मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने आईजी साइबर सेल को प्रमोट कर एडीजी बनाया है। इसके बाद आईजी साइबर सेल निरंजन बी वायंगणकर अब एडीजी साइबर सेल होंगे। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय की रिव्यू डीपीसी में कार्यवाहक रक्षित निरीक्षक बनाए गए 169 सूबेदार में से सिर्फ 30
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दूसरी ओर, यही स्थिति कार्यवाहक निरीक्षक और सब इंस्पेक्टर की पदोन्नति के मामले में भी सामने आई है। पीएचक्यू ने विभागीय जांच, कोर्ट केस और सजा के बाद भी प्रमोट किए गए 78 निरीक्षकों को डिमोट कर दिया है। अब ये वापस पुराने पद पर कार्य करेंगे।
विभागीय जांच या कोर्ट केस बना आधार
जिन कार्यवाहक निरीक्षकों, उपनिरीकों को पदोन्नति कर निरीक्षक बनाया गया था और विभागीय जांच लंबित होने या आपराधिक प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण उन्हें पदावनत (डिमोशन) किया है।

इनके अलावा संजय सिंह धुर्वे पीटीसी सागर, अनिल कुमार मालवीय आगर मालवा, नरपत सिंह धुर्वे जबलपुर, रवि शंकर कौशल शिवपुरी, शशि कुमार जाटव मुरैना, रंजीत सिंगार रतलाम, बलविंदर सिंह ढिल्लो ग्वालियर, वंदना लकड़ा भोपाल अर्बन, दीप्ति चौहान तोमर ग्वालियर, अरुण मेश्राम छिंदवाड़ा, सरोजिनी टोप्पो जबलपुर, नीलेश अवस्थी नीमच, दर्शन शुक्ला मुरैना, आकांक्षा शर्मा राजगढ़, संजीव कुमार त्रिपाठी जबलपुर, शाहबाज खान भोपाल और नरेंद्र बहादुर सिंह उज्जैन, रमेश कुमार नर्रे सिवनी, सीताराम सोलंकी बुरहानपुर, सुरेंद्र कनेश बड़वानी, विकास सिंह अनूपपुर, नरेंद्र कुमार स्वर्णकार ग्वालियर, अमित मिश्रा पीटीएस तिघरा, कृपाल सिंह राठौर शिवपुरी, पप्पू सिंह यादव श्योपुर, धीरेश धारवाल खंडवा, जितेंद्र सिंह मावई राजगढ़स अनिम टोप्पो पीटीएस इंदौर, नरेंद्र गोयल रायसेन, श्याम सिंह बदले खंडवा, संगीता शर्मा राजगढ़, साधना कठेल मैहर, मनीषा दांगी देवास, सपना जैन दतिया, नम्रता तोमर शिवपुरी, विजय कुमार त्रिपाठी रायसेन, रघुवीर सिंह धाकड़ राजगढ़, केसरबाई राजपूत शाजापुर, संजय खलखो अनूपपुर, प्रहलाद सिंह दलोदिया आगर मालवा तथा मोहित लाल सोनवानी पीटीएस उमरिया में पदस्थ हैं।
13 जुलाई को जारी हुआ था प्रमोशन आदेश
पदोन्नत किए गए कार्यवाहक निरीक्षक उप निरीक्षक को पुलिस मुख्यालय के आदेश पर 13 जुलाई 2026 को प्रमोशन देने का आदेश जारी किया था। इसके इसके बाद यह बात सामने आई कि इन निरीक्षकों के खिलाफ दंड का प्रभाव होने या विभागीय जांच लंबित होने या आपराधिक प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने की स्थिति है, इसलिए इन उपनिरीक्षक और कार्यवाहक निरीक्षकों को निरीक्षक के पद पर दी गई पदोन्नति निरस्त कर दी गई है। इसके अलावा जिन अन्य उपनिरीक्षको को निरीक्षक पद पर पदोन्नति दी गई थी उनकी पदस्थापना और पदोन्नति यथावत रखी गई।