Explainer: ईरान के खिलाफ ट्रंप का नया दांव? संयुक्त राष्ट्र महासभा में बैठकों को बनाएंगे हथियार

Published on 22 सित॰ 2026

UN General Assembly Meeting: अमेरिका ईरान के बीच विवाद कई चरणों में होकर गुजर चुका है. पहले सीधे हथियारों का प्रयोग, फिर शांति वार्ताओं का दौर, दोबारा फिर हथियारों से सीधी जंग फिर इसके बाद जुबानी जंग. अब अमेरिका ईरान के खिलाफ नए हथियार का प्रयोग करने जा रहा है. यह हथियार है बैठकों का. ईरान के प्रतिनिधि के सामने राष्ट्रपति ट्रंप ने बैठकों के हथियार प्रयोग करके नई रणनीति बना ली है.

डोनाल्ड ट्रंप संयुक्त राष्ट्र महासभा में चार महाद्वीपों के नेताओं के साथ बैठकों के व्यस्त कार्यक्रम के लिए तैयार हैं, यह सब अस्थिर मध्य पूर्व और यूक्रेन में साढ़े चार साल से चल रहे युद्ध की पृष्ठभूमि में हो रहा है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति के बार-बार मध्यस्थता के प्रयासों के बावजूद कोई कमी आने के संकेत नहीं दिख रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे. उनका दिन कूटनीतिक बैठकों से भरा रहेगा. इस दौरान ईरान और यूक्रेन में जारी युद्ध के साथ-साथ मध्य पूर्व की स्थिति भी बातचीत के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहने की संभावना है.

ट्रंप दिन की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा में मौजूद प्रतिनिधियों को संबोधित करके करेंगे. इसके बाद वह कम से कम 11 विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय या समूह स्तर की बैठकें करेंगे. इनमें यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम, वेनेजुएला की अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिगेज, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नील्सन के साथ मुलाकात शामिल है.

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यूक्रेन और ईरान पर कूटनीति पर नजर

ट्रंप की बैठकों का समय ऐसे दौर में है, जब यूक्रेन में रूस के साथ जारी युद्ध का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी कई नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. ट्रंप और जेलेंस्की के बीच प्रस्तावित बैठक में यूक्रेन में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों को सीमित करने से जुड़े संभावित उपायों पर भी चर्चा की उम्मीद है.

मध्य पूर्व में ईरान को लेकर भी कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं. ट्रंप ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की संभावना के लिए खुलापन दिखाया है, जबकि दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है. इस बीच ईरान से जुड़े घटनाक्रम का असर तेल बाजार पर भी देखा जा रहा है.

ईरान के खिलाफ कैसे ट्रंप करेंगे वॉर

संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. ट्रंप अपने भाषण के साथ-साथ अलग-अलग देशों के नेताओं से मुलाकात कर ईरान के खिलाफ साझा रुख बनाने में जुटे हैं. अमेरिका आर्थिक प्रतिबंधों और सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के जरिए तेहरान पर दबाव बनाए हुए है. वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से संभावित बातचीत के जरिए भी अमेरिका अपनी शर्तों पर समझौते की कोशिश कर रहा है.

खाड़ी देशों के नेताओं से भी मुलाकात

ट्रंप मंगलवार को खाड़ी देशों के नेताओं के साथ भी समूह बैठक करेंगे. इसमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, कुवैत और कतर के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है. मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति और यमन में ईरान समर्थित हूती गतिविधियां इस बैठक के प्रमुख मुद्दों में रह सकती हैं. ट्रंप का यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र महासभा के उस सत्र में हो रहा है, जिसमें यूक्रेन, ईरान, गाजा और व्यापक मध्य पूर्व संकट जैसे मुद्दे विश्व नेताओं की बातचीत के केंद्र में हैं

कई देशों के नेताओं से मिलेंगे ट्रंप

दिन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई देशों के नेताओं के साथ बैठक करेंगे. इनमें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, वेनेजुएला की अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिगेज, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन शामिल हैं.

ट्रंप खाड़ी देशों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करेंगे. इस बैठक में संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, कुवैत और कतर के नेता शामिल होंगे. शाम को नेताओं के स्वागत समारोह के दौरान ट्रंप की कई अन्य देशों के प्रमुखों से भी छोटी मुलाकातें हो सकती हैं. मंगलवार के कार्यक्रम में कुछ और बैठकें भी जुड़ने की संभावना है. ट्रंप ने सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से मुलाकात की थी. विश्व नेताओं के साथ उनकी लगातार बैठकों को उनके दूसरे कार्यकाल में विदेश नीति पर दिए जा रहे ध्यान के तौर पर देखा जा रहा है.

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ईरान युद्ध पर भी रहेगी नजर

ट्रंप के कार्यक्रम में ईरान और यूक्रेन से जुड़े मुद्दे भी अहम रहेंगे. अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ा है और दुनिया के कई हिस्सों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. सोमवार को जारी रॉयटर्स/इप्सोस सर्वे में ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 32 फीसदी दर्ज की गई, जो उनके अब तक के कार्यकाल में सबसे कम बताई गई है. सर्वे में अमेरिकी लोगों के जीवन-यापन से जुड़े खर्चों को लेकर भी असंतोष सामने आया.

खाड़ी देशों के साथ अहम बैठक

ट्रंप की खाड़ी देशों के नेताओं के साथ होने वाली बैठक पर भी नजर रहेगी. इन देशों की चिंता ईरान समर्थित हूती समूह की गतिविधियों को लेकर है. हूती संगठन यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखता है और पहले सऊदी अरब पर हमले कर चुका है. लाल सागर और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा भी इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है. ऐसे में खाड़ी देशों के नेताओं के साथ ट्रंप की बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा होने की संभावना है.

वेनेजुएला की नेता से पहली मुलाकात

ट्रंप और वेनेजुएला की अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिगेज की मुलाकात भी अहम मानी जा रही है. यह दोनों नेताओं की पहली मुलाकात होगी. ट्रंप प्रशासन के तहत वेनेजुएला के साथ संबंधों में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. ट्रंप के सहयोगियों का कहना है कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को अमेरिकी निवेश के लिए खोलने की दिशा में रोड्रिगेज सरकार के साथ काम कर रहा है. वहीं, कुछ डेमोक्रेट और रिपब्लिकन नेताओं का कहना है कि वेनेजुएला में नए चुनाव कराने के लिए अमेरिकी प्रशासन को और दबाव बनाना चाहिए.

ग्रीनलैंड को लेकर भी होगी अहम बातचीत

डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं के साथ ट्रंप की बैठक भी महत्वपूर्ण होगी. बैठक के दौरान ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने और वहां दूसरे देशों की गतिविधियों को सीमित करने से जुड़ा एक समझौता होने की बात कही गई है. डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने में मदद करेगा. इससे पहले ट्रंप ग्रीनलैंड को लेकर ऐसे बयान दे चुके हैं, जिन पर डेनमार्क और ग्रीनलैंड की ओर से आपत्ति जताई गई थी.

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