Explainer: कैसे चुने जाते हैं 'National Awards' विनर्स? जानिए पूरा प्रोसेस

Published on 8 सित॰ 2026

National Film Awards: भारत में फिल्मों के लिए मिलने वाला सबसे बड़ा सम्मान नेशनल फिल्म अवॉर्ड माना जाता है. हर साल जब इन अवॉर्ड्स के विनर्स  के नाम सामने आते हैं, तो लोगों के मन में एक सवाल उठता है कि आखिर विनर्स का चयन कैसे किया जाता है. लोग जानना चाहते हैं कि बेस्ट फिल्म, बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेसेस जैसे अवॉर्ड क्या सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर हिट की वजह से मिलते हैं, या इसके पीछे कोई और वजह है. तो आइए जानते हैं नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के विनर्स चुनने का पूरा प्रोसेस.

क्या होता है नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स? 

नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स भारत में फिल्मों के लिए दिया जाने वाला सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है. इसकी शुरुआत साल 1954 में हुई थी और ये पुरस्कार भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से दिए जाते हैं. हर साल हिंदी समेत देश की अलग-अलग भाषाओं में बनी बेहतरीन फिल्मों और उनसे जुड़े कलाकारों, निर्देशकों, लेखकों, संगीतकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को इस सम्मान से सम्मानित किया जाता है. 

बता दें कि,  नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतना किसी भी कलाकार और फिल्ममेकर के लिए गर्व की बात मानी जाती है. दरअसल, ये अवॉर्ड किसी भी कलाकार को इस वजह से नहीं दिया जाता की उसकी फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हो.  बल्कि इन अवॉर्ड को देने से पहले उसकी फिल्म की कहानी, स्टार्स की एक्टिंग, निर्देशन, संगीत और तकनीकी क्वालिटी को देखा जाता है. 

कौन भेजता है फिल्मों की एंट्री?

नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में किसी फिल्म को अपने आप शामिल नहीं किया जाता. इसके लिए फिल्म के निर्माता या प्रोडक्शन हाउस को अपनी फिल्म की एंट्री भेजनी होती है. एंट्री भेजने के लिए कुछ नियम भी होते हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है. सबसे पहले फिल्म का भारत में बनना जरूरी है और उसे सेंसर बोर्ड (CBFC) से सर्टिफिकेट मिला होना चाहिए. इसके अलावा फिल्म तय समय सीमा के भीतर रिलीज हुई होनी चाहिए. आज के समय में सिर्फ थिएटर में रिलीज होने वाली फिल्में ही नहीं, बल्कि OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई फिल्में भी नियमों को पूरा करने पर नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के लिए आवेदन कर सकती हैं.

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जूरी और विनर्स का सलेक्शन 

नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के विनर्स चुनने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय एक जूरी बनाता है. इस जूरी में फिल्म, कला, साहित्य और दूसरे क्षेत्रों के अनुभवी लोगों को शामिल किया जाता है. सरकार जूरी बनाती है, लेकिन किसे अवॉर्ड देना है, इसका फैसला जूरी ही करती है.  विनर्स चुनने का काम दो चरणों में होता है. इसे टू-टियर सिस्टम कहा जाता है. पहले चरण में देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम की अलग-अलग जूरी बनाई जाती है. ये जूरी अपने-अपने क्षेत्र की फिल्मों को देखकर अच्छी फिल्मों को आगे भेजती हैं.

जूरी को फॉलो करने होते हैं नियम

इसके बाद सेंट्रल जूरी इन फिल्मों को देखती है. इसमें चेयरपर्सन समेत 11 सदस्य होते हैं. जूरी फिल्मों और कलाकारों के काम को देखकर आपस में चर्चा करती है और फिर अलग-अलग कैटेगरी में अंतिम विनर्स का फैसला करती है. वहीं, जूरी सदस्यों के लिए कई नियम बनाए गए हैं.  उन्हें हर फिल्म पूरी देखनी होती है, अगर किसी सदस्य ने कोई फिल्म पूरी नहीं देखी है, तो वो उस फिल्म पर वोट नहीं कर सकता है. इसके अलावा जूरी की चर्चा और फैसलों को पूरी तरह सीक्रेट रखा जाता है.  वहीं, नियमों का उल्लंघन करने पर सदस्य को भविष्य में जूरी का हिस्सा बनने से रोका भी जा सकता है.

फिल्म की कमाई से नहीं मिलता अवॉर्ड

नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में किसी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कितनी कमाई की है, ये सबसे जरूरी बात नहीं होती. जूरी फिल्म को कई चीजों के आधार पर देखती है. इसमें फिल्म की कहानी, एक्टिंग, डायरेक्शन, संगीत और फिल्म बनाने का तरीका शामिल होता है. फिल्म का दर्शकों और समाज पर क्या असर पड़ा, इसे भी ध्यान में रखा जाता है. यही वजह है कि कई बार ऐसी फिल्में भी नेशनल अवॉर्ड जीत जाती हैं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाई नहीं की होती.

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कभी-कभी नहीं दिया जाता अवॉर्ड

नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की एक खास बात ये भी है कि अगर जूरी को किसी कैटेगरी में कोई एंट्री तय स्तर की नहीं लगती, तो उस साल उस कैटेगरी में अवॉर्ड नहीं दिया जाता है. बता दें, वैसे तो फिल्म इंडस्ट्री में कई अवॉर्ड शो होते हैं, लेकिन नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स को सबसे ज्यादा सम्मान मिलता है क्योंकि ये पॉपुलैकिटी से ज्यादा टैलेंट को महत्व देता है. इसी वजह से किसी भी कलाकार के लिए नेशनल अवॉर्ड जीतना गर्व की बात होती है.

कब और कहां होगा नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स? 

इस साल 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की बात करे तो ये गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में 22 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा. वहीं, हर साल की तरह इस बार भी देशभर के टेलेंटड कलाकारों, निर्देशकों, लेखकों और तकनीशियनों को इस दौरान सम्मानित किया जाएगा. वहीं, समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विजेताओं को अवॉर्ड देंगी. बता दें, इससे पहले नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किए जाते थे.

— ANI Digital (@ani_digital) September 8, 2026

किन सेलेब्स को मिलेगा सम्मान?

बता दें, इस बार के नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की घोषणा 18 जुलाई 2026 को हो गई थी. फिल्म 'आर्टिकल 370' को बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला है. इसके अलावा यामी गौतम (Yami Gautam) को बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया है और कार्तिक आर्यन (Kartik Aryan) और मलयालम सुपरस्टार ममूटी ममूटी (Mammootty) को संयुक्त रूप से बेस्ट एक्टर का सम्मान मिलेगा.  इसके अलावा एक्टर और फिल्म निर्माता रणदीप हुड्डा को उनकी फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के लिए बेस्ट डेब्यू निर्देशक का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलेगा.

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