Driving License Rules Changes : भारत के लोगों और विदेशी नागरिकों के लिए होंगे अलग-अलग रंग वाले ड्राइविंग लाइसेंस, नियमों में कई बड़े बदलावों की तैयारी

Published on 23 अक्टू॰ 2026

Driving License Rules Changes : भारत सरकार अपने नागरिकों और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग के ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की योजाना बना रही है। इसके साथ ही, उम्र और पते के सबूत के तौर पर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने दिए जाने वाले शपथ-पत्र (एफिडेविट) की जरूरत को भी खत्म करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, ड्राइविंग लाइसेंस पर धारक का ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क नंबर (इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर) दर्ज होना अनिवार्य किया जाए। ये प्रस्ताव सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने ‘केंद्रीय मोटर वाहन नियमों’ में संशोधन के मसौदे में दिये हैं।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने ‘केंद्रीय मोटर वाहन नियमों’ में संशोधन के मसौदे में प्रस्ताव में कहा गया है कि “लाइसेंसिंग अथॉरिटी द्वारा जारी या रिन्यू किया गया हर ड्राइविंग लाइसेंस ‘फॉर्म 7’ के तहत एक लैमिनेटेड या पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) कार्ड के रूप में होगा। इस फॉर्म में भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग फॉर्मेट होंगे।” मंत्रालय ने दुरुपयोग को रोकने के लिए उम्र और पते के प्रमाण के तौर पर शपथ-पत्र (एफिडेविट) और जीवन बीमा पॉलिसियों को स्वीकार करने का भी प्रस्ताव दिया है। इसमें सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल असेसमेंट के लिए पास होने की सीमा को 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। साथ ही, आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए पूरी की जाने वाली कुछ ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं के लिए फीस माफ करने का भी सुझाव दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में ये बदलाव असेसमेंट की शर्तों को और सख्त बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

मंत्रालय ने मसौदे में प्रस्ताव रखा है कि सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़ा ट्यूटोरियल कम से कम 30 मिनट का होना चाहिए। इस प्रस्ताव के तहत, लाइसेंसिंग अधिकारियों को ड्राइविंग लाइसेंस के विवरण (जैसे नाम और पता) में बदलाव के आवेदनों को 15 दिनों के भीतर मंजूर या नामंजूर करना होगा। यदि आवेदन नामंजूर किया जाता है, तो उसका कारण भी बताना होगा। इसमें आवेदक के नाम और पते जैसी व्यक्तिगत जानकारी में बदलाव के लिए लगने वाले शुल्क को हटाने का भी प्रस्ताव है। नियमों के इस मसौदे में उन दस्तावेजों का भी उल्लेख है, जिनका इस्तेमाल आवेदक अपनी पहचान, उम्र और निवास के प्रमाण के तौर पर कर सकते हैं।

इस सूची में आधार, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज शामिल हैं। प्रस्ताव के तहत, लाइसेंसिंग अथॉरिटी द्वारा जारी या नवीनीकृत किया जाने वाला प्रत्येक ड्राइविंग लाइसेंस, ‘फॉर्म 7’ में एक लैमिनेटेड या पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) कार्ड के रूप में होगा। इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में संबंधित पक्षों से इसके प्रकाशन के 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

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