उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्के बाजार में खपाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। 1 लाख रुपये के इनामी मुख्य सरगना उपकार लूथरा समेत 5 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है।
सहारनपुर को एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी थी।
- Published: 14 Sep 2026, 02:20 PM IST
- Last Updated: 14 Sep 2026, 02:20 PM IST
उत्तर प्रदेश में अपराध और आर्थिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सहारनपुर पुलिस, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने और उन्हें देश भर के बाजारों में खपाने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह अब तक करीब 70 करोड़ रुपये मूल्य के नकली सिक्के बनाकर बाजार में खपा चुका था।
असली-नकली में अंतर करना नामुमकिन, आरबीआई भी खा जाए चकमा
जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह 20 रुपये के ऐसे हाई-फिनिशिंग वाले नकली सिक्के तैयार करता था, जिनका वजन, मेटल कंपोजिशन और डाई की बनावट बिल्कुल असली आरबीआई सिक्कों जैसी होती थी। पहली नजर में बैंक अधिकारी और आरबीआई तक गच्चा खा जाएं। आम जनता के लिए असली और नकली में फर्क कर पाना लगभग असंभव था। आरोपी एक सिक्का बनाने में 5 से 6 रुपये खर्च करते थे और उसे एजेंटों को 12 से 15 रुपये में बेच देते थे।
शराब के ठेकों, टोल टैक्स और छोटी दुकानों को बनाया निशाना
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने सिक्के खपाने के लिए बेहद शातिराना नेटवर्क तैयार कर रखा था। नोटों के मुकाबले सिक्कों पर लोगों को जल्दी शक नहीं होता, इसलिए आरोपी इन 20 रुपये के नकली सिक्कों को मुख्य रूप से सरकारी शराब के ठेकों, टोल प्लाजा, पेट्रोल पंपों और किराना दुकानों पर रोजमर्रा के छोटे-छोटे लेन-देन के जरिए खपाते थे।
तिहाड़ जेल में बनी थी साजिश, रोजाना बनते थे 10-12 हजार सिक्के
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य सरगना उपकार लूथरा निवासी मोहाली, पंजाब है, जो 2001 से इस धंधे में सक्रिय है। दिल्ली पुलिस द्वारा 1 लाख का इनामी घोषित उपकार जब तिहाड़ जेल में बंद था, वहीं उसकी मुलाकात अन्य आरोपियों से हुई थी। जेल से बाहर आते ही उन्होंने सहारनपुर के तीतरो क्षेत्र में सिक्के बनाने की फैक्ट्री लगाई। 6 आधुनिक मशीनों और 5 लोहे की डाई के जरिए ये रोजाना 10 से 12 हजार सिक्के बनाते थे। सहारनपुर को एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी थी।
भारी मात्रा में मशीनरी और नकदी बरामद, जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के पास से 20 रुपये के 6400 तैयार नकली सिक्के, करीब 5 लाख रुपये के अधबने सिक्के, 6 सिक्के बनाने की मशीनें, 5 लोहे की डाई, ओवन, घिसाई के उपकरण, 2 कारें और हिसाब-किताब के रजिस्टर बरामद किए हैं। इस नेटवर्क के तार पंजाब, यूपी, बदायूं, भदोही और बिहार के मधुबनी तक फैले हुए हैं। पुलिस अब इनके वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जांच कर रही है।