भारत-अमेरिका की नौसैनिक ताकत का तालमेल मजबूत, EOD अभ्यास में साझा रणनीति पर जोर

Published on 17 अग॰ 2026

Indian and US naval forces: भारत और अमेरिका की नौसेनाओं के बीच आयोजित एक्सप्लोसिव ऑर्डिनेंस डिस्पोजल (EOD) अभ्यास-2026 का आठवां संस्करण सफलतापूर्वक पूरा हो गया।

Indian and US naval forces: भारत और अमेरिका की नौसेनाओं के बीच आयोजित एक्सप्लोसिव ऑर्डिनेंस डिस्पोजल (EOD) अभ्यास-2026 का आठवां संस्करण सफलतापूर्वक पूरा हो गया।

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Synergy between Indian and US naval forces

Synergy between Indian and US naval forces

Indian and US naval forces: भारत और अमेरिका की नौसेनाओं के बीच आयोजित एक्सप्लोसिव ऑर्डिनेंस डिस्पोजल (EOD) अभ्यास-2026 का आठवां संस्करण सफलतापूर्वक पूरा हो गया। पांच दिन चले इस द्विपक्षीय अभ्यास का समापन 14 अगस्त को कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में हुआ।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अभ्यास के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं की टीमों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर काम किया, सर्वोत्तम तकनीकों और अनुभवों को साझा किया और कई व्यावहारिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। अभ्यास का उद्देश्य विस्फोटक आयुध से निपटने के क्षेत्र में दोनों नौसेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल और पेशेवर सहयोग को मजबूत करना था। अभ्यास ने ईओडी अभियानों के अलग-अलग पहलुओं पर जानकारी साझा करने का प्लेटफॉर्म दिया। 

क्रॉस-ट्रेनिंग में गोताखोरी के विभिन्न क्षेत्रों में अभ्यास किए 

विषय विशेषज्ञ आदान-प्रदान में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से होने वाले वास्तविक समय के खतरों, खतरों को निष्क्रिय करने की प्रक्रियाओं, बारूदी सुरंगों को नष्ट करने और मानव रहित पनडुब्बी प्रणालियों के उपयोग को कवर किया गया। मंत्रालय ने बताया कि क्रॉस-ट्रेनिंग चरण में गोताखोरी के विभिन्न क्षेत्रों में अभ्यास किए गए। इनमें मलबे का पता लगाना और उसे निकालना, विशेष उपकरणों का इस्तेमाल और स्लिथरिंग ऑपरेशन शामिल थे।

संयुक्त अभ्यास से पेशेवर दक्षता और कौशल में वृद्धि

मंत्रालय ने कहा, "इस संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास से गोताखोर टीमों की पेशेवर दक्षता और कौशल में वृद्धि हुई, साथ ही आपसी समझ और अंतर-संचालन क्षमता भी बेहतर हुई। इस अभ्यास का सफल समापन विशेष समुद्री अभियानों में परिचालन तालमेल और सहयोग को मजबूत करने के लिए दोनों नौसेनाओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।" पिछले महीने, भारतीय नौसेना ने हवाई में हुए रिम ऑफ द पैसिफिक (आरआईएमपीएसी) 2026 मैरीटाइम वॉरफेयर एक्सरसाइज के दौरान थिएटर-लेवल एंटी-सबमरीन वॉरफेयर के लिए डिप्टी कमांडर टास्क फोर्स की भूमिका संभाली।

भारतीय नौसेना ने क्या कहा?

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने एक्स पर लिखा, "जैसे ही एक्सरसाइज आरआईएमपीएसी2026 का समुद्री फेज शुरू हुआ, भारतीय नौसेना के पी-8आई एलआरएमआर एयरक्राफ्ट और हिस्सा लेने वाली टीम ने मिशन प्लानिंग, तकनीकी तैयारियों, ऑपरेशनल ब्रीफिंग और प्रोफेशनल एक्सचेंज के जरिए साझेदार नौसेना के साथ सक्रिय एंगेजमेंट जारी रखा।"

इसमें कहा गया, "यह पहली बार है, जब भारतीय नौसेना ने इस अभ्यास के दौरान थिएटर-लेवल एंटी-सबमरीन वॉरफेयर के लिए डिप्टी कमांडर टास्क फोर्स की भूमिका निभाई।" आरआईएमपीएसी का 30वां सत्र 1 जुलाई से 31 जुलाई तक आयोजित किया गया था। यह दुनिया की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल समुद्री एक्सरसाइज में से एक है। 

 (DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)