी. समय के साथ यह अलग-अलग रील्स और सोशल मीडिया पोस्ट में नए अंदाज में इस्तेमाल होने लगा. आज कई कंटेंट क्रिएटर भी इस फ्रेज का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए यह युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है.

सोशल मीडिया की भाषा संसद तक कैसे पहुंची?

Gen-Z की भाषा पहले सोशल मीडिया, मीम्स और रील्स तक ही सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब इसका असर राजनीति में भी दिखने लगा है. पेपर लीक आंदोलन में बड़ी संख्या में युवा जुड़े थे और सोशल मीडिया पर अपनी बात रख रहे थे. ऐसे में कई सांसदों ने भी युवाओं से जुड़ने और अपनी बात आसान तरीके से समझाने के लिए Gen-Z के स्लैंग्स का इस्तेमाल किया.

यही वजह है कि पहली बार संसद की बहस में इतने Gen-Z शब्द सुनाई दिए. इससे साफ है कि सोशल मीडिया की भाषा अब धीरे-धीरे सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चाओं का भी हिस्सा बनती जा रही है.

सान्या वर्मा

सान्या वर्मा

मैं सान्या वर्मा हूं. मैंने AAFT से पढाई की है. पत्रकारिता की शुरुआत इंटर्न के तौर पर TV9 हिंदी डिजिटल से की और अब यहां ट्रेनी के तौर पर काम कर रहीं हूं. स्वास्थ्य से जुड़ी खबरों पर काम करती हूं.

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