Published: Saturday, September 19, 2026, 18:05 [IST]
DUSU President Yash Dabas Profile: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल अध्यक्ष पद की रेस का नतीजा आ चुका है। हर राउंड के साथ बदलती लीड और धड़कनें बढ़ा देने वाले कड़े मुकाबले के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के दांव यश डबास ने परचम लहरा दिया है।
यश डबास ने अपने मजबूत जमीनी नेटवर्क और सटीक रणनीति के दम पर एनएसयूआई (NSUI) के उम्मीदवार विजय शंकर मीणा को पटखनी देकर डूसू प्रेसिडेंट की कुर्सी अपने नाम कर ली है। आइए जानते हैं कि इंटरनेशनल स्पोर्ट्स के मैदान से निकलकर छात्र राजनीति के शिखर तक पहुंचने वाले यश डबास कौन हैं और उन्होंने फेक मार्कशीट विवाद के बीच कैसे बाजी मारी।
Yash Dabas Tennis Career: राजनीति में आने से पहले टेनिस कोर्ट पर बनाई पहचान
यश डबास ने छात्र राजनीति में कदम रखने से पहले खेल की दुनिया में अपनी जगह बनाई थी। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी रह चुके हैं। उन्होंने स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया में आयोजित आईटीएफ प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
यश ने खेलो इंडिया, सीबीएसई नेशनल्स, एसजीएफआई नेशनल्स और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया। टेनिस के मैदान पर मुकाबला करने का अनुभव उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा रहा है। उनका चुनावी अभियान भी इस बात पर टिका रहा कि चुनौतियों के सामने पीछे हटने के बजाय लगातार काम किया जाए।
Yash Dabas Education Qualification: खालसा कॉलेज से कानून की पढ़ाई तक
यश डबास दिल्ली के बाहरी इलाके कंझावला के रहने वाले हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने डीयू के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री हासिल की। फिलहाल वह दिल्ली विश्वविद्यालय के बौद्ध अध्ययन विभाग में एमए की पढ़ाई कर रहे हैं।
यानी खेल के साथ-साथ उनकी शैक्षणिक यात्रा भी अलग-अलग क्षेत्रों से होकर गुजरी है। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब वह बौद्ध अध्ययन में उच्च शिक्षा ले रहे हैं।
Yash Dabas ABVP Connection: छह साल से छात्र राजनीति में सक्रिय
यश डबास पिछले करीब छह वर्षों से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी से जुड़े हुए हैं। इस दौरान वह कैंपस में छात्र मुद्दों को उठाने और संगठन की गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। 2026 के डूसू चुनाव में एबीवीपी ने उन्हें अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया। चुनाव में उनका मुकाबला एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा से हुआ। कड़े मुकाबले के बाद यश ने जीत हासिल की और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष बने।
चुनाव के बीच 'फेक मार्कशीट विवाद' क्यों उठे सवाल?
यश डबास का नाम उम्मीदवारों की सूची में सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी कथित मार्कशीट की तस्वीरें वायरल होने लगी थीं। विरोधी छात्र संगठनों ने उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड और अंकों को लेकर सवाल उठाए। यश और एबीवीपी ने इन आरोपों को चुनावी दुष्प्रचार बताया।
संगठन का दावा था कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए विरोधियों ने यह अभियान चलाया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मार्कशीट विवाद पर किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक निष्कर्ष का विवरण नहीं है। इसलिए इस मामले में आरोपों और उनके खंडन को अलग-अलग समझना जरूरी है।
पिंक बूथ से वामिका वैन तक क्या हैं वादे?
यश डबास ने अपने चुनावी अभियान में छात्रों की सुरक्षा और कैंपस की बुनियादी सुविधाओं पर जोर दिया। उनका एजेंडा सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं था। उन्होंने कई योजनाओं का रोडमैप भी सामने रखा। उनके प्रमुख चुनावी वादों में लड़कियों के कॉलेजों के पास पिंक बूथ बनाना, विश्वविद्यालय परिसर में 1,000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाना और छात्राओं की आपातकालीन मदद के लिए 'वामिका' वैन शुरू करना शामिल है।
उन्होंने बढ़ते पीजी किरायों और हॉस्टल की कमी का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा लाइब्रेरी और कैंपस में बेहतर वाई-फाई जैसी सुविधाओं पर काम करने की बात कही।
चार मुद्दों पर केंद्रित था अभियान
यश डबास ने अपने चुनावी अभियान को 'अ-भा-वि-प' मॉडल के चार स्तंभों से जोड़कर पेश किया। इसमें आवास और हॉस्टल, निर्णय प्रक्रिया में छात्रों की भागीदारी, परीक्षा सुधार के जरिए विश्वास कायम करना और रोजगार के बेहतर अवसर जैसे मुद्दे शामिल थे।
उनका कहना था कि छात्रों की रोजमर्रा की दिक्कतों पर काम करना छात्रसंघ की प्राथमिकता होनी चाहिए। अब अध्यक्ष बनने के बाद इन वादों को लागू करना उनके सामने अगली चुनौती होगी।