रूटीन में मैदा से बनी चीजें खाना, हाई शुगर फूड्स और ऑयल को खाने में कंट्रोल न होना… ऐसी कई खानपान से जुड़ी गलतियां हैं जो लिवर को कम उम्र में ही बीमार बना रही हैं. आज भारत में ज्यादातर लोग फैटी लिवर की चपेट में है और इसमें सबसे बड़ा कारण उनका फिजिकली फिट न होना और खराब खानपान है. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि हमें फाइबर और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर चीजें खानी चाहिए. इसके उलट लोग तेल में फ्राई की गई मैदा की चीजें बड़े शोक से खाते हैं. वैसे यहां हम आपको फैटी लिवर के मरीज को कौन सी चीजें नहीं खानी चाहिए, ये बताने जा रहे हैं.
फैटी लिवर के मरीजों को आलू ज्यादा नहीं खाना चाहिए. इस पर टीवी9 ने डॉक्टर हर्ष कपूर (चेयरमैन, हेपेटोलॉजी गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, मेट्रो ग्रुप ऑफ हास्पिटल्स) से बातचीत की. जानें डॉक्टर ने क्या कहा…
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
डॉक्टर कहते हैं कि आलू को फैटी लिवर के मरीजों के लिए सीधे तौर पर जहर कहना सही नहीं है. समस्या आलू से ज्यादा उसकी मात्रा और उसे पकाने के तरीके से होती है. आलू में कार्बोहाइड्रेट और स्टार्च की मात्रा अधिक होती है. अगर फैटी लिवर से जूझ रहा व्यक्ति रोजाना ज्यादा मात्रा में आलू, खासकर तले हुए आलू, फ्रेंच फ्राइज, चिप्स या ज्यादा तेल-मसाले वाली आलू की सब्जी खाता है, तो इससे शरीर में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ सकती है और वजन व ब्लड शुगर को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है. यही स्थिति फैटी लिवर को बढ़ाने में भूमिका निभा सकती है.
फैटी लिवर वाले कैसे खाएं आलू
इसका मतलब यह नहीं है कि फैटी लिवर वाले व्यक्ति को आलू पूरी तरह छोड़ देना चाहिए. उबला या कम तेल में पकाया हुआ आलू सीमित मात्रा में लिया जा सकता है. बेहतर होगा कि आलू के साथ हरी सब्जियां, दाल, सलाद और प्रोटीन वाली चीजें भी भोजन में शामिल की जाएं, ताकि डाइट संतुलित रहे.
इन बातों का रखें खास ध्यान
फैटी लिवर में सबसे जरूरी है कि कुल कैलोरी, वजन, शुगर और तेल-चर्बी वाली चीजों पर नियंत्रण रखा जाए. इसलिए सिर्फ आलू को दोष देने के बजाय पूरी डाइट और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है. अगर किसी व्यक्ति को फैटी लिवर है, तो उसकी स्थिति के अनुसार डॉक्टर या डाइटीशियन से डाइट प्लान लेना सबसे बेहतर रहेगा.

मनीष रायसवाल
मनीष रायसवाल वर्तमान में टीवी9 डिजिटल में लाइफस्टाइल बीट पर बतौर टीम लीड काम कर रहे हैं. मनीष के करियर की शुरुआत साल 2015 से इंडिया न्यूज के डिजिटल प्लेटफार्म Inkhabar के साथ बतौर सब एडिटर हुई थी. अलग-अलग पड़ावों को पार करते हुए इन्होंने इंडिया न्यूज, अमर उजाला और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है. 2009 से 2012 के बीच जामिया मिलिया इस्लामिया से बीए ऑनर्स मास मीडिया में ग्रेजुएशन और 2012-13 के बीच देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (दिल्ली) से डिप्लोमा करने के बाद मनीष पत्रकारिता से जुड़े हैं. मनीष लाइफस्टाइल के अलावा, हेल्थ, सोशल, वुमेन और बाल विकास और ट्रैवलिंग जैसे विषयों पर लिखना पसंद करते हैं. लाइफस्टाइल से जुड़े ज्यादातर टॉपिक्स पर इन्हें नई चीजें सीखने का शौक है.
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