Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी के दूसरे दिन ऐसे करें बप्पा की पूजा, चढ़ाएं दूर्वा-सिंदूर और लगाएं मोदक का भोग - Haribhoomi

Published on 15 सित॰ 2026

Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी के दूसरे दिन बप्पा की पूजा कैसे करें? जानें पूजा विधि, दूर्वा-सिंदूर समेत अर्पित करने वाली सामग्री और मोदक का भोग।

Ganesh Chaturthi

Ganesh Chaturthi 2026

  • Published: 15 Sep 2026, 08:57 AM IST
  • Last Updated: 15 Sep 2026, 08:57 AM IST

Ganesh Chaturthi 2026 Second Day Puja: गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की स्थापना के बाद अगले दिन भी घर में बप्पा की पूजा का सिलसिला जारी रहता है। कुछ लोग गणपति को डेढ़ दिन के लिए रखते हैं, जबकि कई घरों में तीन, पांच, सात या पूरे 10 दिनों तक भगवान गणेश विराजमान रहते हैं। इस दौरान सुबह और शाम उनकी पूजा और आरती की जाती है।

धार्मिक मान्यताओं में भगवान गणेश को सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना गया है। यही वजह है कि गणपति उत्सव के दौरान श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ बप्पा की पूजा करते हैं। दूसरे दिन भी पूजा करते समय साफ-सफाई से लेकर भोग तक का विशेष ध्यान रखा जाता है।

दूसरे दिन ऐसे करें गणेश जी की पूजा
सुबह उठकर स्नान करें और सबसे पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद भगवान गणेश के सामने दीपक जलाएं और उनका ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें।

इसके बाद गणेश जी को जल अर्पित करें। अगर घर में स्थापित मूर्ति पर जल चढ़ाना उचित हो, तो परंपरा के अनुसार अभिषेक भी किया जा सकता है। इसके बाद बप्पा को साफ वस्त्र, लाल या पीले फूल और दूर्वा अर्पित करें।

गणेश पूजा में सिंदूर चढ़ाने की भी परंपरा है। इसके बाद धूप और दीप जलाकर भगवान गणेश की आरती करें। पूजा के अंत में भगवान से परिवार की सुख-शांति और मंगल की प्रार्थना की जाती है।

बप्पा को कौन-कौन सी सामग्री चढ़ाएं?
धार्मिक परंपरा में गणेश जी की पूजा के लिए कई सामग्रियों का उल्लेख मिलता है। हालांकि पूजा में सामग्री से अधिक श्रद्धा और भाव को महत्व दिया जाता है।

पूजा में आप ये चीजें अर्पित कर सकते हैं:

इन सामग्रियों को श्रद्धा के साथ भगवान गणेश को अर्पित किया जा सकता है।

मोदक का भोग लगाना माना जाता है शुभ
भगवान गणेश की पूजा में मोदक का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मोदक बप्पा को प्रिय हैं। इसलिए गणेश चतुर्थी के दूसरे दिन भी भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाया जा सकता है।

अगर घर में मोदक तैयार नहीं किए गए हैं तो बाजार से लाए गए मोदक या अन्य मिठाई का भी भोग लगाया जा सकता है। इसके साथ केला, सेब और नारियल जैसे फल भी भगवान को अर्पित किए जा सकते हैं।

भोग के बाद प्रसाद बांटें
भोग लगाने के बाद कुछ समय के लिए मोदक और अन्य नैवेद्य भगवान गणेश के सामने रखें। इसके बाद आरती करें और प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांट दें।

ध्यान रखें: पूजा की विधि और अर्पित की जाने वाली सामग्री अलग-अलग परिवारों और स्थानीय परंपराओं के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। धार्मिक मान्यताओं को आस्था और परंपरा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।